सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भूचाल आने वाला है. इससे निवेशक काफी डरे हुए हैं. हालात यह है कि भारतीय निवेशक बाजार से मुनाफावसूली भी नहीं कर सकते. शनिवार और रविवार , 2 दिन भारतीय शेयर बाजार बंद रहने के बाद सोमवार को खुलेगा और सोमवार को ही शेयर मार्केट में तबाही के संकेत अमेरिका से मिलने लगे हैं.
दरअसल अमेरिकी शेयर बाजार में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. अमेरिका और यूरोपीय देशों में गिरते बाजार से भारत का शेयर बाजार भी काफी प्रभावित हुआ है. अमेरिकी शेयर बाजार में गिफ्ट Nifty में 359 अंकों की भारी गिरावट आई है. एक तो भारतीय शेयर बाजार पिछले कई दिनों से गिर रहा है, जिसको संभालने के लिए आरबीआई ने भी एक बड़ा कदम उठाया. लेकिन इसका लाभ शेयर बाजार को नहीं मिला है.
विदेशी निवेशकों का सेंटीमेंट भारतीय बाजारों में जम नहीं रहा है. शुक्रवार को भारतीय बाजार में उछाल आना चाहिए था. लेकिन सेंटीमेंट खराब हो जाने से इसमें गिरावट आई और अब अमेरिकी बाजार का सेंटीमेंट भारतीय शेयर बाजार को डूबाने के लिए बेकरार हो रहा. विशेषज्ञ और जानकारी भी मानते हैं कि सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में सबसे बड़ी गिरावट आ सकती है. इसका असर बाजार खुलने के साथ ही शुरू हो जाएगा.
आपको बताते चलें कि अमेरिकी बाजार में डाउ जॉन्स से लेकर एस एंड पी इंडेक्स में इस साल की सबसे बड़ी गिरावट आई है. एस एंड पी 500 में 2.64% की गिरावट आई, जो 10 अक्टूबर 2025 के बाद से 1 दिन में सबसे बड़ी और तेज गिरावट मानी जा रही है. भारतीय बाजार का भी ऐसा ही हाल रह सकता है. Nesdak कंपोजिट में 4.18% की भारी गिरावट दर्ज की गई.
अप्रैल 2025 के बाद से इसमें अब तक की एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है. इस तरह से अमेरिकी बाजार के सारे इंडेक्स बेतरह टूटे हैं और उनमें एक प्रतिशत से लेकर 5% तक की गिरावट दर्ज की गई है. विशेषज्ञों ने बताया है कि सोमवार को जब भारतीय बाजार सुबह 9:30 बजे खुलेंगे तो अमेरिकी साया स्पष्ट रूप से दिखने लगेगा. कुछ विशेषज्ञों ने इस भारी गिरावट के लिए अमेरिकी जॉब डाटा को जिम्मेदार बताया है.
हालाँकि बाजार गिरने के बहुत से कारण वैज्ञानिक गिनवा रहे हैं. जैसे कि अमेरिका में फेडरल इंटरेस्ट रेट की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है. निवेश सलाहकारों के अनुसार इस साल दिसंबर तक इसमें 25 बेसिस की बढ़ोतरी हो सकती है. अगर ऐसा हुआ तो महंगाई बढ़ेगी और इसका असर पूरी दुनिया पर होगा. भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूता नहीं रहेगा.
