सिलीगुड़ी में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने अपना अभियान और तेज कर दिया है। सोमवार सुबह माल्लागुड़ी क्षेत्र स्थित एक निजी होटल के एक हिस्से को निगम की ओर से ध्वस्त कर दिया गया। आरोप है कि होटल का पिछला हिस्सा उत्तर बंग राज्य परिवहन निगम (एनबीएसटीसी) की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाया गया था।
नगर निगम सूत्रों के अनुसार, लगभग तीन महीने पहले होटल प्रबंधन को कथित अवैध कब्जा हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण सोमवार को ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। इस दौरान निगम के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और निर्माण के एक हिस्से को तोड़ दिया गया।
हालांकि, होटल मालिक मुकेश पोद्दार ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि निगम ने केवल एक इंच जमीन पर अतिक्रमण का दावा किया था, लेकिन वास्तविकता में होटल का कहीं बड़ा हिस्सा तोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण के कारण भवन के पिलर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे पूरे होटल की संरचनात्मक सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मुकेश पोद्दार का यह भी दावा है कि कार्रवाई से पहले उन्हें कोई नया नोटिस नहीं दिया गया। उनके अनुसार, नगर निगम की टीम अचानक पहुंची और तोड़फोड़ शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि इस होटल पर उनके परिवार की आजीविका निर्भर है और इस कार्रवाई से उन्हें भारी नुकसान हुआ है।
होटल मालिक ने नगर निगम की कार्रवाई की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पास के एक अन्य निजी होटल का हिस्सा भी निर्धारित सीमा से बाहर है, लेकिन उसके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण कार्रवाई बताते हुए कहा कि चुनिंदा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है।
मुकेश पोद्दार ने चेतावनी दी है कि वह इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन शुरू कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात भी कही है। अब इस मामले में नगर निगम और होटल मालिक के बीच कानूनी लड़ाई की संभावना बढ़ गई है।

