माटिगाड़ा थाना क्षेत्र के खोपालासी मौजा में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने का कथित मामला सामने आया है। मामले में मेघालय निवासी सीमा सुनार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद जलाउद्दीन अंसारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को सोमवार को सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया गया।
शिकायतकर्ता सीमा सुनार के अनुसार, खोपालासी मौजा में उनके पति के नाम पर एक खाली जमीन थी। उनके पति असम रेजिमेंट में कार्यरत थे और 23 मार्च 2023 को उनका निधन हो गया। पति की मौत के बाद कुछ समय तक वह सिलीगुड़ी नहीं आ सकीं। इसके बाद जब वह 10 जून 2026 को अपनी जमीन देखने सिलीगुड़ी पहुंचीं, तो जमीन की स्थिति देखकर वह हैरान रह गईं।
सीमा सुनार का आरोप है कि आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर उन्हें जानकारी मिली कि उनके पति के नाम पर मौजूद जमीन को बेच दिया गया है। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी जुटानी शुरू की। कथित तौर पर जांच के दौरान उन्हें पता चला कि जमीन के फर्जी दस्तावेज और डुप्लीकेट डीड तैयार कर जमीन की बिक्री की गई।
महिला ने आरोप लगाया कि इस कथित फर्जीवाड़े में माटिगाड़ा थाना क्षेत्र के खोपालासी निवासी मोहम्मद जलाउद्दीन अंसारी की मुख्य भूमिका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस काम में गोरांगो बर्मन और बिनोद तोरी ने भी उसका साथ दिया।
सीमा सुनार का आरोप है कि मामले को लेकर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया था, लेकिन शिकायत लेने में देरी हुई। आखिरकार 14 अगस्त 2026 को उन्होंने माटिगाड़ा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि जमीन से जुड़े विवाद को लेकर उन्होंने अदालत में सिविल सूट भी दायर किया है।
वहीं, मामले की जांच के दौरान माटिगाड़ा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद जलाउद्दीन अंसारी को खप्परेल इलाके से गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को आरोपी को सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया गया। पुलिस अब मामले में नामजद अन्य आरोपियों गोरांगो बर्मन और बिनोद तोरी की तलाश कर रही है।
पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार किए गए और जमीन की बिक्री की प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

