भारत सरकार ने जयगांव से लेकर सिलीगुड़ी समेत पूरे उत्तर बंगाल को पूजा पर एक कीमती तोहफा दिया है. वैसे तो यह फायदा पूरे भारत को मिला है. परंतु जयगांव, सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी और आसपास के जिले को सबसे ज्यादा लाभ हुआ है. क्योंकि उत्तर बंगाल के लोगों को जयगांव से होकर भूटान आने जाने, कारोबार करने, घूमने, रिश्तेदारी निभाने का सबसे ज्यादा अवसर मिलता है. अब भारत भूटान यात्रा करने, करेंसी का भुगतान करने इत्यादि में कोई समस्या नहीं रहेगी. भारत सरकार ने यूपीआई पेमेंट को भूटान सरकार के साथ मिलकर हरी झंडी दे दी है.
केन्द्र सरकार के इस तोहफे से न केवल आम जनता बल्कि कारोबारी और व्यापारी काफी खुश हैं. भारत सरकार के इस फैसले से उन लोगों को सबसे ज्यादा खुशी होगी, जो भूटान से जुड़कर कारोबार करते हैं. चाहे वह पर्यटन हो या व्यापार या फिर सामान्य आवागमन. केंद्र सरकार ने उन्हें भूटानी करेंसी एक्सचेंज संबंधित विभिन्न कठिनाइयों से भारी राहत दी है. भूटान से जयगांव, सिलीगुड़ी अथवा भारत के किसी भी कोने में लौटने के लिए लोगों को भूटानी करेंसी एक्सचेंज करने के लिए अनधिकृत अथवा थर्ड पार्टी सेवा की आवश्यकता नहीं होगी. वे सीधे यूपीआई से भुगतान कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं देना होगा.
केंद्र सरकार के इस फैसले ने जय गांव मर्चेंट एसोसिएशन और दूसरे व्यापारिक संगठनों को काफी राहत दी है. इससे उनका व्यापारिक स्वाभिमान और वैधानिक विश्वास बढ़ जाएगा. काफी लंबे अरसे के व्यापारिक संगठनों के संघर्ष और भाग दौड़ के बाद उनका सपना साकार हुआ है. आज सरकार द्वारा प्रदत्त खुशी को साझा करते हुए जयगांव मर्चेंट एसोसिएशन ने भारत सरकार और भूटान सरकार को धन्यवाद दिया है और विश्वास व्यक्त किया है कि दोनों सरकारों की इस पहल से जयगांव और भूटान के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे. भारत और भूटान की यह पहल व्यापारिक और सामाजिक सहयोग को गति प्रदान करेगी.
दरअसल भारत सरकार ने भूटान में यूपीआई भुगतान के दूसरे चरण का उद्घाटन कर दिया है. आपको याद होगा कि यूपीआई पेमेंट के पहले चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काफी पहले किया था और तब से व्यापारिक संगठनों और कारोबारी व्यक्तियों तथा पर्यटकों के द्वारा मांग की जा रही थी कि सरकार इसके दूसरे चरण का भी उद्घाटन शीघ्र कर दे. सर्वप्रथम जयगांव मर्चेंट एसोसिएशन ने जयगांव से लेकर सिलीगुड़ी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भूटान करेंसी के एक्सचेंज में आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया था. आखिरकर विदेश मंत्री जय शंकर के भूटान दौरे के बाद उत्तर बंगाल के लोगों को यह तोहफा मिला.
आज भी जयगांव और आसपास के इलाकों में ऐसी एजेंसियां सक्रिय हैं जो अवैध तरीके से मनमानी रेट पर भूटानी करेंसी एक्सचेंज करती है. जो भारतीय जयगांव से होकर भूटान में दाखिल होते हैं, लौटते समय उन्हें बॉर्डर पर भूटानी करेंसी एक्सचेंज करने की आवश्यकता होती है. इसके लिए उन्हें थर्ड पार्टी के पास जाना पड़ता है, जो मोटा कमीशन लेकर भारतीय करेंसी का भुगतान करती है. जयगांव मर्चेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट R.S. गुप्ता ने भी एक पत्रकार वार्ता के दौरान अपने अनुभवों को साझा किया. उन्होंने कहा कि भूटान से लौटने वाले भारतीय लोगों को भूटान करेंसी एक्सचेंज करने के लिए थर्ड पार्टी की सेवा लेनी पड़ती है.
भारत भूटान सीमा पर अथवा जय गांव में भूटान की करेंसी एक्सचेंज करने पर भारतीयों को मनमानी कीमत चुकानी पड़ती है. भूटान घूमने वाले भारतीय पर्यटक और नागरिक भी इस बात की पुष्टि करते हैं. लीगल एक्सचेंज काउंटर नहीं होने के चलते व्यापारी और कारोबारी काफी मजबूर हैं और उन्हें थर्ड पार्टी की मनमानियों का सामना करना पड़ता है. अब यूपीआई भुगतान के दूसरे चरण का उद्घाटन होने के बाद भारतीय लोगों को इन सबसे निजात मिल गई है. भारत सरकार की इस पहल के बाद उम्मीद की जा रही है कि बहुत जल्द यहां वैधानिक रूप से एक्सचेंज काउंटर भी खुल जाएगा. जय गांव मर्चेंट एसोसिएशन ने भी उम्मीद व्यक्त की है कि जल्द ही यहां वैधानिक रूप से एक्सचेंज काउंटर खुल जाएगा.
