बागडोगरा, पानी टंकी, खोरीबारी, गलगलिया, ठाकुरगंज आदि क्षेत्रों तथा आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए इससे बड़ी खुशी की बात और क्या हो सकती है कि उनका बागडोगरा से गलगलिया तक via पानी टंकी, खोरीबाड़ी फोरलेन सड़क निर्माण का सपना साकार होने जा रहा है. केंद्र सरकार सिलीगुड़ी गलियारा और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास, सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि को लेकर अपना मिशन पहले ही स्पष्ट कर चुकी है.
दार्जिलिंग जिले में स्थित राष्ट्रीय हाईवे संख्या 327 सिलीगुड़ी गलियारा के लिए एक अहम स्थान रखता है. न केवल आवागमन कम्युनिकेशन बल्कि व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च पथ है. लेकिन इस महत्वपूर्ण सड़क का विकास न होने से कारोबार से लेकर परिवहन संचार व्यवस्था ठप पड़ी थी, जिसको लेकर यहां के लोगों ने सांसद राजू विष्ट और केंद्रीय नेताओं से पहले भी शिकायत की थी.
सडक की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय कुछ संगठनों ने कई बार आंदोलन भी किए गए थे. अंततः दार्जिलिंग के सांसद और भाजपा नेता राजू बिष्ट के सक्रिय सहयोग और भागदौड़ से NH 327 के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है. बागडोगरा से लेकर गलगलिया तक लगभग 31 किलोमीटर सड़क निर्माण पर 2077.18 करोड़ रुपए खर्च होंगे. केंद्र सरकार ने फोरलेन सड़क निर्माण के लिए राशि आवंटित कर दी है. सिलीगुड़ी और आसपास के लोग केंद्र सरकार के इस कदम से काफी खुश नजर आ रहे हैं. खासकर बागडोगरा आदि क्षेत्रों के लोग अपने सपने को सच होते देख रहे हैं.
इस पूरे प्रकल्प में तीन बड़े ब्रिज का निर्माण होना है. एक रोड ओवर ब्रिज भी बनेगा. इसके अलावा हाथियों के लिए अंडरपास बनाया जाएगा. साथ ही सर्विस रोड का निर्माण राष्ट्रीय उच्च पथ के दोनों और किया जाएगा, जिससे रोड के दोनों तरफ के गांव सीधा सड़क से जुड़ जाएंगे. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न केवल यहां के लोगों को ही बल्कि वन्य जीव द्वारा की जाने वाली दैनिक और सामान्य गतिविधियों में भी आसानी होगी.
जानकार मानते हैं कि इन क्षेत्रों के लोगों के लिए NH 327 एक जीवन रेखा से कम नहीं है. यहां फोरलेन सड़क बन जाने से स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ-साथ कारोबारियों को भी अपना कारोबार करने में आसानी होगी. राष्ट्रीय उच्च पथ के आस-पास के क्षेत्र व्यापारिक दृष्टिकोण से काफी फलित होंगे. इसके अलावा इस फोरलेन सड़क निर्माण के पूरा हो जाने से पूर्वोत्तर भारत की सड़क कनेक्टिविटी को एक नई गति और मजबूती मिलने वाली है.
नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमा पर स्थित सिलीगुड़ी को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण हाईवे पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को आसान और मजबूती के लिए भी जाना जाता है. प्रस्तावित प्रोजेक्ट की रूपरेखा कुछ ऐसी है कि बागडोगरा, नक्सलबाड़ी, खोरीबाड़ी, पानी टंकी आदि इलाकों से बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचने में समय भी कम लगेगा. इन क्षेत्रों में कृषि, होरटीकलचरल, चाय तथा दूसरे स्थानीय उत्पादों को एक विस्तृत बाजार भी मिलने का विशेषज्ञ दावा कर रहे हैं.
