कदाचित आपको यकीन नहीं होगा कि सिलीगुड़ी में एक ऐसा स्थान है, जिसे टीएमसी ने अपनी चुनावी रणनीति का केंद्र बनाया है. टीएमसी को पूरा भरोसा है कि उसकी रणनीति सफल होगी और उत्तर बंगाल में उसकी विजय पताका फहरायी जाएगी. टीएमसी जानती है कि उत्तर बंगाल भाजपा का गढ है लेकिन इसके बावजूद पार्टी की रणनीति कुछ इस तरह से बनाई गई है कि माहौल तृणमूलमय हो जाएगा और इसका लाभ पार्टी को मिलेगा. आप जानना चाहेंगे कि टीएमसी की वह रणनीति क्या है और वह स्थान सिलीगुड़ी में कहां है, जो पूरे राज्य में चर्चा का केंद्र होगा.
यह स्थान कोई और नहीं बल्कि सालूगाड़ा है, जो प्राकृतिक परिवेश से संपन्न और कोलाहल से मुक्त रहता है. लेकिन यह जल्द ही राजनीतिक शोर शराबे और गहमागहमी में पनाह लेने वाला है. यहीं से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उत्तर बंगाल फतह करने के लिए शंखनाद करेगी. इस बार उत्तर बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच लड़ाई किसी युद्ध से कम नहीं होगी. यही कारण है कि टीएमसी ने सालूगाडा को अपनी चुनावी रणनीति का केंद्र बनाया है. यहां एक अस्थाई हेलिपैड का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जब भी उत्तर बंगाल का दौरा करेगी तो उनका हेलीकॉप्टर इसी हेलीपैड पर उतरेगा. इसका ट्रायल रन भी पूरा कर लिया गया है और यह सफल भी रहा. इस हेलीपैड के निकट ही एक होटल है, जो उत्तर बंगाल की चुनावी बेस कैंप या कंट्रोल रूम के रूप में टीएमसी इस्तेमाल करने वाली है. आजकल यह सुर्खियों में है. क्योंकि यहां प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है. और प्रशासनिक अधिकारियों की भाग दौड़ भी बढ़ गई है.
यहां दो दिनों से गहमागहमी बढ़ गई है. लोक निर्माण विभाग के लोग, अधिकारी, पुलिस अधिकारी, दमकल विभाग सब सक्रिय हैं. यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जब मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरेगा तो उसके बाद उनकी सुरक्षा घेरा क्या होगा और आपातकाल स्थितियों मे उससे कैसे निबटा जा सकता है. हालांकि टीएमसी की ओर से अभी इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. परंतु संकेतों से पता चलता है कि टीएमसी की राजनीति व रणनीति काफी अलग होगी और दमदार होगी.
