महंगाई के इस युग में एक तरफ लोगों का लिविंग स्टैंडर्ड बढा है, तो दूसरी तरफ कमाई के अवसर भी घट गए हैं. परंतु इसी समाज में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अपने व्यापार और अच्छी नौकरी से अच्छे पैसे कमा रहे हैं और बचत भी कर रहे हैं. ऐसे अधिकांश लोगों की इच्छा होती है कि वे ऐसी जगह निवेश करें, जहां कम समय में ही डबल कमाई हो सके. ताकि वे रातों-रात अमीर बन सकें.
एक मुहावरा है 99 का चक्कर. जिन लोगों को यह बीमारी लग जाती है, उन्हें अपनी बचत पर संतोष कम होता है और पैसे की भूख ज्यादा बढ़ जाती है. ऐसे लोग सोशल मीडिया अथवा दूसरे प्लेटफार्म पर ऐसी कंपनियों या एजेंटों की तलाश में जुट जाते हैं, जो उनके निवेश का अच्छा रिटर्न दे सके. बैंकों और पोस्ट ऑफिस में कम समय में अच्छा रिटर्न नहीं मिलता है. जबकि शेयर मार्केट हमेशा जोखिम भरा होता है.
ऐसे लोग कोई खतरा उठाना नहीं चाहते हैं और चाहते हैं कि ऐसी कंपनी या प्लेटफार्म मिले जहां वे निवेश करें तो किसी तरह का कोई जोखिम नहीं हो और उन्हें निश्चित अधिक से अधिक रिटर्न मिल सके. ऐसे ही लोगों की मानसिकता का फायदा उठा रहे हैं साइबर ठग, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी शेयर ट्रेडिंग डाल कर निवेशकों का पैसा हडप रहे हैं. ऐसे साइबर ठग ऐसे लोगों की तलाश कर रहे हैं, जिनके पास अच्छा पैसा होता है. इस श्रेणी में व्यापारी, सरकारी कर्मचारी या अधिकारी, पुलिस और सेना में काम करने वाले लोग इत्यादि.
आप चाहे जितना भी जानकार हो, लेकिन आप साइबर ठगों की तरह शातिर नहीं हो सकते. इन लोगों को पता होता है कि किसी को कितनी आसानी से बेवकूफ बनाया जा सकता है. आजकल सिलीगुड़ी में ऐसे लोग साइबर ठगों के अधिक शिकार हो रहे हैं. बहुत से मामले तो साइबर थानों तक पहुंच ही नहीं पाते हैं. लेकिन जब रकम बड़ी हो तो उसे पाने की छटपटाहट में ये लोग साइबर थानों में शिकायत दर्ज कराते हैं.
सिलीगुड़ी साइबर थाने में हाल के दिनों मे एक ऐसा ही मामला सामने आया है. देश की सुरक्षा में तैनात एक सैनिक को साइबर ठग ने अपना शिकार बना लिया. पीड़ित व्यक्ति माटीगाड़ा इलाके में तैनात है. उसने अपने एक परिचित के माध्यम से शेयर ट्रेडिंग के किसी ऐप में पैसे लगाए थे. अपने एक सहकर्मी की सलाह पर सैनिक ने उक्त प्लेटफॉर्म में लगभग 6.30 लाख रुपए निवेश किए थे.
उन्हें बताया गया था कि बहुत जल्दी उनका पैसा डबल हो जाएगा या फिर बैंकों, पोस्ट ऑफिस या शेयर बाजार से भी ज्यादा मुनाफा उन्हें मिलेगा. जवान को अपने भरोसे में लेकर उन्होंने उनका पैसा निवेश करवा दिया. उस शेयर ट्रेडिंग के ऐप में निवेश कराया गया,जो फर्जी था. लेकिन असली जैसा दिख रहा था. आरंभ में जैसा कि होता है, उक्त जवान के वॉलेट में भी काफी मुनाफा दिखाया गया, जो कि एक तरह से फर्जी होता है. क्योंकि यह पैसा आप निकाल भी नहीं सकते हैं.
लेकिन आपको संतोष जरूर होता है कि आपका पैसा तेजी से बढ़ रहा है. जब आपके वॉलेट में अच्छी खासी रकम जमा हो जाती है तो आपकी पैसे की भूख और बढ़ाई जाती है. कहा जाता है कि अपने दोस्त रिश्तेदारों को भी इस योजना में शामिल करो. इससे आपको और अधिक कमाई होगी. साथ ही मोटा कमीशन भी मिलेगा. माटीगाड़ा के इस जवान को भी ऑफर दिया गया कि मोटा कमीशन कमाने के लिए अपने यार दोस्त, रिश्तेदारों को अपनी योजना में शामिल करो.
लेकिन इसी बीच पीडित व्यक्ति को एहसास हुआ कि उसके साथ कहीं ना कहीं धोखा हो रहा है. यह एहसास उसे तब हुआ, जब उसे एक सेमिनार में बुलाया गया और कहा गया कि चैन मार्केटिंग इस प्लानिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. अगर उसे अपना पैसा चाहिए तो अपने खास लोगों को योजना से जोड़ना होगा. लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें अधिक रिटर्न का लालच नहीं है. उन्होंने जो निवेश किया है, वही रकम लौटा दो. लेकिन तथा कथित कंपनी और उसके एजेंटों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया.
यहीं से उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है. अपनी रकम वापस पाने के लिए व्यक्ति ने सिलीगुड़ी साइबर थाने से संपर्क किया और साइबर पुलिस को वे सभी कागजात और दस्तावेज दिखाए, जिसके माध्यम से उन्होंने निवेश किया था. साइबर पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. अगर आप भी कुछ ऐसा सोच रहे हैं तो ऐसे लोगों या कंपनियों के झांसे में न आए. क्योंकि सोशल मीडिया पर बहुत फर्जीवाड़ा हो रहा है.
ऐसे ऐसे एप्स डाले जा रहे हैं जो बिल्कुल फर्जी होते हैं. सिलीगुड़ी में पिछले 1 साल में इस तरीके से करोडों रुपए लोगों के स्वाहा हो चुके हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि निवेशक अपना पैसा निकालना चाहता है. लेकिन वह निकाल भी नहीं पाता. जब कंपनी के पास अच्छी खासी रकम जमा हो जाती है तो फर्जी ऐप को ही बंद कर दिया जाता है.
सिलीगुड़ी साइबर थाने के अधिकारियों ने सिलीगुड़ी के लोगों से अपील की है कि आप अपने पैसे को डबल बनाने के चक्कर में ना पड़े और ना ही अपने मित्र, रिश्तेदार, सहकर्मियों आदि की बातों में आए. सोच समझकर निवेश करें. किसी भी योजना में निवेश करने से पहले उसकी पूरी जांच पड़ताल कर लें. जब तक कंपनी की विश्वसनीयता का पता ना चले, आप भूल कर भी अपना पैसा न लगाएं.
