आखिर मंत्री शंकर घोष ने ऐसा क्या कर दिखाया कि सिलीगुड़ी में अग्निकांड की घटनाएं रुक जाएंगी या इसमें काफी कमी आएगी? आखिर सिलीगुड़ी के कई होटल और रेस्टोरेंट के मालिक डरे हुए क्यों हैं? क्या पूजा से पहले दमकल विभाग और प्रशासन उनके होटल और रेस्टोरेंट को बंद करने जा रहा है? ऐसे अनेक प्रश्न है जो इस समय चर्चा के विषय बने हुए हैं.
सिलीगुड़ी में अनेक छोटे बड़े होटल और रेस्टोरेंट सैकड़ों की संख्या में है. इनमें से कई होटल और रेस्टोरेंट आने वाले समय में बंद किए जा सकते हैं या फिर उन्हें बंद करने का नोटिस दिया जा सकता है. सिलीगुड़ी के विधायक और मंत्री शंकर घोष के निर्देश पर सिलीगुड़ी नगर निगम पहली बार एक कठोर फैसला लेने जा रही है.
आखिर ऐसा क्या हो गया कि इन होटलों और रेस्टोरेंट को बंद करना पड़ सकता है. दरअसल इसके पीछे आगलगी की बढती घटनाएं जिम्मेदार हैं. सूत्र बता रहे हैं कि सिलीगुड़ी के अधिकांश होटल और रेस्टोरेंटों में या तो अग्नि सुरक्षा उपकरण के नाम पर एक प्रतीक चिह्न रख दिया गया है या फिर कुछ होटलों में रखे अग्नि सुरक्षा उपकरण बाबा आदम के जमाने के हैं, जो सिर्फ हाथी के दांत की तरह दिखाने के लिए ही है. जरूरत पड़ने पर उनसे कोई काम नहीं लिया जा सकता है.
कुछ बड़े होटलों में अग्नि सुरक्षा उपकरण की व्यवस्था तो अच्छी है. लेकिन वहां लापरवाही या तकनीकी त्रुटि ज्यादा दिखती है. कई बार मोडिफाइड नहीं होने के चलते भी आवश्यकता के समय ये कोई ज्यादा असर नहीं दिखा पाते हैं. इस तरह से सिलीगुड़ी में छोटे बड़े अनेक होटल और रेस्टोरेंट बिना उचित फायर सेफ्टी व्यवस्था के ही चल रहे हैं. रेस्टोरेंट और होटल वाले सिलीगुड़ी नगर निगम से फायर सेफ्टी के लाइसेंस तो ले लेते हैं पर अपने संस्थान में इंतेजामात रखते भी हैं, यह देखने वाला कोई नहीं है.
और जब होटल और रेस्टोरेंट में आग लगती है, तो उनकी पोल खुलती है. हाल ही में सिलीगुड़ी में कई जगह अग्निकांड की घटनाएं घटी हैं. सिलीगुड़ी के अलग-अलग स्थानों में फैक्ट्री से लेकर दुकानों और प्रतिष्ठानों में आग लगी थी. माॅल और दुकानों में आए दिन अग्निकांड की घटनाएं घटती हैं. सिलीगुड़ी से लेकर कोलकाता तथा तारापीठ के होटलों में हुए अग्निकांड के बाद मंत्री शंकर घोष ने सोच समझकर एक कठोर फैसला लिया है.
सिलीगुड़ी में यूं तो पहले भी अग्निकांड की घटनाएं घटी थीं. तब सिलीगुड़ी नगर निगम ने पड़ताल के बाद संबंधित संस्थाओं के मालिकों को नोटिस जारी किया था. लेकिन ना तो संबंधित संस्थाओं के मालिकों ने नोटिस का जवाब दिया और ना ही सिलीगुड़ी नगर निगम ने इस पर कोई उचित कार्रवाई की. कुछ दिनों के बाद बात आई गई हो गई. तब सिलीगुड़ी नगर निगम बोर्ड पर टीएमसी का शासन था.
राज्य में सरकार बदलने के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम का बोर्ड एक तरह से भाजपा के अधीन हो गया है. कोलकाता, तारापीठ और सिलीगुड़ी में अग्निकांड की घटनाओं के बाद पिछले दिनों मंत्री शंकर घोष स्वयं दमकल पहुंचे. उन्होंने सिलीगुड़ी नगर निगम, दमकल तथा अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की और बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
मंत्री ने दमकल विभाग को सिलीगुड़ी के उन सभी होटलों और रेस्टोरेंट पर कार्रवाई करने की पूरी छूट दे दी है जो अग्नि शमन व्यवस्था के मामले में लापरवाही बरतते हैं. मंत्री के निर्देश के बाद दमकल विभाग ने भी सिलीगुड़ी में अग्निकांड की घटनाओं को रोकने के लिए संपूर्ण तैयारी के साथ एक अभियान छेड़ दिया है. सूत्र बता रहे हैं कि अधिकारी स्वयं होटल या रेस्टोरेंट में जाकर अग्निशमन व्यवस्था की जांच करेंगे.
किसी भी तरह की लापरवाही या त्रुटि पाए जाने के बाद संबंधित संस्थाओं के खिलाफ दमकल विभाग की ओर से दूसरा नोटिस जारी किया जाएगा, जिसकी शुरुआत भी हो चुकी है. ऐसे चिन्हित किए गए होटल और रेस्टोरेंट को 15 दिनों का समय सुधार के लिए दिया गया है. मिली जानकारी के अनुसार अब तक सिलीगुड़ी के सभी होटल और रेस्टोरेंट में नोटिस दे दिया गया है. अगर 15 दिनों के भीतर उन्होंने अपनी अग्निशमन व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो section 37 ए के तहत संस्थान के मालिकों को सुनवाई के लिए उन्हें नोटिस जारी किया जा सकता है.
जिन जिन व्यक्तियों को नोटिस जारी किया जाएगा, उन्हें दमकल कार्यालय में आना होगा. अगर उन्होंने लापरवाही बरती या निर्धारित समय पर दमकल में नहीं पहुंचे तो section 37 A1 के तहत उनका होटल या रेस्टोरेंट बंद कराया जा सकता है. इससे स्पष्ट हो गया है कि इस बार सिलीगुड़ी दमकल विभाग कठोर कार्रवाई करने जा रहा है. अगर सिलीगुड़ी का कोई भी होटल या रेस्टोरेंट बिना उचित फायर सेफ्टी व्यवस्था के संचालन होता है तो ऐसे प्रतिष्ठान को बंद किया जा सकता है.
अब देखना होगा कि सिलीगुड़ी के कितने होटल और रेस्टोरेंट अपनी बरसों पुरानी आदत में सुधार कर पाते हैं. अगर उन्होंने अपनी व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो उनकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है. सूत्र बता रहे हैं कि पहली बार सिलीगुड़ी नगर निगम के अधीन होटल और रेस्टोरेंट अपने संस्थानों में उचित फायर सेफ्टी व्यवस्था का पालन करने के लिए तैयार हो रहे हैं. बहुत जल्द दमकल विभाग की समीक्षा बैठक होने जा रही है. इस बैठक में पता चलेगा कि सिलीगुड़ी के किन-किन होटलों और रेस्टोरेंट पर कानून और व्यवस्था की गाज गिरने वाली है!
