January 5, 2026
Sevoke Road, Siliguri
newsupdate good news government Raju Bista siliguri

सिलीगुड़ी में केंद्रीय श्रम मंत्री की अहम बैठक, चाय व सिनकोना श्रमिकों के अधिकारों पर जोर

A crucial meeting was held in Siliguri by the Union Labour Minister, emphasizing the rights of tea and cinchona plantation workers.

सिलीगुड़ी , 4 जनवरी 2026: सिलीगुड़ी में माननीय केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री मनसुख मंडाविया ने चाय उद्योग और सिनकोना बागानों से जुड़े हितधारकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में दार्जिलिंग पहाड़ियों, तराई और डुआर्स क्षेत्र में चाय उद्योग एवं सिनकोना बागानों को पुनः शुरू करने और उन्हें पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाने पर चर्चा हुई।

बैठक में दार्जिलिंग से सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री राजू बिस्टा ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि दशकों से इस ऐतिहासिक चाय बेल्ट में काम कर रहे मजदूर औपनिवेशिक काल की पुरानी श्रम प्रथाओं के कारण शोषण का शिकार होते रहे हैं। उनका आरोप है कि राज्य की टीएमसी सरकार ने चाय श्रमिकों को न तो सम्मानजनक मजदूरी दी और न ही उनकी पैतृक भूमि पर परजा पट्टा का अधिकार, साथ ही बुनियादी सुविधाओं से भी उन्हें वंचित रखा गया।

राजू बिस्टा ने कहा कि हजारों चाय श्रमिक आज बंद बागानों, समय पर मजदूरी न मिलने, पेंशन और अन्य वैधानिक लाभों के अभाव के कारण गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार नई श्रम संहिताएं चाय और सिनकोना श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं। मजदूरी संहिता के तहत समय पर भुगतान, पुरुषों और महिलाओं के लिए समान वेतन तथा अत्यधिक कटौतियों को रोकने का प्रावधान किया गया है।

केंद्रीय श्रम मंत्री श्री मनसुख मंडाविया ने स्पष्ट किया कि नई श्रम संहिता यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी श्रमिक को राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान न किया जाए और इसे पश्चिम बंगाल सरकार को भी अनिवार्य रूप से लागू करना होगा।

सामाजिक सुरक्षा संहिता के माध्यम से श्रमिकों को भविष्य निधि, स्वास्थ्य बीमा, ईएसआईसी लाभ, मातृत्व लाभ, पेंशन और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य शर्तें संहिता से बागानों में रहने और काम करने की परिस्थितियों में सुधार होगा। औद्योगिक संबंध संहिता से श्रमिकों और प्रबंधन के बीच पारदर्शी और संतुलित संबंध स्थापित होंगे।

बैठक के दौरान श्रमिकों की मांग पर मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि दार्जिलिंग में शीघ्र ही एक श्रम न्यायालय की स्थापना की जाएगी।

अंत में, राजू बिस्टा ने केंद्रीय श्रम मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सभी श्रमिकों के लिए सम्मानजनक मजदूरी, सुरक्षित कार्य परिस्थितियां और बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *