अगर आप इस महीने बैंक संबंधित किसी कार्य का समाधान अब तक प्राप्त नहीं कर सके हैं अथवा बैंक का कोई काम कराना है तो देर मत कीजिए. आज ही अपना अटका हुआ काम पूरा करवा लें. क्योंकि बैंक में एक दिन की हड़ताल से 5 दिनों तक ग्राहकों का कोई कार्य नहीं होगा. ऐसे में आप मुश्किल में पड़ सकते हैं.
हो सकता है कि आपको यह अटपटा लग रहा होगा कि एक दिन की बैंक हड़ताल से क्या 5 दिनों तक बैंकों का कोई काम नहीं होगा? तो यह बात बिल्कुल सही है. हड़ताल एक ही दिन की होगी, लेकिन बैंक पांच दिनों तक बंद रहेंगे. बैंकों में पांच दिनों तक कोई काम नहीं होगा. यह कैसे? तो आपको बता दें कि महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक की छुट्टी रहती है. चौथा शनिवार 24 जनवरी को है. उस दिन बैंक का कोई काम नहीं होगा.
23 जनवरी को देश भर में नेताजी की जयंती मनाई जाएगी. उस दिन बसंत पंचमी भी है. पश्चिम बंगाल में 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और बसंत पंचमी के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे. 24 जनवरी को चौथा शनिवार है. इसलिए उस दिन भी बैंक बंद रहेंगे. 25 जनवरी को रविवार है. रविवार को बैंक बंद रहता है. उसके बाद 26 जनवरी गणतंत्र दिवस है. गणतंत्र दिवस पर बैंक और सभी सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं. जबकि 27 जनवरी को पूरे देश भर में बैंक कर्मचारियों की एक दिन की हड़ताल होने जा रही है. इसलिए उस दिन भी ग्राहकों का कोई काम नहीं होगा.
इस प्रकार से बैंकों में लगातार 5 दिनों तक कोई काम नहीं होगा. ऐसे में 23 जनवरी से पहले ही आपको अपने बैंक संबंधित कार्य निपटा लेना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है तो आपका अधूरा कार्य 5 दिनों तक पेंडिंग में रहेगा. बैंक निकासी, चेक अथवा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का निराकरण बैंकों में 5 दिनों की लगातार छुट्टी को ध्यान में रखते हुए समय से करा लें.
आपको बता दें कि 27 जनवरी को सभी सरकारी बैंक, निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों का काम काज प्रभावित होगा. बैंक हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस के घटक संगठनों के द्वारा किया गया है. संगठनों की ओर से हफ्ते में 5 दिन काम की मांग की जा रही है. यानी बैंक कर्मी शनिवार और रविवार 2 दिन अवकाश चाहते हैं.
हालांकि 12वें द्विपक्षीय वेतन पुनरीक्षण के दौरान इंडियन बैंक एसोसिएशन ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह पर सहमति व्यक्त करते हुए प्रस्ताव को अंतिम निर्णय के लिए भारत सरकार को भेजा था. लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. बैंक कर्मियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना, आईडीबीआई बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और जीवन बीमा कंपनियों के विनिवेश पर रोक, बैंकों में रेगुलेटेड ऑफिस आवर तथा पेंशन के अपडेशन जैसे मुद्दे शामिल हैं.

