सिलीगुड़ी में रामनवमी की शोभायात्रा तो हर साल निकाली जाती है. किंतु पहली बार यह शोभा यात्रा ऐतिहासिक बन गई, जब सिलीगुड़ी के गली कूंचों से निकलकर राम भक्तों का सैलाब सड़कों पर उमड़ पड़ा. शोभा यात्रा में बड़े, बुजुर्ग, छोटे, नर-नारी, जवान और बच्चों तक में जोश और जुनून देखा गया.
सिलीगुड़ी के इतिहास में कदाचित यह पहली रामनवमी की शोभायात्रा थी, जहां आज प्रभु श्री राम की भक्ति और आस्था का सागर राजनीतिक दलों के बीच की दीवार को बहा ले गया. जिस उत्साह से भारतीय जनता पार्टी के नेता, कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठनों के लोगों ने शोभायात्रा में भाग लिया, उससे कम उत्साह टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में नहीं था. दो धुर विरोधी दलों के नेता एक दूसरे के मंच पर गए और एक दूसरे को रामनवमी की शुभकामना दी.
यह पहली रामनवमी की शोभायात्रा थी, जहां राजनीतिक दलों के आपसी वैमनस्य पर श्री राम के सत्य और सौहार्द का रंग चढ़ा नजर आया. न केवल भाजपा बल्कि टीएमसी के कार्यकर्ता भी पूरे जोश में रामनवमी का उत्सव मनाते नजर आए. लोग बताते हैं कि ऐसा मंजर शायद पहले कभी नहीं देखा गया था. भाजपा के शिविर में शुभकामना देने आए टीएमसी नेता गौतम देव को श्री राम का प्रतीक चिह्न दिया गया तो वह भाव विभोर नजर आए.
पिछले कई दिनों से सिलीगुड़ी के कोने कोने में श्री राम नवमी को लेकर बड़ा उत्साह था. चौक चौराहों पर श्री राम के गीत और भजन संगीत माइकों पर सुने जा रहे थे. आज जब बिखरी कड़ियां जुड़ती गई तो ऐसा लगा मानो शहर में भक्ति और आस्था का सागर लहरा रहा हो. श्री राम पताकाएं लहरा रही थीं और लहरा रहे थे अस्त्र-शस्त्र. जो श्री राम भक्तों के जोश और जुनून के प्रतीक बन गए थे.
यह शोभा यात्रा सुबह मल्लागुड़ी से निकली और हिलकार्ट रोड, सेवक रोड, वर्धमान रोड, विधान मार्केट, जलपाई मोड, S FRoad का भ्रमण करती हुई हिंदी हाई स्कूल मैदान में जाकर संपन्न हो गई. मल्लागुरी से निकली यह शोभा यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, एक पर एक कारवां जुड़ता चला गया. हर कोई श्री राम की भक्ति और आस्था के सागर में गोते लगाने के लिए बेकरार नजर आ रहा था.
सिलीगुड़ी के आसपास के इलाकों से 50 से अधिक श्री राम भक्तों की टोलियां सड़कों पर गाजे बाजे के साथ निकली और शोभा यात्रा का अंग बनती चली गई. तब ऐसा लग रहा था कि सड़कों पर भगवा लहरा रहा हो. भक्ति और उत्साह का ऐसा सागर कि छोटे-छोटे बच्चे भी थिरक रहे थे. इन राम भक्तों का जोश देखते ही बनता था.
सिलीगुड़ी पुलिस प्रशासन की ओर से रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए थे. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के ट्रैफिक गार्ड्स की ओर से कडी व्यवस्था की गई थी. कई जगह यात्री वाहनों के लिए कुछ समय तक सड़क मार्ग बंद कर दिए गए थे. कई जगह रूट चेंज कर दिए गए थे. नौकाघाट, बर्दवान रोड, जलपाई मोड, पानी टंकी मोड, सेवक रोड आदि कई जगहों पर जहां से शोभा यात्रा को गुजरना था, वहां पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक विभाग की ओर से गाड़ियों का परिचालन बंद कर दिया गया था.
शोभा यात्रा में शामिल श्री राम भक्तों के लिए सिलीगुड़ी के विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से सेवा कैंप लगाए गए थे. शोभा यात्रा में कम से कम 100000 से ज्यादा राम भक्तों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है. इस भव्य शोभा यात्रा की एक खास बात यह रही कि आज विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों ने भी इस उत्सव को पारंपरिक ढंग से और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया.
सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे टीएमसी के उम्मीदवार गौतम देव ने पूजा अर्चना करके श्री राम नवमी के उत्सव में भाग लिया. उन्होंने श्री राम के नारे लगाए. और ध्वज पताका लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए. उधर भाजपा विधायक डॉ शंकर घोष ने भी मल्लागुड़ी स्थित मंदिर में पूजा अर्चना की. उन्होंने इस अवसर पर किसी भी राजनीतिक टीका टिप्पणी से बचना चाहा और शहर के लोगों के लिए मंगल कामना की.
शोभा यात्रा में शामिल होने आए दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू विष्ट ने कहा कि यह सनातनियों की संस्कृति और आस्था है. हमें इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है. भगवान राम हमारे दिल में है. हमें समर्पित भाव से राम की स्तुति करनी चाहिए. ना कि दिखावा. जब राजू विष्ट से यह पूछा गया कि गौतम देव ने भी श्री रामनवमी मनाई और श्री राम के नारे लगाए, तो उन्होंने जवाब दिया कि आखिर गौतम देव भी एक सनातनी है. लेकिन उन्होंने एक टिप्पणी कर दी कि यह दिखावे के लिए नहीं होना चाहिए. उनका इशारा साफ गौतम देव की ओर था.
श्री राम नवमी की शोभा यात्रा को लेकर सिलीगुड़ी पुलिस प्रशासन ने पहले से व्यापक तैयारी कर रखी थी. इसलिए शोभायात्रा के दौरान कहीं से कोई अप्रिय घटना का समाचार नहीं है. हालांकि शोभा यात्रा में अस्त्र शस्त्र के प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी. इसके बावजूद कुछ श्री राम भक्तों के हाथ में तलवार देखी गई. आज दिन भर सिलीगुड़ी की सड़कों पर भक्ति का सागर लहराता रहा. अलग-अलग क्षेत्रों के सामाजिक संगठनों के लोगों ने भी उत्साह दिखाया और उत्सव को पराकाष्ठा पर पहुंचा दिया. हिंदी हाई स्कूल मैदान में शोभा यात्रा के संपन्न होने के बाद ही सिलीगुड़ी की सड़कों पर यात्री आवागमन सामान्य हो सका.
यह शोभा यात्रा एक मीठी याद छोड़ गई है. समाज के सभी धर्म और वर्ग के लोगों के लिए एक मिसाल बन गई, जहां सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. उन राजनीतिक दलों के लिए भी एक सबक थी, जो वोट बैंक के चक्कर में एक दूसरे का खून बहाने के लिए तैयार रहते हैं. भगवान श्री राम सबके हैं. यह एहसास सभी के दिलों में जिंदा रहना चाहिए. चाहे वह नेता हो या जनता. आज की इस शोभा यात्रा को लेकर आपके क्या ख्याल हैं, खासकर टीएमसी और बीजेपी के बीच आज के इस सौहार्द को आप किस नजरिए से देखते हैं, हमें जरूर बताइएगा!
