August 5, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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सिलीगुड़ी में घर-घर दस्तक दे रहा वायरल!

सावधान हो जाइए! बरसात में गंदगी, जगह-जगह जल भराव और जीवन शैली में आ रहे बदलाव ने सिलीगुड़ी के लोगों को संक्रमित करना शुरू कर दिया है. अगर आपके घर और आसपास में गंदगी, कूड़े का ढेर पड़ा हो या आपके पड़ोस में खाली प्लॉट हो, जहां जल जमा हो, तो तुरंत इसकी जानकारी अधिकारियों को दें. क्योंकि सिलीगुड़ी में इस समय वायरल तेजी से फैल रहा है.

सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 5 के निवासी साधारण चिकित्सक राघव किसी जरूरी काम से बाहर जाने के लिए घर से बाहर निकले तो पड़ोस के शर्मा जी ने बुला लिया. कहा, जरा मेरे घर होकर जाइएगा. क्या बात है? राघव जी ने पूछा. शर्मा जी ने बताया कि पिछले दो दिनों से उनके परिवार में लगभग सभी सदस्यों को सर्दी खांसी बुखार है. आप कोई सलाह दीजिए.राघव जी ने कहा, घबराने की कोई बात नहीं है. बरसात के मौसम में वायरल का संक्रमण चल रहा है. दो-तीन दिनों में ठीक हो जाएगा. दवा समय पर देते रहिएगा.

जब राघव जी अपने क्लीनिक कम मेडिकल स्टोर पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि दुकान पर दवा लेने वालों की काफी भीड़ थी. उनमें ऐसे लोग भी थे, जो रह रहकर खांस रहे थे, तो कुछ मरीज ऐसे भी थे जिनके शरीर में दर्द था. राघव जी के पहुंचते ही एक-एक कर वहां दवा लेने आए मरीजों ने अपनी समस्या बतानी शुरू कर दी. राघव जी ने उन सभी को दवाइयां दी और तीन-चार दिनों तक घर पर आराम करने की सलाह दी.

सिलीगुड़ी में हर दूसरे तीसरे परिवार में वायरल का संक्रमण चल रहा है. बरसात में भीग जाने या खानपान में अनियमितता, त्रुटि होने आदि विभिन्न कारणों से लोग बीमार पड़ रहे हैं. किसी के गले में दर्द रहता है तो किसी का सर दर्द, कोई बुखार से पीड़ित है तो कोई खांसी से पीड़ित है. राह चलते भी ऐसे लोग मिल जाएंगे. मेडिकल स्टोर्स पर इस समय वायरल से संक्रमित लोगों की भीड़ देखी जा सकती है. डॉक्टरों के क्लीनिक में अधिकतर रोगी वायरल संक्रमित पहुंच रहे हैं.

वायरल एक प्रकार की बीमारी है. डॉक्टरों के अनुसार यह बीमारी मौसम के बदलाव के समय ज्यादातर उन लोगों को होती है, जिनकी इम्यूनिटी सिस्टम कमजोरी रहती है. इस बीमारी के मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, अत्यधिक थकान और गले में खरास शामिल हैं. यह लक्षण वायरल के प्रकार और शरीर के प्रभावित हिस्से के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं.

वायरल के सामान्य लक्षणों में बुखार, थकान, दर्द का होना स्वाभाविक है. रोगी को कभी ठंड लगती है तो कभी उसके शरीर का तापमान बढ़ जाता है. शरीर में भारीपन और कमजोरी महसूस होती है. मांसपेशियों, जोड़ो और सर में तेज दर्द हो सकता है. इसके अलावा गले में खराश जैसे गले में चुभन या दर्द होना हो सकता है. खांसी और जुकाम भी हो सकता है. लगातार छींक आना, लगातार खांसी आना, नाक बहना इत्यादि इसके लक्षण हैं. कुछ मरीजों को उल्टी और दस्त भी होती है.

वायरल बुखार के कारणों की बात करें तो यह एक प्रकार का वायरस होता है, जो हवा में सांस लेने के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है. दूषित भोजन या पानी का सेवन करने से भी पाचन तंत्र में वायरस प्रवेश कर सकता है. कुछ वायरस कीटो अथवा जानवरों के काटने से भी फैलते हैं. मच्छर और डेंगू के कारण भी वायरस हवा में फैल सकते हैं. मच्छर या डेंगू के काटने से भी वायरल या डेंगू बुखार हो सकता है. ज्यादातर बरसात के समय यह बीमारी लोगों को होती है.

अगर आप चाहते हैं कि वायरल जनित बीमारियों से बचें तो साफ सफाई से लेकर अपने घर तथा पास पड़ोस में जल जमाव ना होने दें. इसके अलावा शारीरिक स्वच्छता, खाने से पहले हाथ धोना जरूरी है. अगर किसी व्यक्ति को सर्दी जुकाम हो जाता है तो उसे लगातार मास्क पहनते रहना चाहिए. इसके अलावा घर पर आराम करें. बच्चों को स्कूल ना भेजें. पर्याप्त आराम और नींद जरूरी है. पर्याप्त मात्रा में जल का सेवन करें.

खान-पान में सुधार, बासी भोजन से परहेज जरूरी है. सर्दी जुकाम खांसी आदि बुखार या शरीर में दर्द होने पर हल्दी वाला दूध और काढा जरूर सेवन करें. चाय में तुलसी के पत्ते, अदरक का सेवन करें. शहद और नींबू का मिश्रण गले को आराम पहुंचाता है. विशेषज्ञों के अनुसार वायरल बुखार में पेरासिटामोल लेना चाहिए. ना कि एंटीबायोटिक. अगर दो-तीन दिनों में वायरल ठीक नहीं होता है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और डॉक्टर के निर्देशानुसार दवाइयों का सेवन करना जरूरी है. वायरल से बचाव के लिए इन उपायों को आज ही शुरू कर दें.

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