नेपाल में भूकंप के दो झटके लगे. पहला झटका कम तीव्रता वाला था. जबकि दूसरा झटका ज्यादा गंभीर था और इस झटके ने न केवल नेपाल बल्कि बिहार, सिलीगुड़ी ,दार्जिलिंग और सिक्किम तक को हिला कर रख दिया. सबसे ज्यादा सिलीगुड़ी के लोगों ने भूकंप की तीव्रता को महसूस किया. सिलीगुड़ी के लोग दहशत में आ गए हैं और आपस में सवाल कर रहे हैं कि क्या भूकंप का एक और झटका लग सकता है?
वास्तव में यह सब उनके पिछले अनुभव को दर्शाता है. सिलीगुड़ी इसका गवाह है कि यहां एक दिन में एक से अधिक बार झटके लगे हैं. पिछले एक हफ्ते में सिलीगुड़ी ने दो-दो बार भूकंप के झटको को महसूस किया है? हाल ही में कोलकाता में बंगाल की खाड़ी में 25 फरवरी को कम तीव्रता का भूकंप आया था. सिलीगुड़ी के कुछ इलाकों में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए थे. उससे पहले दिल्ली और नोएडा के इलाकों में 24 फरवरी को लोगों ने भूकंप के झटको को महसूस किया था.
आज एक बार फिर से सिलीगुड़ी के लोगों को भूकंप ने डरा दिया. तड़के आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.1 मापी गई. जबकि रात 2:36 पर जो भूकंप आया था, उसकी तीव्रता 5.5 मापी गई थी. काठमांडू घाटी और उसके आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने तड़के आए झटके को महसूस किया. राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार काठमांडू से 65 किलोमीटर पूर्व में सिंधु पाल चौक जिले में कोडारी राजमार्ग पर तड़के 3:51 पर भूकंप आया था. इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.1 दर्ज की गई थी. भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी.
सिलीगुड़ी में 25 फरवरी को कोलकाता में आए भूकंप के कंपन को बहुत कम लोगों ने महसूस किया था. अधिकतर ग्रामीण इलाकों में इसका असर देखा गया था. लेकिन पिछली रात आए भूकंप के झटको ने लोगों को ऐसे डरा दिया कि किसी की समझ में ही नहीं आया कि यह क्या हो रहा है. सिलीगुड़ी के कई लोगों के अनुभव काफी विचित्र और डरावने हैं. किसी ने बताया कि अचानक उनका बेड हिलने लगा. इससे उनकी नींद टूट गई. फिर उन्हें महसूस हुआ कि भूकंप हुआ है.
शालिनी ने बताया कि जब सोफे में कंपन होने लगी तो उन्हें लगा कि कोई चूहा सोफे में घुस आया है. बाद में कंपन अचानक से तीव्र हुआ, तो उन्हें भूकंप का एहसास हुआ. प्रदीप ने बताया कि उस समय वह सो रहे थे. अचानक उनका बेड हिलने लगा तो वह उठ बैठे. जब वह बाहर आए तो उन्होंने महसूस किया कि गेट पर लगा मोटा ताला भी हिल रहा था. माला ने बताया कि वह उस समय जगी हुई थी. अचानक से वातावरण में एक सन्नाटा पसरा. यह अजीब सा सन्नाटा था. उसके बाद कुत्ते और जानवरों की भौंकने की आवाज आई. फिर एक अजीब सी आवाज के साथ मेज हिलने लगी.
किसी ने बताया कि उसने पुस्तकों में भूत-प्रेत के किस्से सुने थे. लेकिन रात में जिस तरह का वातावरण उसने महसूस किया, उसे लगा कि यही भूत प्रेत हो सकता है. सनसनाता हुआ सन्नाटा. आंखों पर भ्रम का पर्दा और विचित्र सी अनुभूति. कुछ अनुभूति ऐसी है कि बच्चों ने पहली बार महसूस किया. कुछ लोग अब भी एक विचित्र अनुभव महसूस कर रहे हैं.
लोग मानते हैं कि भूकंप के झटके के बाद पुनरावृति भी होती है. तो क्या भूकंप का एक और झटका सामना करने को मिल सकता है? हालांकि विज्ञान और वैज्ञानिक लोगों की यह मिथ्या धारणा बताते हैं. क्योंकि भूकंप की ना तो भविष्यवाणी की जा सकती है और ना ही कोई दावा कर सकता है. जो भी हो, पिछली रात आए भूकंप ने सिलीगुड़ी के लोगों को काफी डरा दिया है.
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