September 1, 2026
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महंगाई पर प्रशासन सख्त, थोक और खुदरा कारोबारियों के साथ अहम बैठक

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पश्चिम बंगाल में पिछले कई सप्ताह से सब्जी, मछली, मांस, फल समेत आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। थोक बाजार से लेकर खुदरा बाजार तक कीमतों में अंतर और ग्राहकों से अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतों के बीच मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्यभर में बाजारों की निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में सिलीगुड़ी में भी एसडीओ, पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमों ने विभिन्न बाजारों में निरीक्षण अभियान चलाया। रेगुलेटेड मार्केट, बकराकोट बाजार, हैदरपाड़ा बाजार समेत शहर के अलग-अलग बाजारों में अधिकारियों ने दुकानदारों से वस्तुओं की खरीद और बिक्री कीमतों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कुछ जगहों पर थोक और खुदरा कीमतों में अंतर भी सामने आया।
इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को सिलीगुड़ी स्टेट गेस्ट हाउस में एसडीओ के आयोजन में खुदरा एवं थोक व्यापारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी ईस्ट जोन राना मुखर्जी मौजूद रहे। उनके साथ पुलिस विभाग के दो अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। इसके अलावा संबंधित प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
बैठक में डीसीपी ईस्ट जोन राना मुखर्जी ने व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि थोक और खुदरा कीमतों के बीच अनावश्यक अंतर को कम किया जाए। साथ ही दुकानदारों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे जिन कीमतों पर सब्जी, फल, मछली, मांस या अन्य आवश्यक वस्तुएं खरीद रहे हैं, उस खरीद मूल्य के साथ बिक्री मूल्य को भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें।

प्रशासन का मानना है कि इससे ग्राहकों को वस्तुओं की खरीद और बिक्री कीमतों की जानकारी मिल सकेगी और उन्हें अनावश्यक रूप से अधिक कीमत चुकाने से बचाया जा सकेगा।
अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में बाजारों में दोबारा संयुक्त जांच अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में पुलिस के साथ कंज्यूमर अफेयर्स, फूड डिपार्टमेंट और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम शामिल रहेगी। बाजारों में कीमतों, स्टॉक और खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।

वहीं, बैठक में व्यापारियों ने प्रशासन के सामने अपनी कुछ व्यावहारिक समस्याएं भी रखीं। व्यापारियों का कहना है कि बड़े दुकानदारों के लिए खरीद और बिक्री मूल्य प्रदर्शित करना संभव है, लेकिन छोटे-छोटे खुदरा विक्रेताओं के लिए इसमें कुछ दिक्कतें हैं। कई छोटे व्यापारी सीमित समय के लिए बाजार में आते हैं, एक-दो घंटे में सामान खरीदकर अलग-अलग स्थानों पर बिक्री के लिए चले जाते हैं। ऐसे व्यापारियों के लिए खरीद मूल्य और बिक्री मूल्य को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

व्यापारियों ने कहा कि बैठक में प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों को समझाया गया है और वे नियमों का पालन करने की पूरी कोशिश करेंगे। हालांकि, उन्होंने छोटे खुदरा कारोबारियों की व्यावहारिक समस्याओं को भी प्रशासन के सामने रखने की बात कही।

कुल मिलाकर, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण और ग्राहकों को राहत देने के लिए प्रशासन ने बाजारों की निगरानी तेज कर दी है। अब आने वाले दिनों में होने वाले संयुक्त निरीक्षण अभियान में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि थोक और खुदरा कीमतों में अंतर कितना कम होता है और बाजार में ग्राहकों को इसका कितना लाभ मिलता है।

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