October 1, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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सिलीगुड़ी पुलिस प्रशासन को ‘ठेंगा’ दिखाते टोटो चालक!

Chaos among Toto drivers from Siliguri to Jalpaiguri!

सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस ने टोटो चालकों के लिए सिलीगुड़ी में जोन तो बना दिए, टोटो चालकों को जोन में बांट भी दिया और निर्देश भी दिया कि उन्हें प्रशासन के नियमों का पालन करना होगा. परंतु वर्तमान में क्या ऐसा होता आपको दिख रहा है? सड़कों पर वही टोटो की रेलम-पेल! सड़कों पर कार, टैक्सी, ऑटो तो कम नजर आएंगे, लेकिन सड़कों पर लहराते, आडे तिरछे भागते टोटो चालकों की स्पर्धा जरूर नजर आएगी!

ये टोटो वाले ना स्थान देखते हैं, ना स्टैंड. कहीं भी सवारी देखकर रोक देते हैं. यह भी नहीं देखते कि बीच सड़क पर टोटो रोकना नियमों का उल्लंघन भी है. पर उन्हें प्रशासनिक नियमों अथवा ट्रैफिक नियमों से कोई लेना-देना नहीं है. अगर ऐसा नहीं होता तो आज सिलीगुड़ी में जोन बनाने के बाद टोटो चालक प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए अपने निर्धारित रूट में ही चलते!

सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस बार-बार टोटो चालकों को सावधान कर रही है. लेकिन मानो उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है. हालांकि नियमों को ना मानने वाले टोटो चालकों को ट्रैफिक पुलिस कर्मी रोक भी रहे हैं. उनके खिलाफ कार्रवाई भी कर रहे हैं. पर इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ रहा है.

सिलीगुड़ी प्रशासन ने तो यह सोचकर टोटो चालकों के लिए जोन बनाए कि इससे ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं होगी और टोटो परिचालन को भी व्यवस्थित किया जा सकेगा. लेकिन टोटो चालकों ने प्रशासनिक नियमों को जैसे ठेंगा दिखाना शुरू कर दिया है. आपको बताते चलें कि सिलीगुड़ी मेट्रो पोलिटन पुलिस ने 6 जोन बनाए थे और टोटो चालकों को प्रत्येक रूट के लिए संख्या के साथ ही स्टीकर भी उपलब्ध कराए थे.

हालत तो यह है कि टोटो चालकों ने तो अपने टोटो पर ना तो स्टीकर ही लगाए है और ना ही अपनी पहचान निर्धारित की है. टोटो चालक बारकोड और रूट स्टिकर जानबूझकर नहीं लगा रहे हैं. टोटो चालकों को लगता है कि अगर उन्होंने बारकोड या स्टीकर लगा लिया तो उनकी कमाई खत्म हो जाएगी. कुछ निश्चित रूट पर चलकर उनकी ज्यादा कमाई नहीं हो सकती है. अधिकांश टोटो चालक अधिकारियों के बनाए नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं.

देखा जाए तो टोटो चालकों की मनमानी के लिए प्रशासन भी जिम्मेवार है. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के द्वारा टोटो चालकों के लिए नियम तो बना दिए गए, उन्हें जोन में भी बांट दिया गया. अब टोटो चालक कहते हैं कि प्रशासन ने उन्हें कभी भरोसे में नहीं लिया. शायद यही कारण है कि नियमों का पालन सख्ती से हो, इसके लिए प्रशासन ने कोई प्रयास नहीं किया.

सिलीगुड़ी में अलग-अलग थानों के ट्रेफिक गार्ड भी हैं. इन गार्ड के द्वारा कभी-कभी टोटो के खिलाफ कार्रवाई तो की जाती है परंतु यह एक औपचारिक कार्रवाई के अलावा कुछ नहीं होता है. आमतौर पर जंक्शन ट्रेफिक गार्ड अथवा जलपाई मोड ट्रेफिक गार्ड के द्वारा यह कार्रवाई की जाती है. परंतु अधिक से अधिक 2 से 3 घंटे तक ही टोटो चालकों को रोक कर रखा जाता है या फिर उनका टोटो निलंबित रखा जाता है. अगले दिन से फिर से वही सब कुछ सड़कों पर नजर आता है.

इस स्थिति में आप सोच सकते हैं कि टोटो चालकों की मनमानी पर कैसे रोक लगेगी! कैसे सिलीगुड़ी का ट्रैफिक नियंत्रण होगा! जब तक ट्रैफिक पुलिस के द्वारा कड़ा एक्शन नहीं लिया जाता है, जब तक सिलीगुड़ी के सभी ट्रेफिक गार्ड के द्वारा जोन और रूट को न मानने वाले टोटो चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक ना तो सिलीगुड़ी का ट्रैफिक कंट्रोल होगा और ना ही प्रशासनिक व्यवस्था कायम हो सकेगी!

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