पश्चिम बंगाल की सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठ पर करारा प्रहार किया है. बंगाल और देश के दूसरे राज्यों में बरसों से रह रहे अवैध बांग्लादेशी, रोहिंग्या आदि सपरिवार बोरिया बिस्तर बांधकर या तो बांग्लादेश लौट रहे हैं या फिर चोरी छिपे सीमावर्ती देशों में प्रवेश करने का जुगाड़ लगा रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि बहुत से रोहिंग्या नेपाल भागने के फिराक में है.
खुफिया सूत्रों से मिल रही जानकारी के बाद नेपाल सरकार सतर्क हो गई है. भारत नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है. इसका नजारा पानीटंकी सीमा पर भी देखा जा रहा है. इसके अलावा बिहार में भारत नेपाल की खुली सीमाओं पर भी चौकसी देखी जा रही है. अधिकारियों को आशंका है कि रोहिंग्या भारत नेपाल की खुली सीमा के जरिए नेपाल में प्रवेश कर सकते हैं.
नेपाल सरकार की पहल पर सुरक्षा एजेंसियों की सीमा पर चहल-पहल बढ़ गई है. अवैध घुसपैठियों की निगरानी के लिए सीमा पर सीसीटीवी कैमरे के अलावा अत्याधुनिक तकनीक सिस्टम को भी मजबूत किया जा रहा है. पूर्व में नेपाल में पाकिस्तान और बांग्लादेश के आतंकवादी या घुसपैठिए पकड़े जा चुके हैं. उनके लिए नेपाल एक सुरक्षित शरण स्थली मानी जाती रही है.
लेकिन अब नेपाल में भी सरकार बदल गई है. नेपाल की सरकार विदेश नीति के साथ-साथ नेपाल की आंतरिक स्थिति पर भी संवेदनशील रही है. जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से बंगाल से अवैध घुसपैठियों का बांग्लादेश में पलायन हो रहा है, इसे देखते हुए नेपाल सरकार ने सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी है. भारत नेपाल सीमा पानी टंकी से लेकर बिहार में रक्सौल, कोसी अंचल और मधुबनी आदि सीमावर्ती इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई गई है.
बिहार अथवा बंगाल से नेपाल आने जाने वालों पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है. सुरक्षा बलों को जरा भी संदेह होने पर उन्हें रोक दिया जा रहा है. हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि अब तक नेपाल में किसी भी तरह की अवैध घुसपैठ नहीं हुई है. ना ही इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी प्रकाशित हुई है. फिर भी ऐहतियात के तौर पर सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.
बिहार के कोसी क्षेत्र में नेपाल की खुली सीमा है. यहां से रोहिंग्या अथवा बांग्लादेशी नेपाल में प्रवेश नहीं करें, इसके लिए इन इलाकों में अतिरिक्त चौकसी बढ़ा दी गई है. पिछले दो दिनों से इन इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की गश्त और सतर्कता देखते बन रही है. नेपाल पुलिस के कोसी प्रदेश प्रमुख DIG विनोद धीमिरे ने बताया कि हमारी भरसक कोशिश है कि एक भी अवैध घुसपैठिया नेपाल में प्रवेश नहीं करे.
यही कारण है कि सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से रात्रि में भी गश्त बढ़ा दी गई है रहती है क्योंकि खुफिया जानकारी मिली है कि कुछ अवैध घुसपैठिए चोरी चुपके नेपाल में प्रवेश कर सकते हैं इसके लिए सभी तरह के उपाय किए जा रहे है सुरक्षा बल लगातार चौकसी परत रहे हैं सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार नेपाल सरकार ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया है कि सीमा में प्रवेश करने वाले लोगों के दस्तावेजों की जांच में सतर्कता बरती जाए
हालांकि काठमांडू में रहने वाले रोहिंग्या समुदाय के प्रतिनिधि ने बताया है कि नेपाल सरकार को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है. यहां किसी भी तरह की अवैध गतिविधि नहीं होगी. और ना ही अवैध घुसपैठ. जैसा नेपाल सरकार का आदेश है, उसके अनुसार ही यहां कार्य किए जाएंगे. फिर भी नेपाल सरकार किसी तरह की लापरवाही अथवा खतरे से दूर रहना चाहती है.
चाहे नेपाल हो या भारत, इतिहास गवाह है कि भगदड़ अथवा घबराहट की स्थिति में ही अवांछित तत्वों को सीमा पार करने का मौका मिल जाता है.ऐसे में भारत हो या नेपाल दोनों देशों को आंतरिक स्थिति के साथ-साथ देश की सुरक्षा और शांति के लिए जो भी जरूरी कदम हो, उठाने से पीछे नहीं रहना चाहिए.
