यूं तो सिलीगुड़ी, समतल और दार्जिलिंग के पहाड़ी इलाकों में बारिश और भूस्खलन का सिलसिला लगातार जारी है. सिलीगुड़ी में मौसम की धूप छांव के बीच वर्षा, पहाड़ी भागों में लगातार वर्षा के चलते नदियों में बाढ़ की स्थिति तो बनती ही जा रही है.अब मौसम विभाग ने एक और धमाका कर दिया है. समतल और पहाड़ में भारी से भारी वर्षा, भूस्खलन, बिजली गिरने, मैदानी इलाकों में जल जमाव आदि का रेड और ऑरेंज दोनों तरह के अलर्ट जारी कर दिए हैं.
इस तरह का संकेत मिल रहा है कि पहाड़ी इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है. मूसलाधार बारिश के चलते दार्जिलिंग और कालिमपोंग के पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन तथा मिट्टी धंसने की आशंका प्रबल हो गई है. जबकि मैदानी इलाकों के निचले भागों में तथा तराई इलाकों में नदियों में बाढ़ आ सकती है. यह प्रशासन के लिए भी एक अलर्ट है जो बाढ की संभावना को देखते हुए स्थानीय लोगों को सावधान कर सकता है.
भारतीय मौसम विभाग ने नागरिकों से निवेदन किया है कि खराब मौसम और उल्कापात की संभावना को देखते हुए खुद को सुरक्षित रखने पर ध्यान दें. कमजोर और जर्जर मकानों में निवास ना करें. सुरक्षित स्थानों पर अभी से निकल जाए.मौसम विभाग ने कहा है कि पेड़ो और बिजली के खंबो के पास खड़े ना हो. अगर आवश्यक नहीं हो तो पहाड़ी इलाकों में इन दिनों यात्रा करने से बचे. अतिरिक्त सावधानी जरूरी है.
भारतीय मौसम विभाग ने आज से 20 जुलाई तक दार्जिलिंग, कालिमपोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं पहाड़ी इलाकों में भारी भूस्खलन हो सकता है.जबकि मैदानी इलाकों में जल जमाव का खतरा बढ़ गया है. नदियों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. प्रशासन को भी इसके मद्देनजर आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. जिस तरह का संकेत मिल रहा है, उसके अनुसार मैदानी इलाकों में बिजली गिरने का खतरा बढ़ गया है.
उत्तर बंगाल में एक बार फिर से मानसून की सक्रियता बढ़ गई है. जिसके कारण बारिश एक नया रिकॉर्ड बना सकती है. मौसम विभाग के सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र और मजबूत होकर वेल मार्कड लो प्रेशर एरिया में तब्दील हो गया है. इससे जो वेदर सिस्टम बना है, उसके प्रभाव से उत्तर बंगाल के उपरोक्त जिलों में आज से 20 जुलाई तक बारिश एक तबाही ला सकती है.
उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों में बारिश का परिमाण अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग है. सर्वाधिक वर्षा अलीपुरद्वार के बक्साद्वार में दर्ज की गई है. यहां 80 मिलीमीटर वर्षा पिछले 24 घंटे में हुई है. इसके बाद बीच टी गार्डन में भी 70 मिलीमीटर वर्षा हुई है. जबकि पिछले 24 घंटे के दौरान दार्जिलिंग जिले में 60 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है. यह सिलीगुड़ी के चंपासारी में वर्षा का परिमाण है.
आज रात तक उत्तर बंगाल के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में भूखलन का भी खतरा बढ़ गया है. दार्जिलिंग, कालिमपोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में एक या दो स्थानों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही Dooars और मैदानी इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है.
जबकि शनिवार को जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में एक या दो स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होगी. इसका परिमाण 7 से 20 सेंटीमीटर हो सकता है. जबकि दार्जिलिंग, कूचबिहार और कालिमपोंग जिलों में होने वाली भारी बारिश का परिमाण 7 से 11 सेमी होने का अनुमान लगाया गया है. मौसम विभाग ने रविवार और सोमवार को होने वाली वर्षा को लेकर एक रेड सिग्नल जारी किया है.
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रविवार और सोमवार को उत्तर बंगाल के पांच प्रमुख जिलों, जिनमें दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, अलीपुरद्वार और कालिमपोंग शामिल है, यहां वर्षा एक रिकार्ड तोड़ सकती है. यहां के लिए रविवार और सोमवार को रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट दोनों जारी किया गया है. इन इलाकों में 12 से लेकर 20 सेमी तक वर्षा होने का अनुमान जारी किया गया है.
