सिलीगुड़ी और आसपास के अनेक जमीन कारोबारियों ने ठाकुरगंज के ग्रामीण क्षेत्रों में गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे परियोजना के मद्देनजर जमीन पर भारी निवेश किया था. उन्हें लग रहा था कि प्रस्तावित मार्ग पर एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने पर यहां व्यापार और उद्योग का विस्तार होगा और उन्हें भारी कमाई होगी. लेकिन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक झटके में ही उनके सपने बिखर दिए हैं. अब वे सर पर हाथ धरकर बैठ गए हैं. सूत्रों ने बताया है.
गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है. इस परियोजना से एक तरफ ग्रामीण अंचलों का भाग्य उदय होने जा रहा है तो दूसरी तरफ बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ने से व्यापार का क्षेत्र भी प्रशस्त होने जा रहा है.
जानकारों का मानना है कि बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार को आपस में जोड़ने वाला यह आर्थिक गलियारा, सिलीगुड़ी और सीमांचल के कृषि उत्पादों को देश की मुख्य मंडियों तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगा. हालांकि गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे परियोजना के एलाइनमेंट में बड़ा बदलाव किए जाने से निवेशकों को झटका भी लगा है.
पहले इसके लिए जो मार्ग निर्धारित किया गया था, उसमें बदलाव किया गया है. यह पश्चिम से पूर्व की ओर थोड़ा ले जाया गया है. इससे बंगाल के ग्रामीण अंचलों को काफी फायदा होगा. वहीं सीमांचल के नए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्योग का विकास होने जा रहा है. हालांकि उन निवेशकों को जरूर झटका लगा है, जो जमीन पर निवेश कर चुके थे.
लगभग 37500 करोड रुपए की लागत से बन रही गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे परियोजना का मार्ग अब सिलीगुड़ी के निकट सीमांचल में स्थित ठाकुरगंज के पश्चिमी हिस्से के बजाय पूर्वी क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जिसके परिणाम स्वरूप पश्चिम क्षेत्र की भूमि पर निवेश करने वालों को जरूर झटका लगा है.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा तकनीकी टीम के द्वारा नए संशोधित एलाइनमेंट जारी कर दिया गया है.लगभग 550 किलोमीटर लंबा यह गलियारा ठाकुरगंज के पश्चिमी भाग तथा पौव्वा खाली के उत्तर दिशा के बजाय पूर्वी इलाके की कड़ियों को छूने जा रहा है. सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों से इन क्षेत्रों में निवेश करने वाले व्यापारियों के गणित को झटका लगा है. सूत्रों ने दावा किया है कि सिलीगुड़ी के बड़े-बड़े जमीन कारोबारियों का इसमें पैसा लगा है. अब वे औंधे मुंह गिरे हुए हैं.
एलाइनमेंट में बदलाव के फलस्वरूप यह एक्सप्रेस वे पौव्वा खाली, और खानाबाड़ी के दक्षिणी हिस्से से आगे बढ़ते हुए कोईमारी, कुमहार टोली, सरायकुड़ी, करूं आमदनी, बारचौंदी ,कुंजी मारी और चक्कर मारी होते हुए दोगछी पहुंचेगा. इसके बाद यह बेलबाड़ी और मुरलीडांगी के बीच से गुजरते हुए कैथल डांगी पेट्रोल पंप और हैदर नगर के बीच से KTTG रोड को पार करेगा. वहां से मुंशीबीटा, बाबुल दांगी और कौवाभीटा के समीप से होते हुए यह बंगाल क्षेत्र में प्रवेश कर जाएगा.
