पहले तो अपनों ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का साथ छोड़ा और उनसे दूरी बनाई. अपनों की तथाकथित गद्दारी का द॔श झेल रही ममता बनर्जी की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है. इसके साथ ही भतीजे अभिषेक बनर्जी कोर्ट और कानून के चक्कर में कुछ इस कदर उलझ गए हैं कि उससे पिंड छुड़ाना आसान नहीं है.
टीएमसी के इन दोनों महारथियों की मानसिक परेशानी आज के झटके से जरूर बढ़ गई होगी. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ सार्वजनिक मंचों पर उनके द्वारा दिए गए सांप्रदायिक भाषणों को आधार बनाकर दोनों बुआ भतीजे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है.
ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में विधानसभा चुनाव के दौरान उनके द्वारा दिए गए सांप्रदायिक और समाज में घृणा फैलाने वाले भाषण को आधार बनाकर मुकदमा दर्ज कराया गया है, तो दूसरी तरफ आज सिलीगुड़ी में सिलीगुड़ी निवासी संजय कुमार सिंघल ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है.
संजय कुमार सिंघल ने साइबर थाने में अधिकारी को कुछ साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं, जिनमें अभिषेक बनर्जी के सांप्रदायिक, आतंक और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाले बयान हैं. अभिषेक बनर्जी ने 27 अप्रैल 2026 को एक सार्वजनिक मंच पर बंगाल की जनता में आतंक पैदा करने के लिए बयान दिया था. अभिषेक बनर्जी का 4 तारीख दोपहर 12:00 के बाद…वाला विवादास्पद बयान सभी मीडिया प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था.
संजय कुमार सिंघल ने पुलिस अधिकारी को अभिषेक बनर्जी के नंदीग्राम में 25 मार्च 2026 को दिए गए धमकी भरे बयान की भी वीडियो प्रति उपलब्ध कराई है. इसमें भी अभिषेक बनर्जी ने मतदाताओं को धमकी देते हुए कहा था कि 4 मई के बाद उन्हें बचाने कोई नहीं आएगा. इसी तरह से महेश्तला रोड और आरामबाग के उनके द्वारा दिए गए भड़काऊ बयान की भी पुलिस अधिकारी को याद दिलाई और मुकदमा दर्ज करने का आधार बताया.
आपको बताते चलें कि विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवारों का प्रचार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी अनेक सार्वजनिक मंचों पर मतदाताओं को धमकी देते नजर आए थे. इस पर काफी उनकी आलोचना भी हुई थी. मीडिया में तेजी से वायरल उनके बयानों को लेकर भाजपा और विभिन्न संगठनों की ओर से उनसे सफाई भी मांगी गई.
इन दोनों नेताओं ने कथित रूप से यह बयान दिया था कि 4 मई के बाद जब चुनाव परिणाम टीएमसी के पक्ष में आएंगे तो उनका क्या होगा, जो उनके खिलाफ हैं. कोर्ट ने भी उनके इस बयान को गंभीरता से लिया था. कोर्ट ने साफ कहा था कि अगर चुनाव परिणाम टीएमसी के पक्ष में होता तो क्या होता!
कोर्ट ने कहा था कि यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है. ऐसा लगता है कि बुआ भतीजे के खिलाफ आने वाले समय में उनके बयान को आधार बनाकर और भी विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज किए जाते रहेंगे. ममता बनर्जी पर पहले ही सिलीगुड़ी में दो दो FIR दर्ज हो चुकी है. इसके अलावा कोलकाता में भी उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं. अब अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भी साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है.
