May 23, 2026
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सिलीगुड़ी से लेकर कोलकाता तक हड़कंप! ममता बनर्जी की डिजाइन की गई फुटबॉल मूर्ति तोड़ी गई! अवैध निर्माणों को लेकर SMC पर जांच की तलवार लटकने लगी!

From Siliguri to Kolkata, there was uproar! A football statue designed by Mamata Banerjee was vandalized! The SMC faces investigation into illegal constructions.

कोलकाता का साल्ट लेक स्टेडियम! यहां स्टेडियम के बाहर ममता बनर्जी की 2017 में डिजाइन की गई एक फुटबॉल मूर्ति लगी थी. जिसका धड़ नहीं था. दो पैरों के ऊपर फुटबॉल रखा हुआ था. ममता बनर्जी ने क्या सोचकर ऐसी आकृति बनाई थी, यह तो वही जानें. पर यहां आने वाले लोगों को यह पसंद नहीं था.

इस मूर्ति को 2017 में फीफा अंडर 17 वर्ल्ड कप से पहले लगाया गया था. आज इस मूर्ति को तोड़ दिया गया. इसको लेकर कोलकाता की राजनीति गरमा गई है. कुछ समय पहले बंगाल सरकार के मंत्री निशित प्रमाणिक ने इस मूर्ति को हटाने की बात कही जरूर थी. पर आज अचानक इस मूर्ति को तोड़ दिए जाने से इस पर खेल जगत से लेकर राजनीति तक चर्चा और बहस छिड गयी है. समर्थक दावा कर रहे हैं कि यह मूर्ति सुंदर नहीं थी और इसे देखने के बाद लोगों का मूड अजीब हो जाता था. जबकि टीएमसी के नेता इसे टीएमसी का प्रतीक मानते हैं.

ठीक इसी तरह की राजनीति सिलीगुड़ी में भी गरमायी हुई है. बंगाल सरकार ने सिलीगुड़ी नगर निगम को शहर और आसपास के क्षेत्रों में भवन निर्माण में अनियमितता और बिल्डिंग प्लान की उपेक्षा को लेकर सिलीगुड़ी नगर निगम को कार्रवाई का निर्देश दिया है. राज्य सरकार ने 14 दिनों में इसकी सूची बनाकर भेजने का निर्देश दिया है. सरकार के आदेश के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर और सिलीगुड़ी नगर निगम के अधिकारी भौचक रह गए हैं.

दरअसल राज्य सरकार को शिकायत मिली है कि सिलीगुड़ी नगर निगम क्षेत्र में बने या निर्माणाधीन कई बिल्डिंग और संस्थानों,होटलों का बिल्डिंग प्लान पास नहीं होने के बावजूद सिलीगुड़ी नगर निगम ने उन्हें गिराने की कार्रवाई नहीं की. राज्य सरकार को लगता है कि इसमें SMC की भी मिली भगत है. इसलिए चर्चा है कि राज्य सरकार सिलीगुड़ी नगर निगम पर जांच बैठा सकती है.

राज्य सरकार के निर्देश पर शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण तथा कथित अनियमितताओं की जांच के लिए 13 इंजीनियरों की एक विशेष टीम गठित की गई है. राज्य सरकार के निर्देश के बाद इंजीनियरों की अलग-अलग टीम सिलीगुड़ी के विभिन्न वार्डों में अवैध निर्माणों को लेकर एक सूची तैयार कर रही है. यह टीम 14 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप देगी. जांच प्रक्रिया शुरू होते ही नगर निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गई है.

सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर गौतम देव पहले ही बता चुके हैं कि राज्य सरकार का निर्देश मिला है. यह जानकारी मांगी गई है कि शहर में बिना स्वीकृत प्लान के कितनी इमारतें बनी है और कितने निर्माण कार्य अभी चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि इनके बारे में राज्य सरकार को जानकारी दी जाएगी. हालांकि सिलीगुड़ी के अनेक लोगों का मानना है कि सिलीगुड़ी शहर में हजारों की संख्या में अवैध निर्माण हुए हैं और इसकी जानकारी सिलीगुड़ी नगर निगम को भी है.

सूत्र बताते हैं कि सेवक रोड के किनारे बने कई होटल और अपार्टमेंट जांच के दायरे में है. सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 8,9, 40 से लेकर 43 में बने कई अपार्टमेंट के पास बिल्डिंग प्लान तक नहीं है. हालांकि यह लोगों का कहना है. इसी तरह से सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 1,9 ,18, 31, 28 और 44 में भी सबसे अधिक अवैध निर्माण हुए हैं. राज्य सरकार के निर्देश पर इंजीनियरों की टीम संदिग्ध इलाकों में जाकर इसकी छानबीन करेगी और उनकी सूची तैयार करके सरकार को भेजेगी.

सूत्रों ने दावा किया है कि सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर के पास बिल्डिंग प्लान विभाग है. कभी सिलीगुड़ी नगर निगम में तृणमूल बोर्ड के मेयर परिषद सदस्य दिलीप बर्मन आदि कुछ पार्षद इस पर सवाल उठा चुके हैं. जब तक राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी तब तक सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया था. अब राज्य में नयी सरकार आ गई है और नई सरकार राज्य में हुए अवैध निर्माण, भ्रष्टाचार ,अतिक्रमण आदि को लेकर सख्त रूख अपना रही है.

चर्चा है कि जब सिलीगुड़ी नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार को लेकर जांच बैठेगी तो बिल्डिंग प्लान में अनियमितता को लेकर कई अधिकारी और संबंधित लोग नप सकते हैं. यही कारण है कि अधिकारियों में हड़कंप मच गई है.

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