August 29, 2026
Sevoke Road, Siliguri
प्रमुख हेडलाइंस और अपडेट्स

नेपाल की तबाही से जागा सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन, शुरू हुई जर्जर बिल्डिंगों तथा जल जमाव की पड़ताल!

नेपाल में आई तबाही कई लोगों को सीख दे गई है. आदमी तो आदमी, प्रशासन ने भी नेपाल की तबाही से शिक्षा लेनी शुरू कर दी है. सिलीगुड़ी में सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन ने बाढ की पूर्व रोकथाम और बचाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है. अगर यहां बाढ़ या भूकंप या अन्य प्राकृतिक आपदाएं आती हैं तो जान माल का नुकसान कम से कम हो सके, इसको लेकर सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है.

फिलहाल सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन का ध्यान सिलीगुड़ी में जहाँ-तहाँ खड़े जर्जर मकानों तथा उनमें रहने वालों पर टिका है. इसके साथ ही ऐसी जमीनों पर भी प्रशासन की नजर है, जहां भवन निर्माण या अन्य निर्माण कार्यों के लिए भूमि को खाली छोड रखा गया है और आज वहां भयंकर जल जमाव की स्थिति बनी हुई है. सिलीगुड़ी के विभिन्न वार्डों में यह स्थिति काफी गंभीर है. पहले भी प्रशासन की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं ,लेकिन काम कुछ नहीं हुआ.

सिलीगुड़ी के खालपारा से लेकर हिल कार्ट रोड ,सेवक रोड, शालूगाड़ा, समर नगर, प्रधान नगर, चंपा सारी आदि इलाकों में कई जर्जर मकान या बिल्डिंग हैं जहां लोग किराए पर रहते हैं. सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन ने अब ऐसी जर्जर दुकानों और मकानों की पडताल करनी शुरू कर दी है. आज सिलीगुड़ी नगर निगम के आयुक्त वीर विक्रम राय ने सिलीगुड़ी के वार्ड नंबर 13 में एक ऐसे ही जर्जर बिल्डिंग का निरीक्षण किया. उन्होंने बिल्डिंग मालिक को नोटिस भेजा है. 1 लाख रुपए जुर्माना लगाने का भी फैसला किया गया है.

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन नेपाल की घटना से सबक लेते हुए सिलीगुड़ी में जर्जर मकानों, बिल्डिंगों के मालिकों को नोटिस देने के साथ ही उन पर जुर्माना लगाने का भी फैसला किया है. इसके साथ ही ऐसी जमीन के मालिकों को भी बख्शा नहीं जाएगा, जिन्होंने अपनी जमीन पर आधा अधूरा निर्माण कार्य कराया और उसे वर्षों से लावारिस की स्थिति में छोड़ रखा है. वर्तमान में वहां जल जमाव एक बड़ी समस्या उत्पन्न कर रहा है. अब ऐसे लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ जुर्माना लगाने की प्रशासन की तैयारी है.

सूत्र बता रहे हैं कि सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन की ओर से यह अभियान सिलीगुड़ी के लगभग सभी वार्डों में चलाया जाएगा. इसके साथ ही सिलीगुड़ी प्रशासन ने उन सभी खाली स्थानों या भूमि के मालिकों की भी पडताल करनी शुरू कर दी है, जहां निर्माण कार्य के लिए गड्ढे खोदे गए थे. लेकिन वहां निर्माण कार्य हुआ ही नहीं. वर्तमान में वहां जल जमाव के साथ ही गंदगी का आलम देखा जा रहा है. जल जमाव और गंदगी के चलते बरसात में अनेक बीमारियां उत्पन्न होती हैं और जान माल को भयानक क्षति पहुंचाती है.

कुछ साल पहले सिलीगुड़ी में डेंगू का प्रकोप हुआ था, जहां कई लोगों की मौत हो गई थी. डेंगू के कारण सिलीगुड़ी की अर्थव्यवस्था भी तबाह हुई थी. सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन चाहता है कि यह स्थिति दोबारा उत्पन्न ना हो. इसलिए पूर्व तैयारी की स्थिति में मामले को संभालने की कोशिश की जा रही है.

सिलीगुड़ी में अनेक जल जमाव वाले स्थान देखे जा सकते हैं. जब भी यहां थोड़ी बरसात होती है, सड़कें पानी में डूब जाती हैं. जबकि निर्माणाधीन स्थान वाली भूमि पर तो जैसे नाव चलने लगती है. उदाहरण के लिए सेवक रोड पर स्थित श्याम मंदिर रोड में निर्माणाधीन स्थल तालाब बन चुका है. यहां चारों तरफ गंदगी दिखाई देगी.

इसके अलावा शालुगारा के पास, चंपासारी, ईस्टर्न बायपास, भक्ति नगर थाना के अंतर्गत कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां मालिकों ने भूमि खरीद कर उसे लावारिस स्थिति में छोड़ रखा है. वहां जल जमाव ने नारकीय स्थिति उत्पन्न कर दी है. जान माल को नुकसान से बचाने के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन ने नेपाल की घटना से सीख ली है और आपदा आने से पहले अथवा आपदा को रोकने के लिए अभियान तेज कर दिया है.

सूत्रों ने बताया कि सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन के द्वारा एक अभियान के रूप में यह कार्रवाई लगातार चलती रहेगी. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जर्जर भवन मालिकों के साथ-साथ बरसों से खाली छोड़ रखे जमीन मालिकों के पैरों तले की धरती खिसकने लगी है. बहर हाल यह देखना होगा कि सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन अपने अभियान को लेकर कितना गंभीर है!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *