सिलीगुड़ी: रात होते ही रेत और पत्थरों से लदे बड़े-बड़े ट्रैकों का आवागमन सिलीगुड़ी के विभिन्न इलाकों में होने लगता है | देखा जाए तो शहर के प्राय मुख्य सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं लेकिन इसके बावजूद बालू तस्करी जारी है |
सवाल यह उठता है कि, मुख्यमंत्री ने नदी से खनन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि,नदी से अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लेकिन मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद पुलिस नदी से अवैध खनन पर लगाम कसने में असफल हो रही है |
बालू तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने ‘हाथी के दांत दिखाने के अलग और खाने के अलग होते हैं’ जैसे कहावत को फिर याद दिला दिया है, क्योंकि लगातार छापेमारी, गश्ती और शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे के बावजूद बालू तस्कर अपना सीना चौड़ा कर नदियों से खनन कर रहे हैं और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं | सिलीगुड़ी की जीवन रेखा महानंदा नदी है, तो फिर इस जीवन रेखा से बड़े पैमाने में बालू माफिया खनन कर अपने जेब कैसे भर रहे हैं ? लेकिन यह खनन जारी है जिसकी पुष्टि इस वीडिओ द्वारा किया जा सकता है |
सिलीगुड़ी के शालुगादा, तोरीबाड़ी, डिम डिमा बस्ती जैसे कई इलाकों में ऐसे भू माफियाओं का दबदबा बना हुआ है जहां पर बेफिक्र होकर यह भू माफिया नदी से खनन कर असंख्य बड़े-बड़े डंपर और ट्रैकों द्वारा अवैध बालू और रेतों की तस्करी सिलीगुड़ी के विभिन्न इलाकों के अलावा बाहरी इलाकों में भी करते हैं | इतने बड़े पैमाने में नदियों से खनन होने के बावजूद पुलिस , बीडीओ, बीएलआरओ,एसडीएलएलआरओ को इसकी भनक तक नहीं |
सूत्रों से जानकारी मिली है कि, 2016 में बालासन नदी पर कुछ घाटों में अनुमति और पूरे दार्जिलिंग जिले में सात घाटों को एनओसी मिली हुई है लेकिन इसके बावजूद नदियों से बेतहाशा खनन जारी है |
लेकिन वर्तमान में ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश अनुसार कई घाटों में खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, क्योंकि वह घाट ग्रीन जोन और इको-सेंसिटिव जोन के अंतर्गत आते हैं |
बता दे कि, सिलीगुड़ी व आसपास के क्षेत्रों में नदियों द्वारा किए जा रहे खनन की जानकारी जैसे ही मुख्यमंत्री को मिली उन्होंने कड़ा एक्शन लेते हुए नदियों पर हो रहे अवैध खनन पर प्रतिबंध लगा दिया, वहीं राज्य की मुख्यमंत्री के आदेश अनुसार पुलिस नदियों से हो रहे अवैध खनन को लेकर सतर्क है, लेकिन पुलिस जिस लचीलेपन से कार्रवाई कर रही है उसमे पुलिस अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने में फेल हो रही है | उसके विपरीत पुलिस को अनदेखा कर बालू तस्कर बड़े पैमाने में महानंदा और बालासन नदी से खनन कर रहे है और अपनी जेबें भर रहें हैं |
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