October 26, 2026
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दार्जिलिंग जाने वाले संदकफू के पर्यटकों के लिए नए नियम, स्वास्थ्य जांच के बाद ही मिलेगी आगे बढ़ने की अनुमति !

दार्जिलिंग: दार्जिलिंग घूमने जाने वाले और संदकफू की यात्रा की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। संदकफू क्षेत्र में पर्यटकों की लगातार हो रही मौतों को देखते हुए अब यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने की बात कही गई है। मानेभंजन और मेघमा में स्वास्थ्य जांच के बाद मेडिकल क्लीयरेंस मिलने पर ही पर्यटकों को संदकफू की ओर आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। भाजपा विधायक शंकर घोष ने यह जानकारी दी। पिछले तीन वर्षों में संदकफू क्षेत्र में कम से कम 10 पर्यटकों की मौत होने की बात सामने आई है। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य जांच को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संदकफू पश्चिम बंगाल के सबसे लोकप्रिय पर्वतीय पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, बर्फबारी और कंचनजंघा पर्वत श्रृंखला के शानदार नजारे पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हालांकि, यह क्षेत्र काफी ऊंचाई पर स्थित है, जहां कुछ लोगों को कम ऑक्सीजन के कारण सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं ने इस पर्यटन क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है।

टुमलिंग में सांस लेने में परेशानी से पर्यटक की मौत

हाल ही में उत्तर 24 परगना जिले के बारासात निवासी 48 वर्षीय पर्यटक बुबाई पाल की टुमलिंग में सांस लेने में परेशानी के बाद मौत हो गई। यह घटना 22 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में सामने आई थी। बताया गया कि एक महीने से भी कम समय में संदकफू क्षेत्र में पर्यटक की मौत की यह दूसरी घटना थी।

जानकारी के अनुसार, बुबाई पाल अपने परिवार के पांच सदस्यों के साथ पहाड़ी इलाके की यात्रा पर आए थे। परिवार 18 अक्टूबर को मानेभंजन पहुंचा था। इसके बाद 19 अक्टूबर को संदकफू में ठहरने के बाद 20 अक्टूबर को टुमलिंग पहुंचा। मंगलवार रात करीब 12:30 बजे टुमलिंग स्थित एक होमस्टे में बुबाई पाल को सांस लेने में परेशानी होने लगी।

घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्हें पहले मानेभंजन और फिर सुखियापोखरी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए दार्जिलिंग ले जाया गया।

सिंगालीला लैंड रोवर ओनर्स एसोसिएशन (SLROA) के अध्यक्ष चंदन प्रधान के अनुसार, होमस्टे के मालिक ने सूचना दी थी, जिसके बाद पर्यटक को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

ऊंचाई वाले इलाकों में स्वास्थ्य जोखिम

संदकफू और टुमलिंग जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा के दौरान पर्यटकों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द, चक्कर आना और ऊंचाई के अनुकूल होने में परेशानी जैसी समस्याओं को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ऐसे में यात्रा से पहले स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन करना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

पर्यटन सीजन के दौरान संदकफू क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इस दौरान अधिकांश वाहन पर्यटकों को लाने-ले जाने में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में किसी पर्यटक की तबीयत अचानक बिगड़ने पर समय पर वाहन और चिकित्सा सहायता जुटाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। हालिया घटना ने आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं और एम्बुलेंस की उपलब्धता को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।

मानेभंजन और मेघमा में होगी स्वास्थ्य जांच

इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए मानेभंजन और मेघमा में पर्यटकों की स्वास्थ्य जांच के बाद मेडिकल क्लीयरेंस मिलने पर ही उन्हें संदकफू की ओर जाने देने की बात कही गई है। विधायक शंकर घोष के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य ऊंचाई वाले पर्यटन क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।

हालांकि, स्वास्थ्य जांच किस प्रकार की जाएगी, मेडिकल क्लीयरेंस के लिए क्या मानदंड होंगे और यह व्यवस्था किस तारीख से लागू होगी, इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

पर्यटकों की सुरक्षा पर बढ़ा ध्यान

पिछले तीन वर्षों में कम से कम 10 पर्यटकों की मौत की जानकारी और हाल की घटनाओं के बाद संदकफू में पर्यटन सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था लागू होने से यात्रा से पहले संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, एम्बुलेंस और स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधाओं को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण होगा।

अब पर्यटकों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रस्तावित स्वास्थ्य जांच व्यवस्था कब से शुरू होती है और इसे किस तरह लागू किया जाता है। संदकफू की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के साथ पर्यटकों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।

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