November 2, 2026
Sevoke Road, Siliguri
प्रमुख हेडलाइंस और अपडेट्स

इस महीने आसमान में होंगी अजीबोगरीब घटनाएं! क्या कोई बड़ी तबाही आने वाली है?

जब भारत समेत दुनिया के बड़े-बड़े देशों में मंदी का खतरा मंडरा रहा हो, तो ऐसे में धरती पर होने वाली कोई भी छोटी बड़ी घटना सिहरन पैदा कर देती है.लेकिन अब बारी आसमान की है. इस महीने आसमान में ऐसी अजीबोगरीब घटनाओं का सिलसिला शुरू होने वाला है, जो लोगों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर सकता है.

आप इस महीने रात में जब आसमान साफ होगा, तो उल्कावृष्टि देख सकते हैं. यानी तारों का टूटना देखा जा सकता है. यह काफी रोमांचक हो सकता है. उल्कावृष्टि मजेदार भी है तो रोमांचक भी. आप इस घटना को 17 नवंबर की रात में आसमान में देख सकते हैं. 4 और 5 नवंबर को भी उल्कावृष्टि देखने को मिल सकती है .

आप इस महीने कई ग्रहों का एक साथ दीदार कर सकते हैं. यह खगोल शास्त्र अथवा ज्योतिष शास्त्र के दृष्टिकोण से दुनिया को किस तरह से प्रभावित करता है, यह तो ज्योतिष या खगोल शास्त्र की बात है. परंतु आसमान में चार ग्रहों का एक साथ दीदार करना काफी रोमांचक होगा. कुछ जानकारों के अनुसार ग्रहों का आपसी मिलन किसी न किसी बड़ी घटना का द्योतक है.

आप 3 नवंबर के बीच साफ आसमान में चंद्रमा के साथ मंगल और बृहस्पति को देख सकते हैं. लाल ग्रह मंगल का बृहस्पति से मिलन कितना शुभ या अशुभ है, यह तो ज्योतिष शास्त्र ही बता पाएगा. परंतु इसके चलते लोगों के जीवन में कुछ अच्छा या बुरा या किसी तरह का कोई भी प्रभाव नहीं देखा जा सकता है. अब वैश्विक घटनाओं पर ही लोगों की नजर टिकी है.

4 और 5 नवंबर को आसमान में होने वाली उल्कावृष्टि कुछ ऐसी होगी, जिसमें पिंड जलते हुए अंगारों की तरह प्रतीत होंगे. ये हवा में लहरा रहे होंगे अथवा अंतरिक्ष में टंगे हुए हो सकते हैं. लेकिन जो भी हो, इसका नजारा अद्भुत रहने वाला है.

लेकिन 7 नवंबर को आसमान में होने वाली घटना काफी अजीबोगरीब होगी. इसमें सूर्य ग्रहण की तरह चंद्रमा कुछ पल के लिए शुक्र ग्रह को छिपा लेगा. इस खगोलीय घटना को शुक्र का पिधान या वीनस आकल्टेशन कहते हैं. आपको बता दें कि यह घटना उस स्थिति में घटेगी, जब चंद्रमा शुक्र ग्रह के सामने से गुजरेगा तो कुछ पल के लिए उसे ढक लेगा. आप 7 नवंबर की रात यह नजारा देख सकते हैं.

दीपावली के बाद 11 और 12 नवंबर की रात आसमान में एक बार फिर से उल्कापात की घटनाएं देख सकते हैं. ध्यान से देखने पर प्रतीत होता कि ग्रहों के पिंड जल रहे हैं. इस खगोलीय घटना के तुरंत बाद 14 नवंबर की सुबह, जब धरती पर अंधेरा रहता है, आप आसमान में बुध, शुक्र, मंगल और बृहस्पति की युति को देख सकते हैं.

इस घटना को प्लैनेट परेड के नाम से जाना जाता है. इसका ज्योतिष शास्त्र में काफी महत्व है. जातकों पर इसका शुभ अशुभ फल पड़ सकता है. इसके अलावा हर छोटी बड़ी खगोलीय घटना वैश्विक हलचल को बढ़ा सकती है. नवंबर ऐसा महीना साबित होने जा रहा है, जहां रात में आसमान में कई उल्का वृष्टि विश्व के आध्यात्मिक चिंतकों का ध्यान आकृष्ट कर सकती है.

नवंबर महीने की सबसे बड़ी खगोलीय घटना 24 नवंबर को घटने वाली है, जब आसमान में पूरा उजाला होगा. पूर्णिमा की रात आसमान में सुपर मून देख सकते हैं. यह सुपरमून काफी आकर्षक होगा, जिसे बार-बार देखना लोग पसंद करेंगे. 25 नवंबर की रात आसमान में अरुण ग्रह की मौजूदगी रात भर बनी रहेगी.

इस तरह से कहा जा सकता है कि नवंबर महीना प्रकृति और खगोलीय घटना के लिए एक यादगार महीना साबित हो सकता है. इस महीने आसमान में रात्रि के समय घटने वाली घटनाओं का क्या वैश्विक संकेत है, इसका विशेषज्ञों ने अध्ययन करना शुरू कर दिया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *