भारत नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में हड़कंप मच गया है. अगर ₹100 से ज्यादा की भारतीय बाजार में खरीदारी की तो अब भंसार शुल्क देना होगा. इस फैसले से आखिर दोनों देशों के सीमावर्ती दुकानदार टेंशन में क्यों है?
कल ही सीमावर्ती इलाकों में माइक से प्रचार और घोषणा कर दी गई. इसके बाद ही भारतीय दुकानदारों के पैरों तले की धरती खिसक गई है. हालांकि नेपाल सरकार के फैसले से केवल भारतीय दुकानदार ही नहीं बल्कि नेपाली दुकानदार भी चिंतित हैं.
सीमा क्षेत्र के अधिसंख्यक लोग रोजमर्रे की जरूरत के लिए एक दूसरे देश के व्यापार और बाजार पर निर्भर करते हैं. जिनको जहां जो सस्ता सामान मिलता है, वहां से वे सस्ता सामान खरीदने जाते हैं. अब ऐसा नहीं होगा.
नेपाल की बालेंद्र शाह सरकार एक पर एक ऐसे फैसले ले रही है जो अक्सर सुर्खियों में आ जाते है. बहुत पहले अनिल कपूर की एक फिल्म आई थी, नायक. फिल्म में नायक एक दिन का सीएम बन जाता है. वह धुंआधार फैसले लेता जाता है. कुछ उसी तर्ज पर बालेंद्र शाह भी फैसला ले रहे हैं. पहले शिक्षा, राजनीति और ट्रैफिक के बाद अब उन्होंने नेपाल में बने उत्पादों पर नेपाल के लोगों का भरोसा बढाने के लिए भारतीय उत्पादों की खरीद पर टैक्स बढा दिया है.
भारत और नेपाल के बीच मित्रता है. दोनों ही देश के लोग एक दूसरे देश में जाकर खरीदारी करते हैं. सिलीगुड़ी के नजदीक पानी टंकी के कारोबारी नेपाल के खरीदारों पर निर्भर करते हैं. कॉकरभीटटा से अनेक लोग और छोटे दुकानदार मेची नदी होकर पानी टंकी पहुंचते हैं और सस्ते में भारतीय उत्पाद खरीद कर लौट जाते हैं.
यहां दुकानों में अधिकतर नेपाली खरीदार मिल जाएंगे. लेकिन अब बालेंद्र शाह की सरकार ने जो बड़ा फैसला लिया है उससे पानी टंकी की दुकानों में नेपाली खरीदारों की तादाद कम हो जाएगी. अगर नेपाल का कोई व्यक्ति सीमावर्ती इलाकों में ₹100 से ज्यादा की खरीदारी करता है तो उसे भंसार देना होगा. यह अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है.
नेपाल सरकार ने फरमान जारी कर दिया है कि अगर नेपाल का कोई नागरिक भारत से ₹100 से अधिक की खरीदारी करता है तो उस पर शुल्क लगाया जाएगा यानी भंसार लगाया जाएगा. यह फैसला नेपाल में घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए किया गया है. लेकिन इससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले दुकानदारों पर काफी बड़ा असर पड़ेगा. दावा किया गया है कि भारत से ₹100 से अधिक सामान की खरीदारी पर 5 से लेकर 80% तक भंसार शुल्क लगाया जा सकता है.
नेपाल सरकार का यह फैसला छोटे व्यापार और छोटे दुकानदारों पर ज्यादा असर कर सकता है. यही कारण है कि पानी टंकी के कारोबारी माथे पर हाथ धर कर बैठे हैं. यहां के उत्पादों की सर्वाधिक बिक्री नेपाल में ही होती है. अब नेपाल के खरीददार यहां बहुत कम पहुंच सकेंगे, जिससे बिक्री पर भारी असर होगा.
