अगर आप यह सोच रहे हैं कि राशन दुकानों से हर महीने मिलने वाला राशन आपको लगातार आगे भी मिलता रहेगा तो आप गलतफहमी में हैं. बंगाल सरकार ने राशन उपभोक्ताओं की जांच करानी शुरू कर दी है. किन्हें मिलेगा राशन और किन्हें नहीं मिलेगा राशन, आप भी जरूर जानना चाहते होंगे. तो चलिए आपको बताते हैं कि किन लोगों को राशन विभाग से बाय-बाय टा-टा मिलने वाला है.
बंगाल की शुभेंदु सरकार ने इस समय राज्य की महिलाओं को अन्नपूर्णा भंडार योजना का फॉर्म भरने के क्रम में लगभग दौड़ा दिया है. हालांकि दो दिनों से ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू हुआ है लेकिन निजी और सरकारी सेंटरों पर भीड़ इतनी ज्यादा है कि अधिकतर महिलाएं सुबह से शाम हो जाती है, वे अपना फॉर्म सबमिट ही नहीं कर पाती हैं. एक तो 12 13 पेज के फॉर्म को लेकर महिलाएं काफी नाराज हैं और ऊपर से फॉर्म भरने के क्रम में उनसे इतने दस्तावेज मांगे जा रहे हैं कि उन दस्तावेजों को प्राप्त करने के लिए उनमें भागम भाग की स्थिति बनी हुई है.
अब चर्चा यह भी है कि अन्नपूर्णा भंडार योजना का फॉर्म सरलीकरण किया जा रहा है. यह तीन पेज का होने जा रहा है. नए तरीके से फॉर्म भरना पड़ सकता है. हालांकि अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. केवल चर्चा है. इसी बीच सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने राशन मामले में एक अभूतपूर्व कदम उठाया है. सरकार के इस फैसले से लाखों लोग हर महीने मिलने वाले सरकारी राशन से वंचित रह जाएंगे.
वास्तव में शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने फैसला किया है कि जिन लोगों के नाम एस आई आर के क्रम में मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, उन्हें राशन नहीं दिया जाएगा. जैसा कि पता ही है कि बंगाल की मतदाता सूची से लगभग 80 से 90 लाख लोगों के नाम काट दिए गए हैं. अब इन लोगों को राशन नहीं मिलेगा. अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो अगले महीने से आपको राशन शायद नहीं मिले.
पश्चिम बंगाल खाद्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से SIR के बाद हटा दिए गए हैं, उनका डिजिटल राशन कार्ड राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली डेटाबेस से हटा दिया जाएगा. SIR का काम लगभग पूरा हो चुका है. इसके साथ ही यह नई घोषणा हुई है. खाद्य विभाग के द्वारा इसकी जांच और पुनरीक्षण का काम तेजी से शुरू हो गया है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 15 जून तक राशन कार्ड की जांच पूरी कर लेने का आदेश दे दिया गया है. सरकार ने फर्जी राशन कार्ड धारी की जांच के लिए एक अभियान चलाने का फैसला किया है. राशन खाद्य सुरक्षा विभाग को जानकारी दे दी गई है.
इसलिए आपके पास डिजिटल राशन कार्ड होने के बावजूद वह बेकार है, अगर आपका नाम बंगाल मतदाता सूची में नहीं है. हालांकि नियम है कि आधार कार्ड होने पर ही आप राशन पाने के अधिकारी हो जाते हैं.खैर, अगर आपने ट्रिब्यूनल में अपील कर रखी है या इसके लिए आवेदन कर रखा है तो जब तक इस संबंध में अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक आप राशन दुकानों से राशन नियमित रूप से उठा सकेंगे.
खाद्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन राशन उपभोक्ताओं ने पहले ही मतदाता सूची से अपना नाम हटाने के खिलाफ SIR ट्रिब्यूनल में अपील की है अथवा नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत आवेदन कर रखा है, उनका राशन कार्ड अभी रद्द नहीं होगा. खाद्य और आपूर्ति विभाग के आदेश में कहा गया है कि इस मेगा अभियान की प्रगति की निगरानी जिला खाद्य नियंत्रक द्वारा रोजाना की जाएगी.
वह अपनी रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट और निदेशालय को दैनिक आधार पर भेजते रहेंगे. तो आप तैयार रहिए बंगाल सरकार के नए फैसले को मानने के लिए. क्या अच्छा, क्या बुरा, आप फर्जी हैं या असली हैं, मानदंड है कि जब तक आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं होता है, तब तक आप फर्जी हैं. इसलिए राशन से वंचित रहेंगे. सरकार का यह फैसला सही है या गलत, कमेंट करके जरूर बताइएगा.
