August 28, 2026
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नेपाल में अब तक की सबसे बड़ी तबाही की आशंका! झील का तटबंध टूटा!

Nepal faces its worst disaster yet! Lake embankment breaches!

चीन नेपाल सीमा पर ग्लेशियर ध॔सने से मलबे की बनी झील का तटबंध आखिरकार टूट गया. चीन ने पहले ही इसकी चेतावनी दे दी थी. कुछ समय पहले तक झील का पानी ओवरफ्लो कर रहा था. अब सूचना मिल रही है कि तटबंध से पानी बाहर जाने लगा है. यह नेपाल का कितना बड़ा नुकसान करेगा, इसका पता जल्द ही लग जाएगा.

इस बीच नेपाल में भीषण बाढ़ के चलते मरने वालों का आंकड़ा 538 के पार पहुंच गया है. जबकि डेढ़ हजार से ज्यादा लोग अभी लापता है. बंगाल के अनेक लोगो का अब तक पता नहीं चला है. नेपाल के प्रधानमंत्री वालेन शाह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया है. हालत काफी गंभीर है. इस बीच नेपाल में एक बार फिर से महा तबाही की आशंका व्यक्त की गई है.

फिलहाल नेपाल पुलिस और राहत व बचाव दल ने अपना काम रोक दिया है. स्थिति पर नजर रखी जा रही है. प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. नेपाल में खतरे पर खतरा मंडरा रहा है. पहली त्रासदी में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं. बचाव और राहत कार्य अभी चल ही रहा है. इसी बीच एक और बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है. यह मुसीबत कितनी बड़ी जानलेवा साबित होती है, जल्द ही नतीजा सामने आएगा.

जहां झील टूटी है, यह इलाका गियरोंग बॉर्डर का है. यह चीन सीमा के निकट है. चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार झील से पानी बाहर निकलना शुरू हो गया है. जिसके कारण नदी का जल स्तर भी बढ़ता जा रहा है. इसी झील के बारे में पिछले दो दिनों से तरह-तरह की सूचनाओं के कारण नेपाल का जनमानस आतंक के साए में जी रहा है.

चीन के इंजीनियरों ने यहां किए एक सर्वे में झील में लगभग 25 लाख क्यूबिक मीटर से ज्यादा पानी होने का अनुमान लगाया है. जबकि एक दिन पहले इसी टीम ने 15 से 20 लाख क्यूबिक मीटर पानी होने का अनुमान लगाया था. इससे पता चलता है कि कितनी तेजी से पानी बढ़ रहा है और यह पानी नदियों में जाएगा, जहां पहले से भी ज्यादा प्रलय ला सकता है.

नेपाल में जनमानस सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहा है. उधर चीन ने भी अपने बचाव दल तथा राहत कार्य में लगे वाहनों को प्रभावित क्षेत्र से हटाकर सुरक्षित क्षेत्र में भेज दिया है. झील के तटबंध टूटने के साथ ही पहाड़ों के खिसकने और हिमस्खलन जैसी आपदाओं का खतरा भी बढ़ गया है. वैज्ञानिक चिंता व्यक्त कर रहे हैं कि आखिरकार नेपाल को महा तबाही से कैसे बचाया जाए!

चीनी इंजीनियर झील के प्राकृतिक बांध में नीचे की तरफ एक निकासी चैनल बनाने का विकल्प भी देखते हैं. अगर ऐसा होता है तो पानी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. बहरहाल झील का तटबंध टूट चुका है और पानी कितनी तेजी से नीचे की ओर जाता है यह अगले कुछ समय में ही पता चल जाएगा और इससे यह भी पता चल जाएगा कि नेपाल में तबाही कितनी बड़ी है!

दावा किया जा रहा है कि पानी का बहाव 1 सितंबर के आसपास चरम पर पहुंच सकता है. इस बात की तस्दीक नेपाल पुलिस भी कर रही है. नेपाल पुलिस के अधिकारी पी चौधरी बताते हैं कि खतरा बडा है. त्रिशूली इलाके में नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. हालांकि हमने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का काम शुरू कर दिया है. इसके साथ ही राहत एवं बचाव कार्य को भी रोक दिया गया है.जो भी हो, अगला कुछ समय नेपाल के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होने वाला है.

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