वर्तमान में अगर आप सिलीगुड़ी से कोलकाता जाना चाहते हैं तो अपनी जेब भारी कर लीजिए. क्योंकि रेल संपर्क भंग हो चुका है. बस और हवाई जहाज से ही कोलकाता की यात्रा कर सकते हैं. लेकिन हवाई जहाज से यात्रा करना आसान नहीं है. बागडोगरा से कोलकाता के लिए सीधी उड़ान कम ज्यादा बागडोगरा वाया दिल्ली कोलकाता है. इसी तरह से कोलकाता से बागडोगरा आने के लिए वाया दिल्ली बागडोगरा आना पड़ेगा और किराया इतना ज्यादा है कि आप सोच में पड़ जाएंगे.
खबर समय की सलाह है कि अगर जरूरी ना हो तो यात्री सिलीगुड़ी और कोलकाता की यात्रा स्थगित कर दें. अगर मेडिकल अथवा अन्य कारण हो तो सिलीगुड़ी और कोलकाता के बीच गमनागमन करने के लिए सरकारी बसों की मदद ले. क्योंकि प्राइवेट और वातानुकूलित वोल्वो बसों का किराया महंगा होने की जानकारी मिल रही है. फ्लाइट का किराया तो और ज्यादा बढ़ गया है, जिसको झेलना आम आदमी के वश की बात नहीं है.
अलग-अलग फ्लाइट के अलग-अलग किराए हैं. इंडिगो एयरलाइंस का किराया 8000 से ज्यादा है. लेकिन दिल्ली होकर बागडोगरा जाने के लिए किराया लगभग 14 हजार बताया जा रहा है. एयर इंडिया भी महंगा हो गया है. एयर इंडिया की नियमित पांच उड़ानें हैं. हवाई जहाज यात्रियों के लिए सुविधाजनक नहीं है इसलिए बसों पर भीड़ उमड़ रही है. सिलीगुड़ी से कोलकाता के लिए रोजाना निजी और सरकारी अनेक बसें चलती हैं. आजकल बसें फूल चल रही हैं. वोल्वो बसों का मनमाना किराया वसूल किया जा रहा है.
सिलीगुड़ी में कोलकाता जाने वाले यात्रियों की सिलीगुड़ी जंक्शन पर भीड़ देखी जा रही है. कोलकाता के लोग भी सिलीगुड़ी समेत उत्तर बंगाल के अन्य शहरों में आना चाहते हैं. वहां भी कुछ ऐसा ही नजारा है. अब कोलकाता से भी सिलीगुड़ी के लिए अतिरिक्त सरकारी बसें चलाई जा रही है. सिलीगुड़ी से भी अतिरिक्त सरकारी बसें चलाई जा रही है, ताकि यात्रियों को कोलकाता की यात्रा करने में कठिनाई न हो.
यह सारी समस्या न्यू फरक्का में भारी बारिश के कारण रेल लाइन ध॔सने और क्षतिग्रस्त करने के कारण उत्पन्न हुई है. न्यू फरक्का रेलवे स्टेशन के पास ही रेलवे लाइन पर भूस्खलन हुआ है, जिसके चलते उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल का रेल संपर्क कट गया है. जिसको बहाल करने की युद्ध स्तर पर कोशिश की जा रही है.
रविवार तक रेल सेवा बहाल होने की जानकारी मिल रही है. परंतु मौजूदा स्थिति देखते हुए ऐसा दावे के साथ नहीं कहा जा सकता है. सिलीगुड़ी और कोलकाता के यात्री संकट में है. उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर वह अपने गंतव्य को कैसे लौटे.
रेलवे सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार रेलवे लाइन के नीचे की धंसी जमीन को ठीक करने का काम जोर-शोर से चल रहा है. लेकिन जैसे-जैसे मरम्मती का काम आगे बढ़ रहा है, हादसे पर हादसे हो रहे हैं.
मरम्मती के क्रम में ही रेलवे लाइन का 15 मीटर हिस्सा और धंस गया है, जिसकी मरम्मत करने में अभी काफी समय लगेगा. लगातार बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा बढ़ता जा रहा है. नयनजुली में जल स्तर बढ़ गया है, जिसके कारण रेलवे लाइन की मिट्टी नरम हो गई है. यही कारण है कि कर्मचारियों को काम करने में कठिनाई आ रही है.
अधिकारियों से मिल रही जानकारी के अनुसार अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो रविवार से स्थिति स्वाभाविक हो जाएगी. परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा है कि यात्रियों की परेशानी को दूर करने के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जा रही है. जल्द ही रेलवे ट्रैक और भूस्खलन से होने वाली क्षति की मरम्मती हो जाएगी.
अगर मौसम अनुकूल रहा तो रविवार से रेल सेवा बहाल हो जाएगी. जो भी हो, अगर इस समय यात्रा करना जरूरी ना हो तो कोलकाता और सिलीगुड़ी के यात्रियों को अपनी यात्रा स्थगित कर देनी चाहिए.

