सोशल मीडिया से लेकर इंटरनेट के दूसरे प्लेटफार्म पर आजकल एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि सरकार बाजार में चलन में आए ₹100, ₹200 और ₹500 के कागज वाले नोट बंद करने जा रही है.
उसकी जगह पर प्लास्टिक के नोट लाए जाएंगे. इस तरह की खबरों से लोग काफी परेशान है और भयभीत भी. क्योंकि नोटबंदी के समय उन्होंने देखा भी था कि किस तरह से 1000 और ₹500 के नोट एक झटके में ही कागज बन गए थे.
उस समय लोगों को जो तकलीफ उठानी पड़ी थी, क्या एक बार फिर से इसी तरह की तकलीफ से दो-चार होना पड़ेगा? लोगों को इसलिए भी लगता है कि मोदी सरकार अचानक ही कुछ बड़े फैसले करने के लिए जानी जाती है. तो क्या सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस तरह की खबरें सही है?
एक जिम्मेदार न्यूज़ पोर्टल होने के नाते खबर समय अपने दर्शकों को बताना चाहता है कि सोशल मीडिया पर चलाई जा रही ऐसी खबरों पर कतई भरोसा ना करें. यह भ्रामक है और तथ्यहीन है. इस संबंध में सरकार और आरबीआई का भी स्पष्टीकरण जारी कर दिया गया है. ना तो सरकार का ऐसा कोई इरादा है और ना ही आरबीआई नोट बंद करने जा रही है.
हां, यह खबर सत्य है कि आरबीआई की ओर से भविष्य में प्लास्टिक के नोट जारी किए जा सकते हैं. हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी इसकी कोई घोषणा नहीं की गई है और ना ही कोई प्रक्रिया शुरू हुई है. आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक प्लास्टिक की करेंसी नोट जारी करने पर जरूर विचार कर रहा है.
हालांकि अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. परंतु यह खबर पूरी तरह भ्रामक है कि आरबीआई ₹100, ₹200 और ₹500 के कागज के नोट लेकर उसकी जगह पर प्लास्टिक के नोट जारी करेगी. प्लास्टिक के नोट पॉलीमर होंगे. अगर भविष्य में बात बनती है तो मार्केट में पॉलीमर के नोट ही देख सकते हैं. कागज के मौजूदा नोट भी चलन में होंगे.
अभी तो आरबीआई इसके नफा और नुकसान के पक्ष पर ही विचार कर रहा है. सोशल मीडिया पर कुछ लोग यह भी दावा कर रहे हैं कि 30 जून 2026 से पहले आरबीआई कागज के नोट को वापस लेकर उसकी जगह पर प्लास्टिक के करेंसी नोट जारी करेगी. इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है. यह पूरी तरह फर्जी है.
अधिकारियों के द्वारा स्पष्ट कर दिया गया है. इसलिए खबर समय के द्वारा यह खबर जनहित में जारी की जा रही है कि आरबीआई और ना ही सरकार की तरफ से ऐसी कोई मंशा है. हां भविष्य में पॉलीमर के नोट आप जरूर देख सकते हैं. फिलहाल इस पर मंथन चल रहा है. किसी भी जानकारी की पुष्टि के लिए जरूरी है कि लोग आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट से इसकी पुष्टि करें.
