लगातार हो रही भारी बारिश ने पहाड़ से लेकर समतल तक पूरे उत्तर बंगाल में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। अतिभारी बारिश के कारण क्षेत्र की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इनमें तिस्ता और बालासन नदी भी उफान पर हैं।
बालासन नदी के तेज बहाव और धंसान के कारण मिरिक और सिलीगुड़ी के बीच दुधिया में बनाया गया अस्थायी ह्यूम पाइप पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल का एक बड़ा हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया, जिससे सिलीगुड़ी से मिरिक के बीच सीधा सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
हालांकि, इस संकट के बीच त्रिशक्ति कॉर्प्स के भारतीय सेना द्वारा निर्मित बेली ब्रिज राहत का बड़ा सहारा बना हुआ है। भारी बारिश के बावजूद यह पुल सुरक्षित है। पिछले जुलाई में भारतीय सेना ने महज 19 दिनों के रिकॉर्ड समय में इस बेली ब्रिज का निर्माण किया था।
फिलहाल इसी बेली ब्रिज से बेहद सावधानी के साथ हल्के वाहनों की आवाजाही नियंत्रित तरीके से जारी रखी जा रही है। हालांकि, लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

