वर्तमान में बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार एक तरफ विकास और शासन के क्षेत्र में नई-नई घोषणाएं कर रही है, तो दूसरी तरफ पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार के कार्यकाल में किए गए कथित घोटाले की जांच के लिए जांच एजेंसियों को कार्रवाई करने का आदेश दे दिया है.
हालांकि सिलीगुड़ी में सिलीगुड़ी नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार, जैसा कि भाजपा नेताओं का आरोप है, के अलावा सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण के चर्चित घोटाले की जांच के लिए अभी तक जांच आयोग को कार्रवाई करने के लिए हरी झंडी नहीं मिली है. परंतु यह समझा जाता है कि राज्य सरकार जल्द ही इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर सकती है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है.
पश्चिम बंगाल में विभिन्न भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज करते हुए अलग-अलग मामलों में टीएमसी के चार नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है. इससे टीएमसी में हड़कंप मच गया है. उधर टीएमसी के दर्जनों नेता और सैकडों पार्षद अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं. कोलकाता के मेयर फिरहद हकीम भी इस्तीफा दे चुके हैं. सिलीगुड़ी में मेयर गौतम देव पहले ही अपने इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं.
ऐसी चर्चा है कि सिलीगुड़ी नगर निगम में टीएमसी के 8 से 10 पार्षद भाजपा द्वारा दरवाजा बंद कर लिए जाने के कारण पाला बदलकर कांग्रेस में जाने वाले हैं. भांगढ़ विस्फोट मामले में पूर्व टीएमसी विधायक शौकत मौला फरार हो गया तो उधर NIA ने बेटे को ही उठा लिया. अभिषेक बनर्जी पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है ताजा मामला ममता बनर्जी से भी जुड़ा है उनके खिलाफ सिलीगुड़ी में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है
टीएमसी के एक पूर्व विधायक के दफ्तर में मिले लग्जरी कमरे में गरीबों के लिए रखे गए तिरपाल, लूंगी, साड़ी के अलावा काफी मात्रा में कंडोम भी बरामद किए गए. इससे सियासी घमासान मचा हुआ है. भाजपा ने टीएमसी के पूर्व विधायक के चरित्र पर ही सवाल खड़ा कर दिया है. भाजपा ने पूछा है कि यहां कंडोम का क्या काम?
बंगाल पुलिस ने कोलकाता नगर निगम के टीएमसी पार्षद महेश कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. उनके खिलाफ वसूली, धमकी और आपराधिक साजिश के साथ ही सरकारी कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालने समेत कई आरोप है. इसी तरह से पूर्व मेदिनीपुर के हल्दिया में नौकरी घोटाले के मामले में टीएमसी नेता तिलक कुमार चक्रवर्ती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
कोलकाता के सुरेंद्रनाथ कॉलेज से हथियार बरामदगी के मामले में टीएमसी नेता परितोष दत्त को वर्धमान से गिरफ्तार किया गया. एक अन्य मामले में पंचायत अधिकारी और टीएमसी नेता राजीव बनर्जी को सरकारी राशन के चावल की अवैध बिक्री के आरोप में गिरफ्तार किया गया.
उधर विधान नगर की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. अर्जेंटीना दिग्गज फुटबॉलर लियोन मेसी के कार्यक्रम के दौरान भारी अव्यवस्था के मामले में पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास बिधाननगर दक्षिण थाने में पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए. अब उनके वकील ने 14 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा है. उन पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.
हस्ताक्षर विवाद का मामला तो चल ही रहा है. इसमें भी कई टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी हो सकती है. इस मामले की जांच सीआईडी कर रही है. सिलीगुड़ी नगर निगम से लेकर SJDA के मामले में भी कई टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.
सूत्र बता रहे हैं कि SJDA घोटाला मामले राज्य सरकार की प्राथमिकता सूची में है. वर्ष 2011 में टीएमसी सत्ता में आई और 2013 में SJDA में कथित तौर पर लगभग 200 करोड रुपए का घोटाला हुआ. उस समय SJDA के चेयरमैन गौतम देव थे.
आरोप है कि माल बाजार, मयनागुड़ी और बागडोगरा में बिजली शवदाह और महानंदा नदी पर दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य पूरा भी नहीं हुआ था कि ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया. इसी तरह से सिलीगुड़ी शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए तीन बार भुगतान किया गया. जोड़ा पानी नदी की ड्रेजिंग के लिए रिपोर्ट में ड्रेजिंग की लंबाई को 1000 फीट से बढ़कर 1 लाख फीट कर बिल को 8 लाख से बढ़ाकर 8 करोड़ किया गया. राज्य सरकार ने गठित आयोग को जांच का आदेश दे दिया है.
सुवेंदु अधिकारी ने पहले ही घोषणा कर दी है कि सिलीगुड़ी में विभिन्न घोटाले की जांच के लिए सेवानिवृत न्यायाधीश विश्वजीत बसु की अध्यक्षता में गठित आयोग में उत्तर बंगाल पुलिस के एडीजी के जयरमन सदस्य सचिव के रूप में काम करेंगे. के जय रमन एक निर्भीक, ईमानदार और अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पित अधिकारी हैं. चेक पोस्ट के नजदीक इंदिरा गांधी मैदान से सटे उत्तर बंगाल पुलिस आई जी कार्यालय परिसर में जांच आयोग का शाखा कार्यालय स्थापित किया जा सकता है.
सूत्र बता रहे हैं कि गजट नोटिफिकेशन जल्द ही जारी होने वाला है. जैसे ही नोटिफिकेशन जारी होता है, आयोग औपचारिक रूप से अपना काम शुरू कर देगा. यहां आयोग का शाखा कार्यालय होने से भुक्तभोगी सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे. यानी आयोग सब तरह से तैयार है. बस हरी झंडी मिलने का इंतजार है. जैसे ही नोटिफिकेशन जारी होता है, सिलीगुड़ी टीएमसी में और ज्यादा भूचाल आने वाला है!
