कोलकाता में Confederation of West Bengal Trade Associations यानी CWBTA की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित रजत जयंती समारोह में उत्तर बंगाल की बढ़ती व्यापारिक भूमिका प्रमुखता से सामने आई। ITC Fortune, Kolkata में आयोजित इस समारोह की थीम “Bengal Bound to Grow” रही, जिसमें राज्य के व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और कई विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
समारोह में इंडस्ट्री एवं कॉमर्स मंत्री तपस रॉय, शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार सुब्रत बसु, भारत सेवाश्रम संघ के प्रमुख कार्तिक महाराज, भाजपा प्रवक्ता शंकु देब पांडा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंत्री तपस रॉय ने उत्तर बंगाल में उद्योग और व्यापार की संभावनाओं पर जोर देते हुए क्षेत्र में निवेश, रोजगार और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
CWBTA के स्टेट प्रेसिडेंट सुशील पोद्दार ने संगठन के 25 वर्षों के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन लगातार व्यापारियों की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने तथा व्यापारिक समुदाय को एक मंच पर लाने का काम करता रहा है। उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और तेजी से बढ़ते डिजिटल कारोबार के कारण छोटे और पारंपरिक व्यापारियों के सामने पैदा हो रही चुनौतियों पर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक डिजिटल व्यवस्था को अपनाना जरूरी है, लेकिन छोटे और पारंपरिक व्यापार को प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा।
समारोह में पश्चिम बंगाल की 100 से अधिक व्यापारिक संस्थाओं से जुड़े हजारों प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उत्तर बंगाल से CWBTA North Bengal Chapter के प्रेसिडेंट खोकन भट्टाचार्य के नेतृत्व में जनरल सेक्रेटरी गोपाल खोरिया, जॉइंट सेक्रेटरी करण सिंह जैन, वाइस प्रेसिडेंट उत्पल सरकार और ट्रेजरर दीपक अग्रवाल समेत क्षेत्र के कई प्रमुख व्यापारी प्रतिनिधि शामिल हुए।
उत्तर बंगाल के प्रतिनिधियों ने व्यापार, लॉजिस्टिक्स, सीमावर्ती कारोबार, पर्यटन, कृषि आधारित व्यापार और छोटे एवं पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े मुद्दों को सामने रखा। इस दौरान सिलीगुड़ी को उत्तर बंगाल के प्रमुख व्यापारिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
व्यापारिक प्रतिनिधियों का कहना रहा कि उत्तर बंगाल की भौगोलिक स्थिति और पड़ोसी देशों के साथ व्यापारिक संपर्क इसे पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बनाते हैं। व्यापार और उद्योग के विस्तार से क्षेत्र में निवेश, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की संभावनाएं हैं।
रजत जयंती समारोह में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि “Bengal Bound to Grow” की परिकल्पना में उत्तर बंगाल की व्यापारिक क्षमता और सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण स्थान देना होगा। CWBTA North Bengal Chapter ने आने वाले समय में सरकार, प्रशासन और व्यापारिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए उत्तर बंगाल समेत पूरे पश्चिम बंगाल के व्यापारिक विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

