यह तो बड़ी अच्छी बात है कि आप किसी डॉक्टर के क्लीनिक में जाएं और अभिवादन की जगह पर जय श्री राम बोले! इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि भगवान का नाम भी ले लिया और आपकी फीस ₹500 तक माफ हो सकती है. हालांकि सिलीगुड़ी में अभी तक तो किसी भी डॉक्टर ने ऐसा ऑफर नहीं निकाला है.
पर सिलीगुड़ी में शायद ऐसा डॉक्टर कम मिले, पर बंगाल में एक डॉक्टर जरूर हैं, जो एक प्रख्यात हृदय रोग चिकित्सक हैं. यह डॉक्टर साहब जय श्री राम बोलने से आपकी आधी फीस माफ कर देंगे. आप भी जानना चाहेंगे कि यह डॉक्टर कौन हैं और कहां रहते हैं?
कदाचित ऐसा पहली बार देखा जा रहा है, जब डॉक्टर धर्म के आधार पर रोगी का इलाज करते समय फीस का निर्धारण करते हैं. डॉक्टर को भगवान का स्वरूप माना गया है. और भगवान का स्वरूप इसलिए कि डॉक्टर रूपी भगवान किसी मरीज के साथ भेदभाव नहीं कर सकते. मरीज चाहे किसी भी धर्म का हो, डॉक्टर के लिए एक मरीज है.
लेकिन इसी बंगाल में एक डॉक्टर हैं, जिनका नाम डॉ पीके हाजरा है. डॉक्टर पी के हाजरा कोलकाता में एक वरिष्ठ हृदय रोग चिकित्सक हैं. बालीगंज में वह एक प्राइवेट क्लीनिक चलाते हैं.
उक्त डाक्टर भाजपा का कट्टर समर्थक है और जय श्री राम के प्रति उनका लगाव कुछ ऐसा है कि वह इसके लिए नैतिकता और मर्यादा का त्याग भी कर सकते हैं. इस डॉक्टर साहब का एक वीडियो फेसबुक पर वायरल हो रहा है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि कोई भी मरीज उनके क्लीनिक में आकर जय श्री राम बोलता है, तो फीस में 50% की छूट दी जाएगी. उनके द्वारा किए गए पोस्ट में एक qr कोड भी है और इस कोड को उन्होंने जय श्री राम डिस्काउंट कोड बताया है. जो भी मरीज उनके चेंबर में आता है तो जय श्री राम बोलने पर इस कोड को स्कैन करके उनके क्लीनिक में ₹500 की छूट पा सकता है.
जो भी इस पोस्ट को देखता है, वही चकरा कर रह जाता है. कुछ लोग यह कह कर चुटकी लेते हैं कि डॉक्टर साहब ने प्रचार के लिए ऐसा किया है, तो कुछ लोग उन्हें भाजपा का सबसे बड़ा भक्त बताते हैं. डॉक्टर साहब को इससे कोई फर्क नहीं है कि उन्हें कोई क्या कहता है. वे तो सिर्फ यही कहते हैं कि वह जो कर रहे हैं, गलत नहीं कर रहे हैं.
हालांकि डॉक्टर साहब के इस वायरल पोस्ट को लेकर डॉक्टरों की भारी नाराजगी है. इसे लेकर डॉक्टर उनकी आलोचना कर रहे हैं. बात यहां तक कि आईएमए के पास भी पहुंच गई है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की पश्चिम बंगाल शाखा ने डॉक्टर हाजरा की आलोचना करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को किसी राजनीतिक दल को समर्थन करने का अधिकार है. लेकिन एक डॉक्टर को अपने मरीज के धर्म अथवा राजनीतिक सोच के आधार पर भेदभाव करने का अधिकार नहीं है और यह नैतिक रूप से भी गलत है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने डॉक्टर हाजरा को 3 दिन के अंदर जवाब देने को कहा है. अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
लेकिन डॉक्टर हाजरा को इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता है. उनका कहना है कि वह एक भाजपा का कट्टर समर्थक हैं. यह क्यूआर कोड उन्होंने उन मरीजों को ध्यान में रखकर बनाया है, जो भाजपा को समर्थन देते हैं. अगर मैं भाजपा समर्थकों को छूट देता हूं तो यह कतई भेदभाव नहीं है.
प्रमुख हेडलाइंस और अपडेट्स
‘जय श्री राम’ बोलने से आपकी डॉक्टर की आधी फीस माफ हो जाएगी!
- by Ryanshi
- April 15, 2026
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- 2 days ago
