सिलीगुड़ी: पितृपक्ष की समाप्ति और देवीपक्ष के शुभारंभ के अवसर पर महालया की सुबह सिलीगुड़ी के लालमोहन मौलिक निरंजन घाट पर तर्पण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सुबह से ही सिलीगुड़ी और आसपास के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और तृप्ति के लिए तर्पण करने पहुंचे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महालया के दिन पितृपक्ष का समापन होता है और मां दुर्गा के आगमन के साथ देवीपक्ष की शुरुआत होती है। मान्यता है कि इस पावन अवसर पर पूर्वजों की आत्माएं अपने लोक लौट जाती हैं। इस दिन श्रद्धालु अपने पूर्वजों को जल अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति और तृप्ति की कामना करते हैं। माना जाता है कि पूर्वजों का तर्पण करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
महालया के अवसर पर घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पर्यटन मंत्री शंकर घोष भी व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने घाट का निरीक्षण किया और वहां कुछ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों से बातचीत की और उनकी मांगों एवं आवश्यकताओं को जानने का प्रयास किया।
महालया के इस पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल देखने को मिला। तर्पण के साथ ही मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियों और देवीपक्ष के आगमन को लेकर लोगों में खासा उत्साह नजर आया।

