सितंबर महीने में बैंक कई दिनों तक बंद रहने वाले हैं. इनमें चार रविवार,चार शनिवार के अलावा सितंबर में गणेश चतुर्थी व कुछ दूसरे त्यौहार आ रहे हैं. मोटे तौर पर 12 से 15 दिनों तक बैंक बंद रह सकते हैं. यह जानना जरूरी है कि आपका बैंक कब-कब बंद रहने वाला है? लेकिन बैंकों की लगातार चार दिनों तक छुट्टी सबसे ज्यादा लोगों को प्रभावित कर सकती है.
लगातार चार दिनों तक बैंकों में कामकाज नहीं होने से बाजार भी प्रभावित होंगे. आइए जानते हैं कि बैंकों में लगातार चार दिनों तक कामकाज क्यों प्रभावित होगा और कब प्रभावित होगा? यह जानकारी होने पर आप उसके अनुरूप बैंक संबंधी अपनी योजना को सफलतापूर्वक अंजाम दे सकते हैं.
दरअसल बैंकों की हड़ताल सितंबर महीने में एक बार फिर से होने जा रही है. बैंक हड़ताल से लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. व्यापारियों के कामकाज प्रभावित होंगे. इसके अलावा बाजार पर भी इसका भारी असर पड़ सकता है. बैंक यूनियनों की पुरानी मांगें एक बार फिर से हड़ताल के रूप में सामने आ रही है.
बैंक यूनियन की पुरानी मांगों में 5 दिनों तक बैंकिंग कार्य, PIL में समानता, पेंशन अपडेट और एनपीएस से OPS में जाने का विकल्प आदि शामिल हैं. यूनियन काफी समय से यह मांग करती आ रही है. इस बार यह हड़ताल कुछ जोरदार होने वाली है. हालांकि सितंबर महीने में 1 दिन की ही बैंक हड़ताल है, लेकिन बैंकों में काम काज चार दिनों तक प्रभावित होगा.
दरअसल 11 सितंबर को देश के नौ प्रमुख बैंकों के कर्मचारी और अधिकारियों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल बुलाई है. 11 सितंबर को शुक्रवार है. जबकि 12 सितंबर दूसरा शनिवार होने के कारण उस दिन बैंक का कामकाज नहीं होता है. 13 सितंबर रविवार होने से बैंक बंद रहता है. जबकि 14 सितंबर को देश के कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी का त्यौहार होने के चलते बैंक बंद रह सकते हैं बंद हो सकते हैं
सिलीगुड़ी में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी. इसलिए उस दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा. केवल बंगाल ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों में भी 14 सितंबर को बैंक की छुट्टी रह सकती है. इस तरह से एक दिन की बैंक हड़ताल के चलते ग्राहकों और व्यापारियों को लगातार चार दिनों तक बैंक संबंधी कार्यों से विमुख रहना पड़ सकता है. अगर आप बैंकिंग संबंधी कोई कार्य योजना बना रहे हैं तो 11 सितंबर से लेकर 14 सितंबर की वैकल्पिक तैयारी पहले से करके रखें. इसे आपको असुविधा का सामना नहीं करना होगा.
यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस की यह हड़ताल पिछली हड़ताल की कड़ी के रूप में ही है. दरअसल इंडियन बैंक एसोसिएशन 8 मार्च 2024 को 5 दिन बैंकिंग कार्य प्रणाली के प्रस्ताव पर सहमत हुआ था. बैंकों की कई ऐसी मांगे हैं जिस पर सरकार ने अभी तक विचार नहीं किया है. उम्मीद की जा रही है कि 11 सितंबर को होने वाली बैंकों की हड़ताल भारतीय अर्थव्यवस्था और मुद्रा को काफी प्रभावित कर सकती है.
इसके अनुसार सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना काम के घंटे 40 मिनट बढ़ाने की बात हुई थी. बैंक यूनियंस का आरोप है कि 2 साल से भी ज्यादा समय बीत गया. लेकिन इस प्रस्ताव को अभी तक लागू नहीं किया गया. इसके अलावा बैंक यूनियन और सरकार के बीच परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PILको लेकर भी विवाद चल रहा है.
यूनाइटेड फोरम बैंक यूनियंस का कहना है कि इंडियन बैंक एसोसिएशन के साथ उसकी जो बातचीत हुई थी, उसके मुताबिक PIL बैंक के कुल प्रदर्शन से जुड़ा होना चाहिए था. जबकि यूनियन के मुताबिक सरकार की मौजूदा योजना में स्केल 4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर pIL का प्रावधान है. यह अधिकतम 365 दिनों के बेसिक पे तक हो सकता है.
बैंक यूनियनों की अन्य लंबित मांगों में पेंशन अपडेट और पेंशन में सुधार भी शामिल है. यूनियन सभी पेंशनधारियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फार्मूला लागू करने की मांग कर रही है. बैंक यूनियन की अन्य मांगों में एनपीएस के तहत आने वाले बैंक कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम में जाने का विकल्प देने की मांग भी शामिल है. सरकार ने इसे अभी तक अधर में रखा है.
इस तरह से यह कहा जा सकता है कि सितंबर में बैंकों में 12 से 15 दिनों तक कामकाज नहीं हो सकेंगे. इनमें चार रविवार और चार शनिवार भी शामिल है. अगर आप एक व्यापारी हैं या दुकानदार हैं या फिर सामान्य ग्राहक है तो बैंकों की इस छुट्टी को ध्यान में रखते हुए ही अपनी योजना निर्धारित करें.
