राज्य में सरकार बदल चुकी है. अधिकारी, नेता और प्रशासन की कार्य शैली में भी बदलाव आ गया है. लोगों की सोच और विचार भी बदले हैं लेकिन नहीं बदली हैं अपराधी मानसिकता के कुंठित और असामाजिक तत्वों की हरकतें, जो आज भी स्कूल जाती लड़कियों को घूरते रहते हैं और मौका देखकर उन पर अश्लील कमेंट करने से लेकर यहां तक कि हाथ पकड़ने का भी दुस्साहस कर बैठते हैं!
रोज की तरह आज भी सड़क पर सन्नाटा पसरा हुआ था. दुकान और प्रतिष्ठान बंद थे. लोगों की आवाजाही न के बराबर थी. सुबह के लगभग 7:30 बज रहे थे. सिलीगुड़ी के एस एफ रोड पर कुछ छात्राएं आपस में बातें करते हुए स्कूल चली जा रही थीं. आमतौर पर सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही कम होती है. क्योंकि उस समय ना तो दुकान खुली होती है और ना ही लोग-बाग नजर आते हैं.
इसका फायदा कुछ कुंठित व अवांछित तत्व उठा लेते हैं. जैसे ही लड़कियों का झुंड आगे बढ़ने लगा, कुछ लड़कों ने उन पर अश्लील कमेंट कर दिये. उनमें से 30-32 साल के एक लड़के ने एक लड़की का पीछा तक करने का दुस्साहस कर दिखाया. इससे छात्रा डर गई और चिल्लाने लगी. एक साथ कई छात्राओं के चिल्लाने के बाद छेड़खानी करने आये युवक तो इधर-उधर नौ दो ग्यारह हो गये. लेकिन छोड़ गये बरसों से चले आ रहे कुंठित मानसिकता के वे सवाल, जो अब तक अनुत्तरित हैं. आखिर कब बंद होंगी सिलीगुड़ी की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं?
यह कोई पहली घटना तो है नहीं. क्योंकि सिलीगुड़ी में इससे पहले भी छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं घट चुकी है. पिछले साल ही S F Raad पर इसी तरह की एक घटना घटी थी. उससे पहले सिलीगुड़ी जंक्शन से लेकर प्रधान नगर थाना क्षेत्र में भी ऐसी घटनाओं से लड़कियां रूबरू हो चुकी हैं. राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार महिला सुरक्षा का भरोसा देकर सत्ता में आई है. ऐसे में छात्राएं भी नई सरकार से सवाल उठा सकती हैं.
सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री सुबेंदु अधिकारी ने राज्य के सभी थानों को महिला सुरक्षा से लेकर न्याय और कानून का राज स्थापित करने का निर्देश दे दिया था. राज्य की भाजपा सरकार पहले ही कह चुकी है कि महिला सुरक्षा को लेकर उनकी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी. महिलाओं को भय से बचाने और उनका भरोसा बढ़ाने की दिशा में बीजेपी सरकार प्रयत्नशील है. ऐसे में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सिलीगुड़ी पुलिस प्रशासन को जरा भी ढिलाई नहीं करनी चाहिए और स्कूल जाती लड़कियों की सुरक्षा को लेकर एक ठोस योजना तैयार करनी चाहिए.
आज यह आवाज स्वयं सिलीगुड़ी के अभिभावकों ने उठाई है. जब सुबह के समय S F रोड पर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटना की खबर सुनते ही अभिभावक मौके पर पहुंच गए और प्रशासन से स्कूली छात्राओं की सुरक्षा की मांग करने लगे. अभिभावकों का कहना है कि छात्राओं में सुरक्षा की भावना बढ़ाने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने की जरूरत है. एक अभिभावक ने कहा कि सुबह के समय जब सड़कों पर आवाजाही नहीं के बराबर होती है, उस समय सिलीगुड़ी पुलिस प्रशासन को स्कूली छात्राओं के मार्ग में पेट्रोलिंग बढ़ाने की जरूरत है.
कुछ अभिभावकों का यह भी कहना था कि ऐसी घटनाओं को हल्के से नहीं लेना चाहिए. भले ही हमारी बेटियों को कुछ नहीं हुआ है, लेकिन अगर ऐसी घटनाओं की अनदेखी कर दी गई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना बन सकती है. प्रशासन को चाहिए कि ऐसे सड़क छाप गुंडों को सबक सिखाने के लिए सख्त तरीका अपनाए. इसके अलावा अभिभावकों ने सीसीटीवी कैमरे लगाने से लेकर बच्चियों की सुरक्षा के लिए जन जागरण और अवांछित तत्वों के खिलाफ कठोर कानून अमल में लाने की भी मांग की है.
सिलीगुड़ी की अनेक सामाजिक संस्थाओं ने छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने देने, पुलिस प्रशासन से छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और असामाजिक तत्वों की धर पकड़ के लिए एक विशेष अभियान चलाने की मांग की है. राज्य में सरकार बदल चुकी है. ऐसे में पुलिस प्रशासन को भी अपनी कार्य शैली में बदलाव लाने की जरूरत है. राज्य में बीजेपी अपने कई संकल्पों में से एक महिला सुरक्षा के वादे को लेकर सत्ता में आई है. ऐसे में सिलीगुड़ी पुलिस प्रशासन को सरकार और जनता की अपेक्षा की कसौटी पर खरा उतरने की जरूरत है. पुलिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि भविष्य में छात्राओं के साथ कोई अप्रिय घटना ना घटे.
बहरहाल मौजूद घटना को लेकर सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस और सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट चौकस है. घटना की छानबीन शुरू कर दी गई है. सूत्रों ने बताया कि सिलीगुड़ी पुलिस असामाजिक और अवांछित तत्वों पर नजर रख रही है. आने वाले कुछ दिनों में स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकता है. सूत्र बता रहे हैं कि सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट की ओर से आने वाले समय में स्कूली छात्राओं में भरोसा बढ़ाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जा सकते हैं.
