पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और खासकर रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवारों की भारी जीत ने चुनावी पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. अगर नंदीग्राम की बात ना करें तो रेजी नगर एक मुस्लिम बहुल सीट है. यहां मुसलमानों की आबादी 70% से अधिक है. ऐसी सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ने 75000 से अधिक मतों से विजय हासिल की तो यह चर्चा तो जरूर उठेगी कि क्या बंगाल के मुसलमान बीजेपी के साथ हो गए हैं?
दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री सुबेंदु अधिकारी ने भी कहा है कि बंगाल के मुसलमानों को पता चल गया है कि उनका विकास केवल बीजेपी ही कर सकती है. पूर्व तृणमूल कांग्रेस अथवा वाम मोर्चा ने केवल मुसलमानों का इस्तेमाल किया था, जबकि भाजपा मुसलमानों का विकास करने के पक्ष में है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में बंगाल के मुसलमान बीजेपी को पूरी तरह अपना लेंगे.
शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी की सरकार और वाम मोर्चा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों ने यह दुष्प्रचार फैलाया था कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो मुसलमानों को बांग्लादेश भेज दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पिछले 5 महीने में राज्य सरकार के कार्यों को देखने के बाद मुसलमानों की अवधारणा बदल गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं बढ़ चढकर मतदान में भाग ले रही हैं. आपको बताते चलें कि रेजी नगर में भाजपा उम्मीदवार को 60%, जबकि नंदीग्राम में 80% मुसलमानों का वोट हासिल हुआ है.
रेजी नगर का चुनाव परिणाम सचमुच चौंकाने वाला है. कम से कम रेजी नगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार को इतनी बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद नहीं की जा रही थी. रेजी नगर का इलाका हुमायूं कबीर का इलाका माना जाता है. उन्होंने विधानसभा चुनाव में रेजी नगर और एक अन्य सीट पर जीत हासिल की थी. बाद में उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ दी और इस सीट पर अपने बेटे को खड़ा किया था. चुनाव परिणाम के बाद हुमायूं कबीर ने कहा है कि 2029 के बाद वह बंगाल छोड़कर हमेशा के लिए दुबई में बस जाएंगे.
रेजी नगर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने यहां के विकास और रोजगार पर फोकस किया था. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी समेत शमिक भट्टाचार्य ने चुनाव प्रचार के क्रम में कहा था कि मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद नहीं बल्कि यहां अस्पताल, कॉलेज ,पुल, पार्क नौकरी आदि चाहिए. विधानसभा चुनाव के दौरान हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने की बात कही थी और इसका भावनात्मक कार्ड खेला था. उन्हें जीत भी हासिल हुई थी. लेकिन अब चुनाव परिणाम सामने है और राजनीतिक विश्लेषक तथा चुनावी पंडित विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या सचमुच बंगाल के मुसलमान सुवेंदु अधिकारी के पक्ष में हो गए हैं.
