जैसे किसी त्यौहार से पहले घर और आंगन की सफाई की जाती है, ठीक उसी तरह से सिलीगुड़ी नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग ने सिलीगुड़ी के होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों समेत अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की ‘सफाई’ के अभियान को अंजाम तक पहुंचाया है. इसलिए सिलीगुड़ी की जनता उम्मीद कर रही है कि अब सिलीगुड़ी के होटल, रेस्टोरेंट आदि में ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिलेगी.
अब लोगों की उम्मीद पूरी हो या न हो,परंतु एक बात तय है कि सिलीगुड़ी नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद खाद्य प्रतिष्ठानों के मालिक भविष्य में इतनी बड़ी कोताही करने से जरूर बचेंगे. अब तक समतल और पहाड़ में 120 से ज्यादा होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों और फास्ट फूड स्टॉल पर भोजन सामग्री की जांच की गई है. इनमें से 70 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है, जहां अधिकारियों को वस्तुओं में मिलावट, गंदगी या विषाक्त पदार्थ मिले हैं.
इनमें माटीगाड़ा क्षेत्र के दो बड़े प्रतिष्ठान भी शामिल हैं, जिनके लाइसेंस भी निलंबित कर दिए गए हैं. कुछ दिनों के बाद दुर्गा पूजा की धूम शुरू हो जाएगी और जैसा कि लोगों की धारणा है कि पूजा के दौरान अनेक होटल और रेस्टोरेंट वाले ग्राहकों को सड़ा गला खाना खिलाते हैं, अधिकारियों की इस कार्रवाई के बाद कम से कम वे ऐसा करने से बचेंगे. क्योंकि विभागीय अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जिन प्रतिष्ठानों के नमूनों को लैब जांच के लिए भेजा गया है, अगर जांच के बाद उनकी सामग्री खाद्य सुरक्षा के मानकों पर खरी न उतरी तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
आपको बताते चलें कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर एक से 7 सितंबर तक पूरे राज्य में एक विशेष अभियान चलाया गया था. सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग जिले में भी यह अभियान चलाया गया था. इसमें खाद्य सुरक्षा विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम शामिल थी. इस संयुक्त टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर जाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, रसोई की साफ सफाई, खाद्य सामग्री का रखरखाव ,अग्निशमन व्यवस्था, लाइसेंस और अन्य सुरक्षा इंतजामों की जांच की थी.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अधिकारियों की टीम ने दार्जिलिंग पहाड़ में 60 से अधिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया जबकि सिलीगुड़ी समतल क्षेत्र में 90 से अधिक प्रतिष्ठानों में निरीक्षण किया. इनमें सिलीगुड़ी नगर निगम के 33 वार्ड और सिलीगुड़ी महकमा के चार ब्लॉक शामिल हैं. अधिकारियों की टीम ने जांच के बाद 78 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया.
सिलीगुड़ी नगर निगम इलाके में यह अभियान जारी है. अधिकारियों की टीम को जहां कहीं भी कुछ भी गड़बड़ी नजर आती है, वह तुरंत ही संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर देते हैं और उनके खिलाफ जुर्माना भी लगा रहे हैं. आलम तो यह है कि पहली बार सिलीगुड़ी नगर निगम कार्यालय में जुर्माने की राशि जमा करने के लिए लोगों की लंबी कतार लग रही है. अब तक सिलीगुड़ी नगर निगम ने 12 लाख रुपए वसूल कर लिए हैं.
सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार सिलीगुड़ी नगर निगम के 47 वार्डों में 50 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई है. इसमें मिठाई की दुकान, फास्ट फूड सेंटर, रेस्टोरेंट, होटल आदि शामिल है. इनमें कम से कम 6 प्रतिष्ठानों की रसोई को बंद कर दिया गया है. क्योंकि उनके खिलाफ गंभीर लापरवाहियां सामने आई है. अधिकारियों ने बकाया कर भी वसूल किया है.
सिलीगुड़ी की जनता कह रही है कि खाद्य सुरक्षा विभाग के इतिहास में पहली बार अधिकारियों के द्वारा इतनी बड़ी कार्रवाई की जा रही है.इसका लोगों ने स्वागत किया है और उम्मीद व्यक्त की है कि सिलीगुड़ी के लोगों को यहां के होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों आदि खाद्य प्रतिष्ठानों में क्वालिटी पूर्ण वस्तुएं मिलेंगी. मिलावटी व जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले दुकानदारों को भी सावधान हो जाने की जरूरत है.
