August 29, 2026
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बिनब्याही मां के बच्चे को उसके पिता का अधिकार दिलाएगा प्रधान नगर थाना!

‘बच्चा आपका है. मैं आपकी पत्नी हूं. इस दुनिया में आपके सिवा मेरा कोई नहीं है. मैं पहले ही अपना घर बार छोड़ चुकी हूं. पिछले 4 सालों से दर-दर की ठोकर खा रही हूं.अब जीना यहां और मरना यहां. मुझे अपना कर मेरे बच्चे को पिता का अधिकार दे दीजिए.’ यह कहकर पीड़िता व्यक्ति के कदमों में गिर पड़ी. लेकिन उस व्यक्ति को जरा भी रहम नहीं आई.

उसने उसे जैसे ठोकर मारते हुए कहा कि उसे तो वह जानता तक नहीं. फिर उसके बच्चे को वह अपना बच्चा कैसे कह सकता है. क्या सबूत है कि तुम मेरी पत्नी हो और तुम्हारा बच्चा मेरा बच्चा है. तुम मुझे ब्लैकमेल नहीं कर सकती हो. फौरन यहां से निकल जाओ, वरना पुलिस को बुलाकर तुम्हें तुम्हें अंदर करवा देंगे!’ उस व्यक्ति ने धमकी दी. यह पूरा वाक्या सिलीगुड़ी के देवीडांगा स्थित एक मकान के सामने दिनदहाड़े हुआ था.

उस समय आसपास के घरों से निकलकर लोग हैरानी से घटना को देख रहे थे. जिस तरह से पीड़िता अपना हक लेने के लिए संघर्ष करते हुए सहायता की याचना कर रही थी, तमाशबीनों में से एक महिला आगे आई और उसने रोती सिसकती अबला के कंधे पर हाथ रखकर कहा, अगर तुम्हारी बात सही है तो पुलिस और कानून तुम्हारा साथ देगा. यह कहकर वह महिला पीड़िता को लेकर प्रधान नगर थाना पहुंची, जहां पीड़िता ने पुलिस अधिकारी को उसके साथ हुए धोखा और संघर्ष की दास्तान कह सुनायी.

पीड़िता के बयान, पुलिस की प्रारंभिक जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इस घटना की पृष्ठभूमि माल बाजार से जुड़ी है, जहां लगभग 3 साल पहले पिता की मौत के बाद एक 16 साल की लड़की काम की तलाश में सिलीगुड़ी आई. वह सिलीगुड़ी के देवीडांगा में रहने लगी और वहीं एक मोमो की दुकान पर नौकरी करने लगी. देवीडांगा में ही पान की दुकान चलाने वाले बृजेश (कल्पित) नामक एक व्यक्ति के साथ लड़की की दोस्ती हो गई. धीरे-धीरे यह दोस्ती देह आकर्षण में तब्दील हो गई.

एक दिन बृजेश युवती से शादी करने का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने में सफल रहा. फिर तो आए दिन वह उसके साथ नाजायज रिश्ता बनाता रहा. जब-जब लड़की उससे शादी करने की बात करती, बृजेश का जवाब होता कि अभी वह नाबालिग है. ऐसे में वह चाह कर भी उसके साथ विवाह नहीं कर सकता. जब तक वह बालिग नहीं हो जाएगी, वह उसके साथ विवाह नहीं कर सकता है. युवती को यही झांसा देकर बृजेश उसके साथ हर बार दैहिक संबंध बनाने में सफल रहा.

इसी बीच युवती प्रेग्नेंट हो गई. बृजेश ने उसे वापस माल बाजार स्थित उसके माता-पिता के घर भेज दिया जहां लड़की ने 2024 में मालबाजार अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया. युवती ने अस्पताल से ही बृजेश को फोन करना चाहा, लेकिन उसका मोबाइल ऑफ मिला. अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद युवती कुछ दिनों तक अपने पिता के घर रही. इस बीच बृजेश से संपर्क करने की कोशिश की गई. लेकिन बृजेश उसे देखने नहीं आया. थक हार कर युवती स्वयं अपने मासूम बच्चे को गोद में लेकर सिलीगुड़ी आकर बृजेश से मिली.

बृजेश ने एक बार फिर उसे झांसा दिया. कहने लगा कि जब तक वह बालिग नहीं हो जाती, वह उससे विवाह नहीं कर सकता. ना ही उसे अपने घर में रख सकता है. उसे पुलिस और कानून से छिपकर रहना होगा. फिर बृजेश ने पीड़िता से पिंड छुड़ाने के लिए सोच समझ कर एक प्लान बनाया और कहा कि उसका एक रिश्तेदार दिल्ली में रहता है. वह तुरंत दिल्ली चली जाए. फिर कुछ दिनों में जब वह बालिग हो जाएगी, तो उसे बुलाकर अपने परिवार में शामिल कर लेगा.

अंततः पीड़िता अपने मासूम बच्चे को लेकर दिल्ली चली गई. कुछ दिनों तक वह एक जानकार के घर पर रुकी. फिर उसने अपना पेट भरने तथा बच्चे की परवरिश के लिए चौका बर्तन का काम करना शुरू कर दिया. लगभग डेढ़ 2 साल तक पीड़िता दिल्ली में रहकर काफी संघर्ष करती रही. एक दिन उसके रिश्तेदार ने पीड़िता को अपने घर से निकाल दिया. तब वह एक अनाथ आश्रम में रहने लगी.

अब तक पीड़िता बालिग हो चुकी थी. बृजेश ने कहा था कि वह दिल्ली में आकर उसे अपना लेगा. लेकिन वह दिल्ली कभी आया ही नहीं. बृजेश की बाट में पीड़िता ने कई माह गुजार दिये. आखिरकार 15 अगस्त को पीड़िता सिलीगुड़ी आ गई और सीधा देवीडांगा स्थित बृजेश के मकान में पहुंच कर अपना हक मांगने लगी.

पिछले दो-तीन सालों से काफी ठोकर खाने के बाद पीड़िता को समझ में आ गया था कि उसके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ था. लेकिन वह अपने साथ धोखा करने वाले को भी सजा दिलाना चाहती थी और यही सोचकर वह दिल्ली से सिलीगुड़ी आई थी. जब बृजेश ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया, तब वह महिला के साथ प्रधान नगर थाना पहुंची. उसकी शिकायत के आधार पर प्रधान नगर थाना की पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी बृजेश को गिरफ्तार कर लिया.

प्रधान नगर पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है. पीड़िता तथा उसके मासूम बच्चे को न्याय तथा अधिकार दिलाने के लिए पुलिस ने फैसला किया है कि बच्चे और आरोपी का डीएनए परीक्षण कराया जाएगा. थाना प्रभारी वासुदेव सरकार ने इस प्रकरण पर अपना बयान दिया है और कहा है कि जब पीड़िता नाबालिग थी, तब उसके साथ रेप किया गया था.

इस आधार पर आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. अब अदालत ने निर्देश दे दिया है कि बच्चे और आरोपी का डीएनए परीक्षण कराया जाएगा, तो उसके बाद से पुलिस ने यह प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. इस बीच बच्चा और उसकी मां को एनजीओ में रहने की व्यवस्था कर दी गई है.

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