अब तक तो आपने ज्योतिषियों और भविष्यवक्ताओं की बात सुनी थी कि धरती पर बड़ा युद्ध होगा. कुछ लोग इसे तीसरे विश्व युद्ध से जोड़कर देख रहे हैं. पर यह युद्ध उससे भी बड़ा होने वाला है.इतना बड़ा युद्ध होगा कि धरती पर प्राणी ही नहीं बचेंगे. केवल वही लोग सुरक्षित रह जाएंगे, जो अहिंसा, सच्चाई और ईश्वर में विश्वास रखते हैं.यानी सनातनी लोग ही जीवित रह पाएंगे. बाकी सभी का नाश हो जाएगा. कलयुग का नाश होगा.
भगवान कल्कि अपना चमत्कार दिखाएंगे. वह धरती पर जन्म ले चुके हैं. वह आम इंसानों की तरह ही रह रहे हैं. लेकिन आप उन्हें देख नहीं पाएंगे. उनकी शक्तियों के बारे में किसी को पता नहीं है. लेकिन जब वक्त आएगा तो उनकी शक्तियां विश्व देखेगा. वे लोग देखेंगे जो इस धरती पर बच जाएंगे. भगवान कल्कि कलयुग का नाश करके सतयुग लाएंगे. आप इस पर यकीन करें या ना करें. लेकिन अगर आप हिंदू ग्रन्थों में विश्वास रखते हैं तो ऐसा होना निश्चित है.
हिंदुओं का ग्रंथ भविष्यमलिका और कालज्ञानम में कल्कि अवतार को लेकर जो भविष्यवाणी की गई है, वह काफी डरावनी है. इन भविष्यवाणियों के अनुसार तीसरे विश्व युद्ध से भी ज्यादा खतरनाक धरती का विनाशकारी युद्ध होने वाला है, जिसमें हवा जहरीली हो जाएगी. पानी जहरीला हो जाएगा. पेड़ पौधे वनस्पति सब खत्म हो जाएंगे. इसके बाद भगवान कल्कि अवतार धर्म की स्थापना करेंगे.
हिंदू धर्म में कई विश्वसनीय ग्रंथ हैं. ब्रह्मषिॅ पोतुलुरी वीर ब्रह्मेंद्र स्वामी का कालज्ञानम और उड़ीसा के पंचसखा संतों द्वारा लिखी गई भविष्यमलिका इन दिनों चर्चा में है. संत अच्युतानंद दास ने भगवान कल्कि अवतार के बारे में जो व्याख्या की है, वह काफी हैरान करने वाली है.पृथ्वी पर काफी अधर्म बढ गया है. अन्याय, पाप अपनी चरम सीमा की ओर बढ़ रहा है. किसी भी समय भगवान विष्णु कल्कि रूप में अवतार लेंगे और पृथ्वी की बुराइयों का अंत करेंगे.
पृथ्वी पर आने वाले संकट के बारे में कहा गया है कि यह एक ऐसा युद्ध होने वाला है,जहां लोगों को खाने-पीने की काफी दिक्कत होगी. हवा जहरीली हो जाएगी. आसमान में इतनी ज्यादा गर्मी बढ़ जाएगी कि कभी भी बहुत बड़ा ब्रह्मांडीय विस्फोट हो सकता है. भविष्यवाणी में कहा गया है कि दुनिया के बड़े-बड़े ताकतवर और विकसित देश नष्ट हो जाएंगे. लेकिन उस स्थिति में भारत एक मजबूत और सुरक्षित स्थान के रूप में नजर आएगा. भारत फिर से सोने की चिड़िया बन सकता है.
यह युद्ध कितने दिनों तक चलेगा, इस बारे में संत अच्युतानंद ने कहा है कि यह अपने आप एक अनोखा और भयानक युद्ध होगा जो कम से कम 6 साल और 6 महीने चल सकता है. इस युद्ध में दुनिया के ताकतवर देश रासायनिक और खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे दुनिया की आबादी घटेगी. भगवान कल्कि धर्म की रक्षा करेंगे और अधर्म का नाश करेंगे. वह इस धरती पर जन्म ले चुके हैं. लेकिन उनकी जादुई शक्तियों के बारे में किसी को भी पता नहीं है. इन शक्तियों को सही समय पर सामने लाएंगे.
जहां तक भगवान कल्कि के अवतार की बात है तो इस बारे में कुछ अन्य प्राचीन ग्रंथो में भी इस तरह की बातें कही गई है. भगवान कल्कि कैसे हैं, उनकी आकृति कैसी है, इस बारे में धर्म ग्रंथो में यह भी कहा गया है कि भगवान कल्कि सफेद घोड़े पर सवार होकर हाथ में चमकदार तलवार लेकर बिजली की तरह तेज भागते हुए अधर्म का नाश करेंगे. भविष्यमलिका के अनुसार भगवान कल्कि के साथ कई दिव्य शक्तियां होगी. संत समाज होगा जो अधर्म का नाश करेगा और धर्म की स्थापना. इस तरह से कलयुग का नाश होगा और सतयुग का पुनरागमन.
खतरनाक युद्ध के बाद सतयुग लौटेगा. धरती पर जो प्राणी बचे रह जाएंगे, उन्हें अपने आसपास बहुत बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा. वातावरण में कोई प्रदूषण नहीं होगा. बीमारियां अपने आप गायब हो जाएंगी. इंसान की उम्र काफी बढ़ जाएगी और प्रकृति का संतुलन बढ़ जाएगा. किसी भी तरह का छुआछूत नहीं रहेगा. जाति बंधन नहीं रहेगा. अमीर गरीब का भेदभाव मिट जाएगा. पूरी दुनिया में केवल एक ही सत्य बचेगा और वह सत्य होगा सनातन. सनातन की जय होगी. इस तरह से इन विश्वसनीय धार्मिक ग्रंथों को आधार माना जाए तो कलयुग का नाश और सतयुग की वापसी तय है.
