सिलीगुड़ी कॉरिडोर या चिकन नेक की सुरक्षा को अब नहीं होगा कोई खतरा. क्योंकि सिलीगुड़ी दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कुछ ऐसा कर दिखाया है, जो सिलीगुड़ी चिकन नेक की पक्की सुरक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होने जा रहा है. अपने प्रस्तावित व अधिसूचित कार्यक्रम के तहत ही अमित शाह ने बंगाल और देश की सुरक्षा को लेकर एक दूरदर्शी योजना को अंजाम दिया है.
मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए तथा भविष्य में बंगाल और भारत की पक्की सुरक्षा के हिसाब से केंद्रीय गृह मंत्री ने जो कदम उठाया है, उसकी चर्चा शुरू हो गई है. उनके निर्देश पर चिकन नेक की सुरक्षा पक्की करने के लिए गृह मंत्रालय ने एक खास ट्रायंगुलर सिक्योरिटी ग्रिड बनाया है. इसमें कॉरिडोर में निगरानी, सेना की मौजूदगी और प्रशासनिक प्राधिकरण को चोपड़ा, किशनगंज और धुबरी के बेस के जरिए बढा दिया गया है.
आज केंद्रीय गृह मंत्री का सेना, सीमा सुरक्षा बल और पुलिस अधिकारियों के साथ अत्यंत व्यस्त कार्यक्रम था. गृह मंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम का ढांचा और तैयारी सिलीगुड़ी चिकन नेक की पक्की सुरक्षा, घुसपैठ,कानून और व्यवस्था के मुद्दों पर आधारित थी. गृह मंत्री ने कावाखाली में नए कानून पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया. उनके द्वारा किए गए कार्यों से सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों में संपर्क, पर्यटन और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी.
सरकार का वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम एक ऐसा प्रोग्राम है, जो सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को भारत की एकता और अखंडता से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा. बांग्लादेश और भूटान सीमा पर बसे गांवों को सिर्फ सड़क से ही नहीं बल्कि देश की जमीन से गहराई से जोड़ने के लिए 6839 करोड रुपए की परियोजनाएं लागू की जा रही है. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जलपाईगुड़ी व सिलीगुड़ी के कई रेलवे स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास स्टेशन का दर्जा दिया जा रहा है. दिल्ली सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा पहले ही की जा चुकी है.
सेना के एक कार्यक्रम में गृह मंत्री ने एसएसबी जवानों की तारीफ की. उन्होंने कहा कि एसएसबी जवानों ने मणिपुर, जम्मू और कश्मीर तथा त्रिपुरा समेत देश के अलग-अलग भागों में बहुत अच्छी सेवा दी है. उन्होंने कहा कि बिना बाड़ वाली खुली सीमा पर दिन रात पेट्रोलिंग करते हुए भी SSB के जवान पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखकर काम कर रहे हैं और यह कितना मुश्किल काम है.
केंद्रीय गृह मंत्री ने रानीडांगा में 80 एकड़ की जमीन पर नयी बनी एसएसबी प्रशासनिक भवन, 19वीं बटालियन ठाकुरगंज, 12वीं बटालियन किशनगंज और न्यू जलपाईगुड़ी में ट्रांजिट कैंप का उद्घाटन किया. इस उद्घाटन के साथ ही बंगाल में सुरक्षा और संपूर्ण बुनियादी ढांचा को एक नई पहचान मिल गई है.
केंद्रीय गृह मंत्री ने बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की तारीफ करते हुए कहा कि बंगाल और भारत की सुरक्षा को महत्वपूर्ण मानते हुए बंगाल के मुख्यमंत्री ने सेना को जमीन देने में एक पल की भी देर नहीं लगायी. जबकि इससे पूर्व ममता बनर्जी की सरकार में उन्होंने ममता बनर्जी से सीमा पर बाड लगाने के लिए जमीन मांगी थी. लेकिन उन्होंने जमीन देने से मना कर दिया. आज अगर ममता बनर्जी ने उनकी बात मान ली होती तो आज घुसपैठ व आतंकवाद एक बड़ी समस्या नहीं बनती.
मालूम हो कि सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री का पद संभालते ही राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सिर्फ 45 दिनों के अंदर बीएसएफ और SSB की जमीन से जुड़ी मुश्किलों को दूर कर दिया था. उन्होंने 1129 एकड़ जमीन बीएसएफ और एसएसबी को सौंप दी थी. गृह मंत्री के कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अलावा भाजपा सांसद राजू बिष्ट, राज्य के मंत्री निशित प्रमाणिक, गृह सचिव मनोज अग्रवाल और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सिद्धार्थ उपस्थित थे.

