July 6, 2026
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बंगाल का रूह को भी कंपकपा देने वाला बारूई कांड: क्या है पूरी घटना? देखिए ‘हवसी भेड़िए’

आज पूरे बंगाल में दक्षिण 24 परगना के बारूईपुर में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की गूंज सुनाई पड़ रही है. यह एक ऐसा हौलनाक कांड है, जिसने पश्चिम बंगाल की राजनीति को भी गरमा दिया है. बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. जो घटनाक्रम प्रकाश में आया है, उसे जानने और सुनने के बाद लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है.

अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जो जानकारी सामने आई है, वह दिल दहला देने वाली है. लगभग 11 12 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसे जिंदा बोरी में भरकर तालाब में फेंक दिया गया था. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की वह तस्वीर सामने आई है, जो लोगों की रूह को भी कंपकंपा देती है. रविवार को बारूईपुर कांड की बच्ची के शव का आटोप्सी किया गया था.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अनुमान लगाया गया है कि अपनी हवस को मिटाने के बाद दरिंदों ने सबूत मिटाने के लिए बच्ची को जीवित अवस्था में बोरे में भरा और उसे तालाब में फेंक दिया. हालांकि दरिंदगी के बाद ही बच्ची बेहोश हो गई थी. आटोप्सी रिपोर्ट में बच्ची के सिर पर घाव का उल्लेख किया गया है. समझा जाता है कि यह घाव सर पर किसी चीज से चोट करने या हाथ से घूसा मारने से हुआ होगा. बच्ची के शरीर के प्राइवेट पार्ट पर भी चोट के निशान हैं.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एंटी मार्टम ड्राउनिंग की बात कही गई है. इसका मतलब यह है कि लड़की के सिर पर चोट लगने के बाद उसे तालाब में फेके जाने तक बच्ची जिंदा थी. बाद में उसके पेट और फेफड़ों में पानी चला गया, जिससे उसकी मौत हो गई. यह घटना काफी विचलित करने वाली है.

लोग कितने गुस्से में हैं, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि जहां यह कांड हुआ था, वहां के स्थानीय लोगों ने एक युवक की इसलिए पीट-पीट कर हत्या कर दी, क्योंकि युवक आरोपियों के साथ देखा गया था. लोग इस कदर गुस्से और उत्तेजना में थे कि लोगों ने कानून हाथ में ले लिया. मौके पर पहुंची पुलिस को भी पीछे हटना पड़ा. बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद यह पहला ऐसा कांड है, जिसकी गूंज पूरे बंगाल में सुनाई पड़ रही है.

बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से लेकर अग्निमित्र पाॅल तथा दूसरे भाजपा नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि दोषी लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. अगर शासन प्रशासन के अधिकारी दोषी होंगे तो वह भी नपे जाएंगे. लेकिन इंसाफ होकर रहेगा और पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाकर रहेंगे. सुबेंदु अधिकारी ने पीड़िता के परिजन को कोलकाता बुलाया है.

आपको बता दे कि यह घटना विगत शनिवार की है. शाम के समय बच्ची अपने घर से किसी काम से बाहर निकली थी. शायद वह कुछ शॉपिंग करने गई थी. कदाचित उसकी किसी फ्रेंड की बर्थडे पार्टी थी. जिसके लिए वह गिफ्ट लेने बाजार गई थी. लेकिन जब काफी देर हो गई तो घर वालों को चिंता होने लगी. उन्होंने बच्ची को आसपास में ढूंढा. फिर घर वालों को पता चला कि उनकी बच्ची को रास्ते में चार लोग जबरन उठा ले गए थे.

रात भर घर वाले परेशान रहे. बच्ची को अपने रिश्तेदारों और पास पड़ोस में ढूंढते रहे. किसी तरह रात आंखों में ही काटी.अगली सुबह कुछ लोग सुबह सवेरे गांव के तालाब की ओर जा रहे थे. तभी उन्हें तालाब के पानी में तैरती हुई बोरी नजर आई. जब उसे खोल कर देखा गया तो लोगों की चीख निकल गई. उसमें उसी बच्ची की लाश थी, जिसकी तलाश में रात भर पूरा गांव लगा था.

बच्ची के शव की हालत देखने से ही पता चल जाता था कि उसके साथ वहशियाना तरीके से रेप किया गया था. उसके शरीर पर जख्मों के अनेक निशान थे. उसके सर पर चोट के निशान थे. इसके अलावा बच्ची का पूरा शरीर खून से नहाया हुआ था. इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों का गुस्सा भडक उठा. उन्होंने एक युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी. युवक आरोपियों के साथ देखा गया था.

प्रदर्शनकारियों ने इस घटना के विरोध में सड़क और रेलवे ट्रैक जाम कर दिया. सियालदह नामखाना रेल मार्ग पर लगभग 1 घंटे तक रेल सेवा बाधित रही. जबकि सड़क अवरोध लगभग 5 घंटे तक जारी रहा. प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी पथराव शुरू कर दिया. बाद में भारी संख्या में पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया. स्थिति नियंत्रण के लिए पुलिस को लाठी चार्ज भी करना पड़ा.

इस घटना की जांच के लिए 6 सदस्यों का एक विशेष जांच दल बनाया गया है. परिजनों की ओर से थाने में चार युवकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. उनमें से पुलिस में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फोन पर पीड़िता के माता-पिता से बात की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है. उन्होंने कल पीड़ित परिवार को पुलिस मुख्यालय बुलाया है.

इस पूरे मामले पर आइजी प्रेसीडेंसी रेंज कंकर प्रसाद बारूई ने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. देखना होगा कि बाकी आरोपी कब तक गिरफ्तार होते हैं और पुलिस की रिपोर्ट तथा मृतका की अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्या कहती है. सबसे बड़ा सवाल है कि क्या पीड़िता को न्याय मिल पाएगा? और कब तक उसे न्याय मिलेगा? हालांकि भाजपा सरकार ने इस पूरे मामले पर कड़ा रूख अपनाया है. इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि जल्द ही इस घटना की बाकी परतों पर से पर्दा उठ जाएगा.

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