घर बनाने में समय,श्रम और पैसा भी लगता है. लेकिन जब वही घर बनकर तैयार हो जाता है, तो घर मलिक अपना सारा कष्ट भूल जाता है.दूसरी तरफ बना बनाया घर एक झटके में गिरा दिया जाता है तो उतना ही दुख भी होता है. बंगाल की मां माटी और मानुष की आशा और आकांक्षाओं के अनुरूप ममता बनर्जी ने जिस पार्टी को खड़ा किया था, उसे सींचकर परवान चढ़ाया, आज उनका वही घर उजड़ गया प्रतीत होता है. यह सब उनकी आंखों के सामने हो रहा है और वह इतनी बेबस हो गई है कि अपना घर उजड़ते देखने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं रह गया है.
अब काफी विलंब हो चुका है भाई को मुंह की शिकार ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में कोलकाता से लेकर दिल्ली तक घमासान मचा हुआ है लोकसभा में अभिषेक का पद चीन की बागी नोट की तैयारी चल रही है टीएमसी का बागी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर अपनी भविष्य की रणनीति को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है टीएमसी के बागी घुटने हिंदी सरकार को समर्थन देने का भी फैसला कर लिया है बॉलीवुड में 20 टीएमसी सांसदों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है बागी घुटने ऐलान किया है कि लोकसभा में अभिषेक बनर्जी नहीं बल्कि काकोली घोष पार्टी की ओर से सदन की नेता होगी
सोमवार को दिल्ली में एक पर एक कई राजनीतिक घटनाक्रम हुए टीएमसी के 14 लोकसभा सांसदों ने भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के घर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मिले उनके बीच मीटिंग भी हुई मीटिंग खत्म होने के बाद वरिष्ठ टीएमसी सांसद काकोली घोष इंडस्ट्री डरने दास दीदार ने मीडिया के सामने दावा किय किया कि टीएमसी के लगभग 20 सांसद एनडीए सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं उन्होंने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सूचना भी दे दी है
वर्तमान में टीएमसी के 28 लोकसभा सांसद और 12 राज्यसभा सांसद हैं संविधान के अनुसार टीएमसी के सांसदों के द्वारा अलग भूत बनाने के लिए कम से कम 12 सांसद चाहिए जबकि बागी घुटने दावा किया है कि उनके साथ 20 टीएमसी सांसद हैं जो उनका समर्थन करेंगे भाभी भूत की ओर से बागी गो की ओर से काकोली घोष ने दावा किया है कि उन्होंने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेज दिया है इस पत्र में भाग सांसदों की ओर से एनडीए सरकार को समर्थन करने का की इच्छा व्यक्त की गई है
ममता बनर्जी अभी दिल्ली में थी और वह इंडिया ब्लॉक के राजनीतिक दलों की मीटिंग में शामिल हुई थी काकोली घोष ने मीडिया के सामने कहा कि अभिषेक बैनर्जी लोकसभा में टीएमसी के नेता हैं लेकिन उनके पास संख्या बल नहीं है संख्या बल बागी गुट के पास है और बाकी अच्छा की नेता काकोली घोष है इसलिए सदन के नेता काकोली घोष को होना चाहिए यह सारा खेल राज्य विधानसभा की तरह ही दिल्ली में खेला गया है बता दें कि राज्य विधानसभा में 60 टीएमसी विधायकों के भूत को भाजपा सरकार ने मान्यता दे दी है इस गो के नेता हैं हरित व्रत बनर्जी दि
दिल्ली में भी ऐसा ही खेल खेला गया है ममता बनर्जी जब बंगाल की मुखिया थी तो वह अक्सर अपने भाषणों में खेल होने की बात करती थी खासकर चुनाव के समय लेकिन समय का तख्ता ऐसी पलटा की अब उनके साथ ही खेल शुरू हो गया है और वह इस कदर मजबूर है कि इस खेल को चक्र भी रोक नहीं सकती हैं यह घटनाक्रम यह भी दर्शाता है कि ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी धीरे-धीरे सुनने की ओर जा रही है बुजुर्गों ने कहा है कि सत्ता और पैसे का घमंड कभी नहीं करना चाहिए क्योंकि यह स्थाई होता नहीं है जो लोग बुजुर्गों की सीख को भूल जाते हैं उनका हाल ऐसा ही होता है
ऐसा प्रतीत होता है कि एनडीए का कुनबा बैठने वाला है बढ़ाने वाला है भारतीय जनता पार्टी इसी मौके की तक में थी कहीं ना कहीं भाजपा अपनी रणनीति में सफल रही है टीएमसी में असंतोष तो पहले से ही था लेकिन विधानसभा चुनाव में पार्टी की खिलाड़ी हर और उसके बाद विधानसभा में शोभन देव को विपक्ष का नेता बनने की ममता बनर्जी की आनंद-खनन में की गई तैयारी उन पर भारी पड़ी है यहीं से टीएमसी में अभी खराब शुरू हुआ पहले राज्य में और अब दिल्ली में भी यह दिखने लगा है धीरे-धीरे बागी सांसदों की भड़ास भी सामने आने लगी है यह बागी सांसद ममता बनर्जी के समय में उनके सामने बोलने की हिम्मत नहीं कर सकते थे आज भी उन्हें आंखें दिखा रहे हैं ममता बनर्जी का ध्यान फिलहाल इंडिया ब्लॉक को एग्जिट करने और लोकसभा चुनाव में एनडीए खासकर बीजेपी को गिरने का है लेकिन ममता बनर्जी जी स्थिति में पहुंच चुकी है वहां इंडिया ब्लॉक में उन्हें कितनी अहमियत मिलेगी यह तो भविष्य ही बताएगा. क्योंकि चढते सूरज की सभी पूजा करते हैं. ममता बनर्जी का सूरज अस्त हो चुका है.
