पश्चिम बंगाल सरकार की महिलाओं के लिए योजना अन्नपूर्णा भंडार उन महिलाओं के लिए सर दर्द बनती जा रही है, जिन्हें फॉर्म भरे हुए लगभग 2 महीने हो गए, लेकिन उनका फॉर्म status या तो रिजेक्ट हो चुका है या फिर अंडर इंक्वायरी दिखा रहा है या पेमेंट फैलियर दिखा रहा है. अर्थात इन महिलाओं के खाते में सरकार का ₹3000 मासिक भत्ता अब तक प्राप्त नहीं हुआ है. पेमेंट अब तक उनके खाते में जमा नहीं हुई है.
बीडीओ, एसडीओ, नगर पालिका, नगर निगम सभी जगह निराश और हताश महिलाएं चक्कर लगा रही हैं. लेकिन उन्हें कहीं से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है. अन्नपूर्णा भंडार का पोर्टल किसी रटे रटाए गए तोते की तरह फॉर्म सबमिट, अंडर इंक्वायरी, अंडर प्रोसेस, पेमेंट फैलियर, रिजेक्ट आदि के अलावा कुछ नहीं दिखा रहा है.
कारण क्या है, यह सब कुछ आपको पोर्टल में नहीं मिलेगा. पोर्टल में सुधार का option नहीं मिलेगा. पोर्टल में रीपेमेंट इनीशिएट का भी ऑप्शन नहीं है. यही कारण है कि महिलाएं परेशान हैं और सरकार के विरुद्ध एक अजीब सी खामोशी ओढ रखी है.
ये महिलाएं संबंधित सरकारी दफ्तरों में जाती हैं. लेकिन वहां भी उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है .दरअसल राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी पता नहीं है. वे सभी पोर्टल पर आधारित हैं जिसकी कमान कोलकाता में बैठी सरकार के हाथ में है. फुलबाडी की रहने वाली एक महिला का स्टेटस पेमेंट फेलियर दिखा रहा है.
महिला काफी परेशान है. पहले तो उसने पंचायत ऑफिस का चक्कर लगाया. फिर वहां से बीडीओ ऑफिस गयी. लेकिन बीडीओ ऑफिस से भी महिला को कोई मदद नहीं मिल सकी. BDO ऑफिस से कहा गया कि उसे इंतजार करना होगा.
पश्चिम बंगाल की सरकार ने अन्नपूर्णा भंडार के तहत इन सभी महिलाओं के बैंक खाते में तीन-तीन हजार की राशि जमा कर दी है, जिन्होंने ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा किया था. बंगाल सरकार ने खासकर उन सभी महिलाओं को अन्नपूर्णा भंडार के लिए मोटे तौर पर पात्र माना है, जिन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में मतदान किया था. बंगाल सरकार की ओर से अब तक 1.30 करोड़ से अधिक महिलाओं के खाते में डीबीटी के जरिए यह राशि जमा कराई गई है.
जिन महिलाओं के खाते डीबीटी और एनपीसीआई से एक्टिव हैं, जिनका नाम आधार कार्ड के नाम से मेल खाता है, उन सभी महिलाओं के खाते में सरकार की यह राशि प्राप्त हो चुकी है. लेकिन जिन महिलाओं के खाते का डीबीटी एक्टिव नहीं है अथवा उनका एनपीसीआई मैपिंग स्टेटस नहीं हो सका है या आधार कार्ड के अनुसार बैंक अकाउंट के नाम में स्पेलिंग मिस्टेक या अन्य प्रकार की त्रुटि है, उन्हीं महिलाओं के खाते में सरकार की यह राशि प्राप्त नहीं हो सकी है.
यह सभी महिलाएं वर्तमान में सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं. लेकिन जिन महिलाओं के आवेदन रद्द हो चुके हैं, वे हंगामा कर रही हैं. सिलीगुड़ी महकमा में 15000 से अधिक आवेदन रद्द कर दिए गए हैं. अंडर इनक्वायरी में हजारों फार्म जांच प्रक्रिया में है. सोशल मीडिया में दावा किया जा रहा है कि जिनका फॉर्म स्टेटस अंडर इंक्वायरी दिखा रहा है, उनके फार्म की जांच उनके घर जाकर की जाएगी. हालांकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है. बीडीओ, एसडीओ दफ्तर से मिल रही जानकारी के अनुसार वेरिफिकेशन का काम कर्मचारी फार्म देखकर ही कर रहे हैं.
जब महिलाओं के द्वारा पोर्टल पर स्टेटस चेक किया जा रहा है तो महिला लाभार्थी सदस्य के नाम के आगे सबमिट, अंडर प्रोसेसिंग, अंडर इंक्वायरी, रिजेक्ट या पेमेंट फैलियर दिखा रहा है. इसके कारण उनके खातों में अन्नपूर्णा भंडार की राशि जमा नहीं हो सकी है. यूं तो सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार, पोस्ट और यूट्यूब के जरिए महिलाओं को जानकारी दी जा रही है. पर आज हम आपको बताएंगे कि इन संकेतों का क्या अर्थ है?
अगर अन्नपूर्णा भंडार के पोर्टल का स्टेटस अंडर प्रोसेसिंग दिखा रहा है तो इसका मतलब यह है कि एक-दो दिन में आपके खाते में अन्नपूर्णा भंडार की रकम जमा हो जाएगी. जिनका फॉर्म रिजेक्ट हो चुका है उन्हें यह सरकारी अनुदान नहीं मिलेगा और जिनका स्टेटस अंडर इंक्वायरी दिखा रहा है, इसका मतलब है कि आपके फार्म पर विचार किया जा रहा है. यह रिजेक्ट भी हो सकता है और पास भी.
लेकिन जिन महिलाओं का स्टेटस पेमेंट फेलियर है, उनका आवेदन न केवल स्वीकृत किया जा चुका है बल्कि उनके खाते में राशि भी ट्रांसफर कराई गई, जो डीबीटी संबंधी कठिनाइयों के चलते उनके खाते में नहीं जमा हो सकी. अगर आपका स्टेटस पेमेंट फेलियर दिखा रहा है तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है.
आपको कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है. अगली बार जब सरकार अन्नपूर्णा भंडार की किस्त जारी करेगी तो आपका रुका हुआ पैसा आपके खाते में जमा हो जाएगा. लेकिन उससे पहले आप बैंक में जाकर डीबीटी एक्टिव करवा लें. अधिकतर महिलाओं का स्टेटस पेमेंट फेलियर है, उनके खाते में अगस्त महीने में सरकार के द्वारा डीबीटी के जरिए रकम ट्रांसफर की जाएगी तो उनका जुलाई महीने का भी पैसा क्रेडिट हो जाएगा. इसलिए उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है.

