पश्चिम बंगाल सरकार के आदिवासी विकास विभाग द्वारा Kurseong के Garidhura कम्युनिटी हॉल में हूल दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने भाग लिया और भारत के प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम संथाल हूल के अमर वीरों सिद्धू मुर्मू, कान्हू मुर्मू, चांद मुर्मू, भैरव मुर्मू, फूलो मुर्मू और झानो मुर्मू को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर राजू बिष्ट ने कहा कि संथाल हूल के महान वीरों का साहस, बलिदान और शहादत अन्याय, शोषण तथा औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष की अमर गाथा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण आधार रहा है तथा उनका गौरवशाली इतिहास समानता, सामाजिक न्याय, सम्मान और समावेशी विकास के मूल्यों को मजबूत करता है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तथा राज्य में सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में “डबल इंजन” भाजपा सरकार “विकसित भारत” के लक्ष्य की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि आदिवासी एवं जनजातीय समुदाय सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान, समान अवसर और समृद्धि मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान सांसद राजू बिष्ट ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर मेधा पुरस्कार 2026 के पुरस्कार वितरण समारोह में भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर दार्जिलिंग जीटीए क्षेत्र के मेधावी अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

