अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो 15 अक्टूबर से यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाला एमडीआर चार्ज रुक सकता है. अगर ऐसा होता है तो यह सिलीगुड़ी समेत देश भर के व्यापारियों के लिए त्यौहारों का एक बड़ा गिफ्ट हो सकता है.
जैसा कि आप जानते हैं कि ₹2000 से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर एमडीआर चार्ज लगाने की बात कही गई है और यह 15 अक्टूबर से लागू होने की बात है. लेकिन इसी बीच कुछ ऐसी बातें सामने आई है, जिसके बाद व्यापार जगत में चर्चा शुरू हो गई है. व्यापारी वर्ग के लोग एक दूसरे से सवाल कर रहे हैं. क्या एनपीसीआई 15 अक्टूबर से लगने वाले यूपीआई ट्रांजैक्शन चार्ज पर पुनर्विचार कर रही है?
दरअसल देश के व्यापारियों के विभिन्न संगठनों ने एनपीसीआई को एक अनुरोध पत्र भेजा है. इसमें व्यापारियों के द्वारा कहा गया है कि त्यौहारों का सीजन शुरू हो रहा है. व्यापार पहले से ही ठंडा है. ऐसे में त्यौहारों के बाजार से उम्मीद रहती है. उन्होंने एनपीसीआई से अनुरोध किया है कि 15 अक्टूबर से ₹2000 से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाल एमडीआर चार्ज को त्यौहारों तक रोक दिया जाए.
इसका मतलब यह होता है कि दशहरा, दीपावली, क्रिसमस तक यानी दिसंबर तक यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाले चार्ज से व्यापारियों को राहत दी जाए. सूत्रों ने बताया कि अनेक व्यापारिक संगठनों ने अलग-अलग तरीके से सरकार और एनपीसीआई पर दबाव बनाने की कोशिश की है.
सूत्र बता रहे हैं कि एनपीसीआई ने व्यापारिक संगठनों के अनुरोध को सकारात्मक रूप से लिया है. हालांकि अभी तक एनपीसीआई की ओर से व्यापारियों को कोई पुख्ता आश्वासन नहीं दिया गया है. एनपीसीआई की ओर से इस पर फैसला करने की बात कही जा रही है. जानकार और विशेषज्ञ मानते हैं कि एनपीसीआई का संभावित फैसला व्यापारियों के लिए राहत भरा हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो त्यौहारों के मौसम में व्यापारियों को भारी राहत मिलेगी.
आमतौर पर देखा जाता है कि दुर्गा पूजा हो या दीपावली या कोई भी त्यौहार हो, अधिकतर उपभोक्ता शॉपिंग करते समय यूपीआई से लेनदेन करना अधिक पसंद करते हैं. एक तो बाजार में नगदी की कमी है और दूसरे में खुले पैसे गायब हैं. ऐसे में यूपीआई से भुगतान करना अधिक सरल और सहज हो गया है. क्योंकि ग्राहकों द्वारा यूपीआई भुगतान पर तो पहले से ही कोई चार्ज नहीं लग रहा है. इसलिए वह शॉपिंग करते समय यूपीआई का ही व्यवहार करेंगे.
जबकि दूसरी तरफ व्यापारियों को ग्राहकों से यूपीआई से भुगतान स्वीकार करने में दिक्कत है. क्योंकि ₹2000 से अधिक के बिल पर अगर ग्राहकों का यूपीआई भुगतान स्वीकार करते हैं तो उन्हें अतिरिक्त चार्ज देना पड़ेगा. यह अधिकतम ₹300 हो सकता है. व्यापारी यह नहीं चाहते हैं और इसीलिए वे एनपीसीआई के प्रस्तावित यूपीआई पेमेंट नियमों का विरोध कर रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री से भी आग्रह किया है.
व्यापारिक संगठनों ने वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि त्यौहारों के मौसम को देखते हुए एमडी आर लगाने के फैसले को कम से कम 6 हफ्तों के लिए टाल दें. अर्थात व्यापारी चाहते हैं कि सरकार प्रस्तावित नियमों को 1 जनवरी 2027 से लागू करे. इस तरह से एनपीसीआई तथा वित्त मंत्री पर व्यापारिक संगठनों का दबाव बढ़ता जा रहा है.
हालांकि सरकार की ओर से अभी इस बारे में कोई संकेत नहीं मिला है और ना ही कोई अधिकृत जानकारी. परंतु यह चर्चा शुरू हो गई है कि शायद एनपीसीआई 15 अक्टूबर से यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाल एमडीआर चार्ज को अगले साल तक के लिए टाल दे.
आपको बताते चलें कि एनपीसीआई ₹2000 से ऊपर के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4% का एमडीआर चार्ज वसूल करेगा. अगर कोई ग्राहक 75 हजार रुपए से ऊपर की खरीदारी करता है, तो ऐसे में दुकानदार को अतिरिक्त ₹300 का भुगतान करना पड़ सकता है. यहां आपको यह भी बता दें कि रेलवे टिकट, टेलीकॉम ,बीमा, ईंधन, कृषि उपकरण इत्यादि की खरीददारी पर अगर भुगतान ₹2000 से ऊपर का हुआ तो केवल ₹5 का ही एमडीआर चार्ज लगेगा. यह चार्ज दुकानदार देगा.
