June 13, 2026
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दुर्गापूजा आयोजकों को नहीं मिलेगा सरकारी ‘चंदा’? क्या इस बार सिलीगुड़ी में भव्य तरीके से दुर्गा पूजा मनाई जा सकेगी?

Will Durga Puja organizers not receive government donations? Will Siliguri be able to celebrate Durga Puja in a grand manner this time?

अगर आप एक पंजीकृत दुर्गा पूजा आयोजक या पूजा क्लब आयोजक हैं तो यह भूल जाएं कि इस बार आपको बंगाल की भाजपा सरकार पूजा आयोजन के लिए आर्थिक अनुदान देने वाली है! पूर्ववर्ती ममता बनर्जी की सरकार में पूजा आयोजक या क्लबों को आर्थिक अनुदान दिया जाता था. एक-एक पूजा आयोजक को 110000 रुपए पिछली सरकार ने दिए थे. तो क्या इस बार यह राशि आपको मिलने वाली है?

सिलीगुड़ी समेत राज्य भर में दुर्गा पूजा की तैयारी शुरू हो गई है. राज्य में नई सरकार है, जो सनातन, धर्म और संस्कृति की वकालत करती है. सिलीगुड़ी के दुर्गा पूजा आयोजकों को लगता है कि राज्य में भाजपा की सरकार है, जो धर्म की रक्षा की बात करती है. ऐसे में दुर्गा पूजा आयोजन के लिए सरकार पूजा क्लबो॔ अथवा दुर्गा पूजा समितियो को भर भर कर पैसे या आर्थिक अनुदान देगी. लेकिन आज मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जैसा संकेत दिया है, उसके बाद सिलीगुड़ी के दुर्गा पूजा आयोजक और पूजा क्लब जरूर मायूस हो गए होंगे!

सुबेंदु अधिकारी ने कहा है कि इस बार उन्हीं दुर्गा पूजा समितियों अथवा क्लबो को आर्थिक अनुदान दिया जाएगा, जिन्हें वाकई इसकी जरूरत है. इसका मतलब यह है कि सभी पूजा क्लबों या पूजा समितियों को आर्थिक अनुदान नहीं मिलने जा रहा है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जो लोग पूरी तरह सक्षम है, उन्हें आर्थिक अनुदान नहीं दिया जाएगा. हालांकि उन्होंने किसे आर्थिक अनुदान मिलेगा और किसे आर्थिक अनुदान नहीं मिलेगा, इसका दायित्व राज्य की सूचना और संस्कृति विभाग को सौंप दिया है.

भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश के 18 राज्यों में चल रही है. भाजपा और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति रही है कि आर्थिक अनुदान केवल जरूरतमंदों के लिए ही हो. मोदी के सिद्धांतों और विचारों के अनुसार ही देश में भाजपा शासित सरकारें काम कर रही है. पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा भंडार योजना के नाम पर वर्तमान में जो कुछ चल रहा है, उसका अनुभव अच्छा नहीं है और अब 2 महीने बाद होने वाली दुर्गा पूजा की तैयारी के लिए बंगाल सरकार से बड़े आर्थिक अनुदान की आस लगाए आयोजकों को झटका लगा है.

सिलीगुड़ी में सभी तरह के दूर्गा पूजा आयोजक या पूजा क्लब पिछली सरकार से आर्थिक अनुदान प्राप्त करते रहे हैं. दुर्गा पूजा का आयोजन बजट के अनुरुप होता है. क्लब या तो चंदा प्राप्त करते हैं या फिर दूसरे स्रोतों से पूजा के लिए बजट तैयार करते हैं. इसमें सरकारी अनुदान उन्हें काफी राहत पहुंचाता है. सरकारी अनुदान रुक जाने से निश्चित रूप से पूजा आयोजन पर इसका असर पड़ेगा.

साफ संकेत है कि इस बार सिलीगुड़ी में चंदेक बड़े-बड़े पंडाल नजर आ सकते हैं. छोटे बजट वाले पूजा क्लब बस किसी तरह से पूजा आयोजन करने की ही बात सोचेंगे. सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों में दर्जनों पूजा क्लब है. उन्हें पिछली सरकार से अनुदान मिलता रहा है. अब इनमें से कितने क्लबो को भाजपा सरकार आर्थिक अनुदान देगी और कितना देगी, यह भी अभी स्पष्ट नहीं हुआ है.

हालांकि मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया है कि राज्य में धूमधाम से पहले की तरह ही दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाएगा. आपको बताते चलें कि राज्य में दुर्गा पूजा समितियों के लिए सरकारी अनुदान की शुरुआत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2018 में की थी. उस समय प्रत्येक दुर्गा पूजा समिति को ₹10000 दिए गए थे. इसके बाद हर साल अनुदान की राशि बढ़ाई जाती रही जो वर्ष 2025 में 110000 रुपए प्रति समिति तक पहुंच गई थी.

ममता बनर्जी की सरकार में दुर्गा पूजा आयोजकों को पैसे से लेकर बिजली बिल में छूट, फायर लाइसेंस शुल्क में राहत जैसी कई सुविधाएं मिलती थी. प्रश्न यह है कि क्या इस बार दुर्गा पूजा आयोजकों को यह सभी सुविधाएं मिलने जा रही है? लगता तो नहीं है. बहरहाल देखना होगा कि राज्य की भाजपा सरकार अनुदान के मामले में कौन सी नई नीति तय करती है और जरूरतमंद पूजा क्लबों के लिए कौन सा मापदंड तैयार करती है.

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