सिलीगुड़ी से लेकर राज्य के विभिन्न इलाकों में इस समय कई महिलाएं गुस्से में हैं और प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रही हैं. ये वे महिलाएं हैं, जिन्हें अन्नपूर्णा भंडार की रकम नहीं मिली है. जबकि वे इसके लिए पात्र भी थीं. वहीं उनकी पड़ोसन के बैंक खाते में अन्नपूर्णा भंडार की रकम जमा हो गई है.
कई महिलाओं की शिकायत है कि उन्होंने सबसे पहले ऑनलाइन अन्नपूर्णा भंडार का फॉर्म जमा किया था. जबकि उनके बाद ऑनलाइन फार्म जमा करने वाली महिलाओं के खाते में रकम जमा हो चुकी है. सिलीगुड़ी से लेकर कोलकाता तक यही नजारा देखा जा रहा है. महिलाओं की समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर उनके खाते में अन्नपूर्णा भंडार की रकम क्यों नहीं जमा हुई? कहीं उनका फॉर्म रिजेक्ट तो नहीं कर दिया गया है?
इन महिलाओं की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. इस बात की आशंका बंगाल के मुख्यमंत्री सुबेंदु अधिकारी के उस बयान से उत्पन्न हुई है, जब 1 जुलाई को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में राज्य की लगभग 1.1 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए रकम जारी की थी. तब उन्होंने इस अवसर पर कहा था कि अन्नपूर्णा भंडार के प्राप्त आवेदनों में से लगभग 26 लाख फॉर्म रिजेक्ट कर दिए गए.
अपने मोबाइल के सोशल मीडिया, युटुब और फेसबुक पर जारी पोस्टों को देखकर वे और डर गई हैं. 10 महिलाओं में से लगभग 6 महिलाओं के बैंक खाते में अन्नपूर्णा भंडार की रकम तो आई है. जबकि 4 महिलाएं आज भी अपने खाता चेक कर रही हैं. लेकिन उनके खाते में कोई सरकारी रकम अब तक क्रेडिट नहीं हुई है. वे बैंक भी पहुंच रही है. अपना खाता चेक करवाती है. लेकिन ढाक के वही तीन पात!
जैसे-जैसे समय बीत रहा है, उनकी बेचैनी भी बढ़ती जा रही है. क्या सचमुच उनका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया है? इस प्रश्न का उत्तर पाना बड़ा आसान है. सबसे पहले इस सवाल का उत्तर दीजिए कि क्या आपने 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में मतदान किया था? नंबर दो, क्या आपने अन्नपूर्णा भंडार का फॉर्म ऑनलाइन सबमिट करवाया है? अगर आपका उत्तर हां है तो इस बात की पूरी संभावना है कि आपका फॉर्म रिजेक्ट नहीं किया गया है.
अगर आपका फार्म रिजेक्ट नहीं किया गया है, तो फिर आपके बैंक खाते में सरकारी पैसा क्यों नहीं आया? जबकि आपके पड़ोसी के खाते में उनका पैसा क्रेडिट हो गया. आप दोनों ने एक साथ ही ऑनलाइन फॉर्म भरा था. लेकिन उन्हें पैसा मिला, जबकि आपको नहीं मिला. सर्वप्रथम आप अपने अन्नपूर्णा भंडार आवेदन की स्टेटस की जांच कर लें. पहले यह सुविधा नहीं थी. लेकिन आज से आप अपने मोबाइल पर अपने फार्म की स्टेटस की जांच कर सकते हैं.
अगर आपका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया है, वह भी पता चल जाएगा. लेकिन अगर आपका फॉर्म रिजेक्ट नहीं किया गया है, तो निश्चित रूप से आपके खाते में पैसा क्रेडिट किया गया होगा. लेकिन वह पैसा आपके खाते में जमा नहीं हुआ. इसका कारण आपके बैंक खाते का आधार सीडिंग और एनपीसीआई से नहीं जोड़ा जाना है. अगर जोड़ा भी गया है तो वह निष्क्रिय हो चुका है. इस स्थिति में भी पेमेंट फेलियर हो सकती है. कई बार लोगों को लगता है कि उनका अकाउंट डीबीटी लिंक किया हुआ है. इसलिए वह निश्चिंत रहते हैं और यहीं वह धोखा खा जाते हैं.
पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा भंडार योजना के जरिए पैसा पाने के लिए आपके बैंक अकाउंट की जरूरत नहीं होती है. यह पैसा सीधे आपके आधार नंबर से छोड़ा जाता है और उस खाते में जमा होता है जो एनपीसीआई और आधार सीडेड होता है. ऐसा किसी एक ही खाते में संभव है. कई बार महिलाएं एक से अधिक खाता खोल लेती हैं. सभी अलग-अलग खातों में आधार लिंक हो जाता है. इस स्थिति में भी डीबीटी ट्रांसफर अमाउंट फैलियर हो जाता है. कई बार एनपीसीआई मैपिंग ठीक से नहीं होने पर सरकारी पैसा सही जगह नहीं पहुंच पाता है.
अन्नपूर्णा भंडार का पैसा ट्रांसफर करने से पहले सरकार ने राज्य की महिलाओं को सचेत किया था कि वे अपने बैंक या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर बैंक खाते को डीबीटी से लिंक करा लें. जिन महिलाओं ने ऐसा किया है, उनमें से अधिकांश के खाते में पैसे आ गये हैं. जबकि ऐसा नहीं करने वाली महिलाएं पैसा नहीं जमा होने की हताशा व्यक्त कर रही हैं. यहां लोगों को यह भी समझ लेना चाहिए कि 2 महीने से ज्यादा समय तक लेनदेन नहीं होने पर आधार सीडेड बैंक खाता भी इन एक्टिव हो जाता है. इस स्थिति में भी पेमेंट फेलियर हो सकती है. अगर आपने केवाईसी भी नहीं कराया है तो भी बैंक लेनदेन को रोक देता है.
बहुत से कारण हैं, जिससे सरकारी पैसा आपके खाते में जमा नहीं हो पाता है. सरकार या सिस्टम पर दोष देने से पहले महिलाओं को अपनी बैंक शाखा में जाकर सही कारणों का पता लगाना चाहिए. वहां यह पता लगाएं कि क्या आपका अकाउंट डीबीटी से लिंक है? क्या आधार स्टेटस एक्टिव है? इस समस्या का समाधान हो जाने पर कोई कारण नहीं है कि आपका पैसा आपके खाते में जमा न हो. बहुत सी महिलाओं को यह प्रॉब्लम आज से दिखने लगी है.
अगर अन्नपूर्णा भंडार स्टेटस चेक करने पर पेमेंट फेलियर दिखता है तो तुरंत ही यह काम कर ले और अपने खाते तथा डीबीटी आधार सीडिंग एनपीसीआई मेपिंग को एक्टिव करने के बाद ही संबंधित विभाग जैसे बीडियो ऑफिस, एसडीओ ऑफिस, नगर पालिका, नगर निगम के संबंधित अधिकारियों से मिले और उन्हें अपने बैंक की ताजा स्थिति से अवगत करा दें. विभाग के अधिकारी के रिएक्टिव करने के बाद आपका रुका हुआ पैसा आपके खाते में जमा हो जाएगा.
लेकिन अगर आपका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया है तो थोड़ा इंतजार करना होगा, जब तक कि सरकार की तरफ से कोई अन्य अधिसूचना जारी नहीं हो जाती है. लेकिन इतना तय है कि अगर आपने 2026 के विधानसभा चुनाव में मतदान किया है तो आपको पैसा अवश्य मिलेगा. यहां यह भी समझ लेना चाहिए कि सरकार राज्य की केवल एक करोड़ महिलाओं को ही अन्नपूर्णा भंडार का पैसा दे सकती है. क्योंकि राज्य सरकार का बजट 36000 करोड़ ही है. इसलिए इस बात की संभावना कम है कि जिनके फॉर्म रिजेक्ट कर दिये गये हैं, उन्हें अन्नपूर्णा भंडार का लाभ मिले. जिन महिलाओं ने ऑफलाइन फॉर्म भरा है, उन्हें थोड़ा इंतजार करना चाहिए.

