सिलीगुड़ी, 30 जून: पश्चिम बंगाल में पर्यटन क्षेत्र के विकास, विशेषकर उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र, तराई और डुआर्स में पर्यटन को नई गति देने के उद्देश्य से मंगलवार को सिलीगुड़ी में पर्यटन हितधारकों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में पश्चिम बंगाल सरकार की पर्यटन विकास संबंधी प्रस्तावित रणनीति और रोडमैप पर चर्चा की गई। इस दौरान पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने, नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने, पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने, कारोबार को सुगम बनाने तथा सतत पर्यटन (सस्टेनेबल टूरिज्म) को प्रोत्साहित करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
बैठक के दौरान दार्जिलिंग, तराई और डुआर्स क्षेत्र से आए पर्यटन व्यवसायियों, ट्रैवल एजेंटों, टूर ऑपरेटरों, होटल एवं होमस्टे संचालकों ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, चुनौतियों और विकास संबंधी सुझावों को साझा किया। उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और निवेश को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
राजू बिष्ट ने कहा कि उत्तर बंगाल में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा आवश्यक नीतिगत सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पर्यटन उद्यमियों और निवेशकों से राज्य में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
बैठक में पश्चिम बंगाल सरकार के पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष, एमएसएमई मंत्री अशोक डिंडा, पर्यटन विभाग के सचिव, अतिरिक्त सचिव, निदेशक पर्यटन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारक उपस्थित रहे।

