सिलीगुड़ी: कैलाश यात्रा पर निकले सिलीगुड़ी के समर मंडल नेपाल के रासुवा में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद से लापता हैं। शहर के बोउबाजार इलाके के रहने वाले समर की कोई जानकारी नहीं मिलने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। नेपाल में प्राकृतिक आपदा की खबर सामने आने के बाद परिवार के लोग कभी फोन के जरिए तो कभी परिचितों के माध्यम से समर की तलाश की कोशिश कर रहे हैं।
परिवार के मुताबिक, समर 16 अगस्त को सिलीगुड़ी से काठमांडू के लिए रवाना हुए थे। 17 अगस्त को काठमांडू पहुंचने के बाद उन्होंने कैलाश यात्रा शुरू की। बताया जा रहा है कि उनके साथ यात्रा कर रहे अन्य लोग फिलहाल सुरक्षित हैं। हालांकि, यात्रा के दौरान समर की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें समूह से अलग होकर रासुवा इलाके में रुकना पड़ा था। इसके बाद ही नेपाल में यह भीषण प्राकृतिक आपदा आ गई।
परिवार के अनुसार, 26 अगस्त की सुबह करीब 8 बजकर 15 मिनट पर समर ने अपनी मां से फोन पर बात की थी। यही उनकी परिवार के साथ आखिरी बातचीत थी। इसके बाद से उनका फोन नहीं लग रहा है और किसी तरह का संपर्क नहीं हो पाया है।
शुरुआत में संपर्क टूटने को लेकर परिवार चिंतित था, लेकिन रासुवा में फ्लैश फ्लड की भयावह खबर सामने आने के बाद यह चिंता गहरे डर में बदल गई। परिवार के पास फिलहाल समर की मौजूदा स्थिति या लोकेशन को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।
रासुवा में आपदा के कारण कई इलाकों में संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे लापता लोगों के बारे में जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है। समर के परिजन लगातार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं और उन्हें उम्मीद है कि राहत एवं बचाव अभियान के जरिए जल्द ही समर का पता लगाया जा सकेगा।
इस बीच, घटना की जानकारी मिलने के बाद डाबग्राम-फूलबाड़ी क्षेत्र की विधायक शिखा चटर्जी समर मंडल के घर पहुंचीं। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर पूरी स्थिति की जानकारी ली और परिवार को भरोसा दिलाया।
नेपाल के आपदाग्रस्त इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। हेलीकॉप्टर और बचाव दलों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है। समर के परिवार की अब एक ही उम्मीद है कि बचाव अभियान के दौरान उनका जल्द पता चले और उन्हें सुरक्षित घर वापस लाया जा सके।
परिवार की अपील है कि नेपाल के रासुवा इलाके में जारी खोज एवं बचाव अभियान के दौरान समर मंडल की भी तलाश तेज की जाए और उनकी स्थिति की जल्द से जल्द पुष्टि की जाए।

